17 अगस्त 2026
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रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह येरेवान पहुंचे, भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग पर दो दिन होगी उच्चस्तरीय वार्ता

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रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह येरेवान पहुंचे, भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग पर दो दिन होगी उच्चस्तरीय वार्ता

सारांश

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की येरेवान यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं — यह अप्रैल 2026 की नई दिल्ली वार्ता की अगली कड़ी है। भारत-आर्मेनिया रक्षा साझेदारी तेज़ी से गहरी हो रही है और यह दौरा उसे ठोस रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 17 अगस्त 2026 को येरेवान, आर्मेनिया पहुंचे और दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की।
यात्रा के दौरान आर्मेनिया के शीर्ष राजनीतिक और रक्षा नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।
अप्रैल 2026 में लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान की नई दिल्ली यात्रा के बाद यह दौरा उसी सहयोग की अगली कड़ी है।
वार्ता में रक्षा औद्योगिक सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता विकास और रणनीतिक समन्वय पर ध्यान केंद्रित रहेगा।
आर्मेनिया भारत का रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है।

भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 17 अगस्त 2026 को आर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचे, जहाँ उन्होंने दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की शुरुआत की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग की दिशा को और सुदृढ़ करना है। आर्मेनिया भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभरा है।

स्वागत और उच्चस्तरीय बैठकों का कार्यक्रम

येरेवान पहुंचने पर आर्मेनिया में भारत के राजदूत तथा आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने रक्षा सचिव का औपचारिक स्वागत किया। यात्रा के दौरान राजेश कुमार सिंह आर्मेनिया के शीर्ष राजनीतिक और रक्षा नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इन वार्ताओं में भविष्य के रक्षा औद्योगिक सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता विकास, रक्षा प्रौद्योगिकी और रणनीतिक समन्वय पर विचार होने की उम्मीद है।

दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग

भारत और आर्मेनिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में सहयोग तेज़ी से प्रगाढ़ हुआ है। रक्षा उपकरण, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा प्रौद्योगिकी — इन सभी मोर्चों पर द्विपक्षीय जुड़ाव बढ़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब आर्मेनिया अपनी रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण और विविध देशों के साथ रक्षा साझेदारी विस्तार पर विशेष ज़ोर दे रहा है।

अप्रैल 2026 की बैठक की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में आर्मेनिया के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख और रक्षा मंत्री के प्रथम उप मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान ने भारत का दौरा किया था। उन्होंने नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ बैठक की, जिसमें दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा की और पेशेवर क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। राजेश कुमार सिंह की मौजूदा येरेवान यात्रा को उसी सहमति को ज़मीन पर उतारने की अगली कड़ी माना जा रहा है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व

भारत के दृष्टिकोण से आर्मेनिया के साथ बढ़ता रक्षा जुड़ाव क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधों को व्यापक बनाने का एक सुनियोजित अवसर है। सैन्य सहयोग, रक्षा आधुनिकीकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार दोनों देशों की वार्ताओं के केंद्र में रहे हैं। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय वार्ताओं से दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के नए क्षेत्रों की पहचान होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तुर्की और अज़रबैजान के बीच — इसे भारत के लिए एक संवेदनशील लेकिन मूल्यवान साझेदार बनाता है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस साझेदारी की वास्तविक गहराई तब स्पष्ट होगी जब संयुक्त उत्पादन या प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के ठोस समझौते सामने आएंगे — अब तक की अधिकांश चर्चाएँ बैठकों और आश्वासनों तक सीमित रही हैं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की आर्मेनिया यात्रा का उद्देश्य क्या है?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की यह दो दिवसीय यात्रा भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता विकास और रणनीतिक समन्वय को आगे बढ़ाने के लिए है। यात्रा के दौरान आर्मेनिया के शीर्ष राजनीतिक और रक्षा नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।
भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा संबंध कितने पुराने हैं?
पिछले कुछ वर्षों में भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग तेज़ी से मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।
अप्रैल 2026 में भारत-आर्मेनिया के बीच क्या हुआ था?
अप्रैल 2026 में आर्मेनिया के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख और रक्षा मंत्री के प्रथम उप मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान ने नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की और पेशेवर क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई थी।
आर्मेनिया के लिए भारत के साथ रक्षा संबंध क्यों महत्वपूर्ण हैं?
आर्मेनिया अपनी रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण और विभिन्न देशों के साथ रक्षा साझेदारी को व्यापक बनाने पर ज़ोर दे रहा है, जिसमें भारत एक प्रमुख साझेदार है। भारत के रक्षा उत्पाद और प्रौद्योगिकी आर्मेनिया की इस रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इस यात्रा से क्या नतीजे निकलने की उम्मीद है?
इस दो दिवसीय यात्रा से भारत-आर्मेनिया रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के नए क्षेत्रों की पहचान होने की उम्मीद है। रक्षा औद्योगिक सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय पर ठोस आगे की दिशा तय होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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