शांगरी-ला डायलॉग 2025: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने EU, NATO और अमेरिकी कमांडर से की अहम बैठकें
सारांश
मुख्य बातें
भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 30 मई 2025 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग (SLD-25) के दौरान यूरोपीय संघ, नाटो और अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संवाद को विस्तार देने, इंडो-पैसिफिक में साझेदारी मजबूत करने और उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
भारत-EU रणनीतिक संवाद
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने यूरोपीय बाह्य कार्रवाई सेवा (EEAS) की महासचिव बेलेन मार्टिनिज कॉर्नबोनेल और यूरोपीय संघ सैन्य समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एनरिको बर्दुआनी के साथ बैठक की। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझा सुरक्षा हितों की पहचान कर रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब यूरोपीय संघ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
NATO और अमेरिकी कमांडर से मुलाकात
शुक्रवार को रक्षा सचिव ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) की मिलिट्री कमेटी के चेयरमैन एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन से भी मुलाकात की। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 'चर्चा का मुख्य फोकस रणनीतिक संवाद को मजबूत करना और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा करना था। इस बातचीत ने बड़े बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया।'
इसके अलावा, रक्षा सचिव ने अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पैपारो से भी बातचीत की। इस बैठक में सैन्य सहयोग मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक में साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हुई, जिससे भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा संबंधों को और सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
थिंक टैंक और डिजिटल प्रौद्योगिकी पर संवाद
शांगरी-ला डायलॉग के दौरान राजेश कुमार सिंह ने कई प्रमुख थिंक टैंक और अकादमिक विशेषज्ञों से भी बातचीत की। चर्चा का केंद्र इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करने, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों में साझेदारी पर रहा।
गुरुवार को रक्षा सचिव ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एंड इंटेलिजेंस सर्विस के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का दौरा किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से सिंगापुर की उन्नत डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं को समझने का अवसर मिला और आधुनिक युद्ध से जुड़े नए क्षेत्रों में भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
शांगरी-ला डायलॉग का महत्व
शांगरी-ला डायलॉग एशिया का प्रमुख रक्षा एवं सुरक्षा शिखर सम्मेलन है, जिसे इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) प्रतिवर्ष सिंगापुर में आयोजित करता है। इसे 'एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन' भी कहा जाता है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में एशिया-प्रशांत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के रक्षा मंत्री, सैन्य प्रमुख और नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।
गौरतलब है कि भारत की इस सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति ऐसे समय में आई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और प्रमुख शक्तियाँ अपने गठबंधनों को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं। आने वाले समय में इन बैठकों के ठोस परिणाम रक्षा सहयोग समझौतों और संयुक्त अभ्यासों के रूप में सामने आ सकते हैं।