जयशंकर-मार्लेस मुलाकात: हिंद-प्रशांत और भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी पर साझा आकलन
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार, 1 जून को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विकास, हिंद-प्रशांत की स्थिति और भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के रास्तों पर विचार-विमर्श किया।
जयशंकर-मार्लेस द्विपक्षीय वार्ता
मुलाकात के बाद डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस से मिलकर खुशी हुई। क्षेत्रीय विकास, हिंद-प्रशांत और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर आकलन साझा किए गए।' यह बैठक मार्लेस की भारत यात्रा के दौरान हुई, जो द्विपक्षीय रक्षा संवाद को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दूसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों का डायलॉग
इससे पहले उसी दिन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्लेस ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के डायलॉग की सहअध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की और इसे विस्तार देने के नए अवसरों पर चर्चा की। मार्लेस को उनके आगमन पर सेरेमोनियल ट्राई-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।
राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ नई दिल्ली में एक बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमने साथ मिलकर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की पूरी रेंज का रिव्यू किया और इसे और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।' उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी आने वाले सालों में लगातार प्रगति करने के लिए तैयार है।'
हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता पर प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को मज़बूत करने, रणनीतिक विश्वास बढ़ाने और हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता एवं सुरक्षा में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'भारत के स्वतंत्र, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत के विज़न में ऑस्ट्रेलिया एक अहम साझेदार है।'
मार्लेस ने एक्स पर पोस्ट किया, 'इस हफ्ते, हमने दूसरी सालाना ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों के डायलॉग का आयोजन किया, जहाँ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मैंने अपने गहरे रणनीतिक भरोसे को व्यावहारिक रक्षा सहयोग में बदलने के बारे में बात की। हिंद-प्रशांत में शांति और खुशहाली इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करें।'
यात्रा का संदर्भ और आगे की राह
मार्लेस की यह भारत यात्रा अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में हुई पहली बातचीत के बाद आई है, जो इस संवाद-श्रृंखला को वार्षिक और संस्थागत स्वरूप देने की प्रक्रिया को रेखांकित करती है। रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी की 'बढ़ती गहराई और परिपक्वता' का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक सक्रियता तेज़ हो रही है और भारत अपने क्वाड साझेदारों के साथ संबंधों को नई ऊँचाई देने में जुटा है।