रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया सैन्य अकादमी का दौरा किया, भारत-आर्मेनिया रक्षा साझेदारी को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार, 18 अगस्त को येरवान स्थित आर्मेनिया की सैन्य अकादमी का दौरा किया और भारत के सहयोग से वहाँ स्थापित विशेष आईटी लैब का निरीक्षण किया। यह दो दिवसीय यात्रा भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों को संस्थागत रूप से और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सैन्य अकादमी में आईटी लैब का निरीक्षण
रक्षा सचिव ने सैन्य अकादमी में भारत के सहयोग से स्थापित आईटी लैब का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके अलावा, भारत द्वारा आर्मेनिया को आपूर्ति की गई विभिन्न हथियार प्रणालियों की भी जानकारी उन्हें इस दौरे के दौरान दी गई। रक्षा सचिव ने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि 'भारत आपसी हित वाले क्षेत्रों में आर्मेनिया को सहयोग और समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।'
आर्मेनिया के रक्षा मंत्री से मुलाकात
यात्रा के पहले दिन रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यान से येरवान में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को और गहरा तथा व्यापक बनाने के लिए नए क्षेत्रों एवं संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में भारत-आर्मेनिया रक्षा साझेदारी को नए आयाम देने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
चीफ ऑफ जनरल स्टाफ से भी वार्ता
रक्षा सचिव ने आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड असर्यान के साथ भी बैठक की। इस वार्ता में विशेष रूप से द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान के क्षेत्र में संभावनाओं को विस्तार देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। रक्षा उपकरणों की आपूर्ति, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा उद्योग सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं। येरवान पहुँचने पर रक्षा सचिव का स्वागत आर्मेनिया में भारत के राजदूत और आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण काकेशस क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और आर्मेनिया अपनी रक्षा साझेदारियों में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है।
आगे की राह
इस दो दिवसीय यात्रा का उद्देश्य आने वाले समय में भारत-आर्मेनिया रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग की दिशा तय करना और मौजूदा साझेदारी को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करना है। सैन्य शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को इस द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है, और विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में इस दिशा में और ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।