16 जुलाई 2026
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शांगरी-ला डायलॉग 2026: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से की बैठक, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर मंथन

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शांगरी-ला डायलॉग 2026: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से की बैठक, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर मंथन

सारांश

सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2026 के मंच पर भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों से अलग-अलग बैठकें कीं — इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 31 मई 2026 को सिंगापुर में अमेरिकी सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व में आए CODEL से मुलाकात की।
बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी , क्षेत्रीय सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा हुई।
रक्षा सचिव ने न्यूज़ीलैंड के रक्षा मंत्री क्रिस पेनक और सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग से भी द्विपक्षीय बातचीत की।
समुद्री सहयोग, सूचना-साझेदारी और रक्षा उद्योग में सहयोग विस्तार पर सहमति जताई गई।
शांगरी-ला डायलॉग एशिया का प्रमुख रक्षा शिखर सम्मेलन है, जिसे IISS आयोजित करता है।

भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में जारी शांगरी-ला डायलॉग 2026 के दौरान 31 मई को अमेरिकी सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व में आए द्विदलीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल (CODEL) से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में क्या हुआ

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग के विस्तार और इंडो-पैसिफिक में साझा रणनीतिक प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की। बातचीत में सूचना साझा करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने और समुद्री सहयोग को गहरा करने पर भी जोर दिया गया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी तेज़ी से विस्तार पा रही है, और दोनों देश इंडो-पैसिफिक में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय ढाँचों में मिलकर काम कर रहे हैं।

अन्य द्विपक्षीय बैठकें

इससे पहले राजेश कुमार सिंह ने न्यूज़ीलैंड के रक्षा मंत्री क्रिस पेनक और सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में समुद्री सहयोग बढ़ाने, सूचना-साझेदारी की व्यवस्था को मज़बूत करने और एक सुरक्षित, स्थिर तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।

गौरतलब है कि शुक्रवार से रविवार तक चले इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में रक्षा सचिव कई महत्त्वपूर्ण बैठकों का हिस्सा रहे, जो भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति को दर्शाता है।

थिंक टैंक और विशेषज्ञों से संवाद

डायलॉग के हाशिये पर राजेश कुमार सिंह ने कई प्रमुख थिंक टैंक और अकादमिक विशेषज्ञों के साथ भी विचार-विमर्श किया। चर्चा का केंद्र इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करना, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाना और उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को नई दिशा देना रहा।

शांगरी-ला डायलॉग का महत्त्व

शांगरी-ला डायलॉग एशिया का सबसे प्रतिष्ठित रक्षा एवं सुरक्षा शिखर सम्मेलन है, जिसे इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) सिंगापुर में आयोजित करता है। इसे 'एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन' के नाम से भी जाना जाता है। इस मंच पर एशिया-प्रशांत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के रक्षा मंत्री, सैन्य प्रमुख और नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर खुलकर विचार-विमर्श करते हैं।

इस वर्ष के डायलॉग में भारत की भागीदारी इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली इंडो-पैसिफिक सुरक्षा वास्तुकला में एक सक्रिय और जिम्मेदार भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को और पुख्ता कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बहुपक्षीय और बहुस्तरीय हो चुकी है। हालाँकि, इन बैठकों से कोई ठोस समझौता या घोषणा सामने नहीं आई — असली परीक्षा यह होगी कि इंडो-पैसिफिक सहयोग की यह भावना क्षेत्रीय तनावों के बीच कितनी परिचालन वास्तविकता में बदल पाती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांगरी-ला डायलॉग 2026 में भारत के रक्षा सचिव की क्या भूमिका रही?
भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शांगरी-ला डायलॉग 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों से द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने प्रमुख थिंक टैंक और अकादमिक विशेषज्ञों से भी संवाद किया।
भारत-अमेरिका CODEL बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मज़बूती, क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग का विस्तार, सूचना-साझेदारी की व्यवस्था और इंडो-पैसिफिक में साझा रणनीतिक हितों पर विचार-विमर्श हुआ।
शांगरी-ला डायलॉग क्या है और इसे कौन आयोजित करता है?
शांगरी-ला डायलॉग एशिया का प्रमुख वार्षिक रक्षा एवं सुरक्षा शिखर सम्मेलन है, जिसे इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) सिंगापुर में आयोजित करता है। इसे 'एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन' भी कहा जाता है और इसमें दुनिया भर के रक्षा मंत्री, सैन्य प्रमुख और नीति-निर्माता भाग लेते हैं।
रक्षा सचिव ने सिंगापुर और न्यूज़ीलैंड के रक्षा मंत्रियों से किन विषयों पर बात की?
राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग और न्यूज़ीलैंड के रक्षा मंत्री क्रिस पेनक के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मज़बूत करने, समुद्री सहयोग बढ़ाने और एक सुरक्षित व स्थिर इंडो-पैसिफिक के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर चर्चा की।
इंडो-पैसिफिक सुरक्षा में भारत की भागीदारी क्यों महत्त्वपूर्ण है?
भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री और रणनीतिक शक्ति है, और इस क्षेत्र की स्थिरता भारत के व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा हितों से सीधे जुड़ी है। शांगरी-ला जैसे मंचों पर सक्रिय भागीदारी भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और बहुपक्षीय सुरक्षा कूटनीति को मज़बूती देती है।
राष्ट्र प्रेस
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