ऑस्ट्रेलियाई उपप्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस भारत दौरे पर, राजनाथ सिंह से होगी द्विपक्षीय रक्षा वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस इस सप्ताहांत भारत की यात्रा पर आएंगे, जहाँ वे दूसरे ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों के डायलॉग में भाग लेंगे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग तेज़ी से गहरा हो रहा है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर साझा चिंताएँ बढ़ी हैं।
मार्लेस का बयान और दौरे की पृष्ठभूमि
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय द्वारा दौरे से पूर्व जारी बयान में मार्लेस ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया और भारत टॉप-टियर सुरक्षा साझेदार हैं। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई अच्छी तरक्की के बाद, मैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर अपने देश की रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने का इंतजार कर रहा हूँ।' गौरतलब है कि पिछले अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में पहला ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों का डायलॉग आयोजित हुआ था, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक माना गया।
शांगरी-ला डायलॉग में भागीदारी
भारत दौरे से पहले मार्लेस सिंगापुर में 23वें शांगरी-ला डायलॉग में शामिल होंगे। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित सुरक्षा संवाद 29 से 31 मई तक चलेगा। इस दौरान वे एशिया के समुद्री सुरक्षा डिसऑर्डर पर तीसरे प्लेनरी सेशन में वक्ता के रूप में क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे और वैश्विक एवं क्षेत्रीय रक्षा समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे।
रक्षा नीति वार्ता और हालिया सहयोग
8 मई को नई दिल्ली में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नीति टॉक्स का 10वाँ सत्र आयोजित किया गया। इस बैठक में दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बढ़ती आवृत्ति और जटिलता का स्वागत किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय नीति के प्रथम सहायक सचिव बर्नार्ड फिलिप ने किया।
समुद्री सहयोग और रणनीतिक प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने 'द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हाल की तरक्की का स्वागत किया' और समुद्री सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। बयान में यह भी कहा गया कि 2025 में वार्षिक रक्षा मंत्रियों के डायलॉग की शुरुआत ने परामर्श को बढ़ाया है और दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे को रेखांकित किया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती सक्रियता को लेकर क्वाड देशों की सतर्कता बढ़ी है।
आगे की राह
मार्लेस की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह डायलॉग भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और ठोस आधार देगा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूत करेगा।