18 अगस्त 2026
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खामेनेई की तदफीन 9 जुलाई को मशहद में, तेहरान में 1 करोड़ लोग जुटने की उम्मीद

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खामेनेई की तदफीन 9 जुलाई को मशहद में, तेहरान में 1 करोड़ लोग जुटने की उम्मीद

सारांश

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई की तदफीन 9 जुलाई को मशहद में होगी। तेहरान में 1 करोड़ से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद है। सरकार ने 5,000 स्कूल खोले, होटल किराए में 50% छूट और मेट्रो निशुल्क की — यह ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय शोक-आयोजन बन रहा है।

मुख्य बातें

अयातुल्ला अली खामेनेई की तदफीन 9 जुलाई को मशहद के इमाम रजा दरगाह में होगी।
4 जुलाई से तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में श्रद्धांजलि समारोह शुरू; 1 करोड़ से अधिक लोगों के पहुँचने की उम्मीद।
ईरान सरकार ने 5,000 से अधिक स्कूलों की 40,000–50,000 कक्षाएँ आवास के लिए खोलीं; होटल किराए में 50% छूट।
तेहरान मेट्रो और सरकारी बसें पूरी तरह निशुल्क ; बस-रेल मार्ग बदले गए।
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने श्रद्धांजलि दी।
एस-300 और बावर-373 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात; तेहरान में ड्रोन और निजी विमानों पर पूर्ण प्रतिबंध।

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया 4 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हो गई। शोकाकुल लोगों की भारी भीड़ सुबह से ही वहाँ उमड़ पड़ी, और आयोजकों के अनुसार अकेले तेहरान में 1 करोड़ से अधिक लोगों के पहुँचने की उम्मीद है। अंतिम संस्कार की रस्में कई चरणों में पूरी होंगी और 9 जुलाई को मशहद में इमाम रजा दरगाह में तदफीन होगी।

मुख्य घटनाक्रम और कार्यक्रम की रूपरेखा

स्मृति समारोह के आयोजन मुख्यालय के अनुसार, ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम रविवार तक जारी रहेगा। इसके बाद सोमवार को तेहरान में जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा। मंगलवार को पवित्र शहर कॉम और गुरुवार को मशहद में रस्में होंगी, जहाँ खामेनेई को इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। बुधवार को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

अंतर्राष्ट्रीय श्रद्धांजलि और भारतीय प्रतिनिधिमंडल

शुक्रवार को तेहरान में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों, गणमान्य व्यक्तियों और धार्मिक नेताओं ने आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन शामिल रहे। मार्गेरिटा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं।

सरकार की विशेष व्यवस्थाएँ

लाखों शोकाकुल नागरिकों की आवाजाही को देखते हुए ईरान सरकार ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। होटल किराए में 50 फीसदी तक की छूट दी गई है और देशभर में 5,000 से अधिक स्कूलों तथा 40,000 से 50,000 कक्षाओं को ठहरने के लिए खोल दिया गया है — यह जानकारी ईरान के शिक्षा मंत्री ने दी। स्कूलों के अतिरिक्त मस्जिदों और खेल परिसरों में भी आवास की व्यवस्था की गई है।

तेहरान की मेट्रो सेवा और सभी सरकारी बसें पूरी तरह निशुल्क कर दी गई हैं। बस और रेल मार्गों में भी बदलाव किए गए हैं ताकि लोग आसानी से समारोह स्थल तक पहुँच सकें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ईरान ने अपने सबसे आधुनिक एस-300 और बावर-373 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। पूरे तेहरान में ड्रोन और निजी विमानों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और वीआईपी नेताओं की सुरक्षा के लिए विशेष अंडरग्राउंड कमांड सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान में उत्तराधिकार की प्रक्रिया और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर दुनिया की नज़रें टिकी हैं। गौरतलब है कि खामेनेई दशकों तक ईरान की सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक सत्ता के केंद्र रहे। 9 जुलाई को मशहद में उनकी तदफीन के साथ इस ऐतिहासिक विदाई का समापन होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीति को परिभाषित किया। 1 करोड़ लोगों की अपेक्षित उपस्थिति और एस-300 की तैनाती यह संकेत देती है कि तेहरान इस अवसर को घरेलू एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में भी देख रहा है — ऐसे समय में जब उत्तराधिकार की अनिश्चितता और क्षेत्रीय दबाव दोनों चरम पर हैं। भारत का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजना यह दर्शाता है कि नई दिल्ली तेहरान के साथ कूटनीतिक सेतु बनाए रखने को प्राथमिकता दे रही है, चाहे वैश्विक दबाव कुछ भी हो।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयातुल्ला खामेनेई को कहाँ और कब दफनाया जाएगा?
खामेनेई को 9 जुलाई को मशहद के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इससे पहले तेहरान, कॉम, नजफ और कर्बला में भी रस्में अदा की जाएंगी।
तेहरान में खामेनेई के जनाजे के लिए क्या विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं?
ईरान सरकार ने देशभर में 5,000 से अधिक स्कूलों की 40,000–50,000 कक्षाएँ आवास के लिए खोली हैं, होटल किराए में 50% छूट दी है और तेहरान मेट्रो व सरकारी बसें निशुल्क कर दी हैं। मस्जिदों और खेल परिसरों में भी ठहरने की व्यवस्था है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?
भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को तेहरान में आधिकारिक श्रद्धांजलि दी।
खामेनेई के जनाजे के दौरान ईरान में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
ईरान ने एस-300 और बावर-373 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं और तेहरान में ड्रोन व निजी विमानों पर पूर्ण प्रतिबंध है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा के लिए विशेष अंडरग्राउंड कमांड सेंटर भी बनाए गए हैं।
खामेनेई के अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम क्या है?
4–5 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में श्रद्धांजलि, सोमवार को तेहरान में जनाजा जुलूस, मंगलवार को कॉम, बुधवार को नजफ-कर्बला (इराक), गुरुवार को मशहद में रस्में और 9 जुलाई (गुरुवार) को मशहद में तदफीन।
राष्ट्र प्रेस
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