17 जुलाई 2026
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राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्ल्स की 1 जून को दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संवाद की संयुक्त अध्यक्षता

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राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्ल्स की 1 जून को दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संवाद की संयुक्त अध्यक्षता

सारांश

नई दिल्ली में 1 जून को होने वाला दूसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों का संवाद महज एक द्विपक्षीय बैठक नहीं — यह हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती रणनीतिक धुरी का संकेत है। रक्षा सह-उत्पादन से लेकर समुद्री सुरक्षा तक, यह संवाद क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन की नई इबारत लिख सकता है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स 1 जून 2026 को नई दिल्ली में दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे।
एजेंडे में रक्षा उपकरणों का सह-विकास , सह-उत्पादन , संयुक्त सैन्य अभ्यास और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीति शामिल है।
यह बैठक अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में हुए पहले रक्षा संवाद की अगली कड़ी है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पैट हैरिगन के नेतृत्व में आए अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से भी भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा की।
दोनों वार्ताओं में समुद्री सुरक्षा , क्षेत्रीय स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था केंद्रीय विषय रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स 1 जून 2026 को नई दिल्ली में 'दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद' की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक विमर्श के केंद्र में है और दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार गहरी होती जा रही है।

बैठक का एजेंडा

रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस संवाद में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने, दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाने तथा संयुक्त सैन्य अभ्यासों को नई गति देने पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेष रूप से रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे दोनों देशों की रक्षा औद्योगिक क्षमता को मज़बूती मिल सके।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और मुक्त नौवहन सुनिश्चित करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना इस संवाद का प्रमुख हिस्सा होगा। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि भारत की मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत की अवधारणा में ऑस्ट्रेलिया एक अहम साझेदार है।

पिछले संवाद की पृष्ठभूमि

मार्ल्स की यह यात्रा अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित पहले रक्षा मंत्रियों के संवाद के बाद हो रही है। गौरतलब है कि यह बैठक केवल द्विपक्षीय औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के क्रमिक विस्तार की अगली कड़ी मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए हैं।

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पर भी प्रगति

इसी क्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व में भारत आए अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

वार्ता में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे विषय प्रमुखता से शामिल रहे। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत-अमेरिका बढ़ता रक्षा सहयोग क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

हिंद-प्रशांत में भारत की व्यापक रणनीति

यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है — ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के साथ क्वाड ढाँचे के अंतर्गत सहयोग इसका एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। नई दिल्ली में होने वाला यह संवाद केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा वास्तुकला के लिए एक स्पष्ट संदेश देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

I2U2 और अब द्विपक्षीय रक्षा संवाद इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। असली परीक्षा यह है कि रक्षा सह-उत्पादन की घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी तेज़ी से अनुबंधों में बदलती हैं — अब तक इस मोर्चे पर प्रगति अपेक्षाओं से धीमी रही है। साथ ही, अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक साथ हुई बैठक यह भी संकेत देती है कि भारत अपनी रक्षा कूटनीति को एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय रख रहा है, जो रणनीतिक स्वायत्तता और गठबंधन-निर्माण के बीच संतुलन की उसकी परंपरागत नीति के अनुरूप है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दूसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों का संवाद कब और कहाँ होगा?
यह संवाद 1 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स इसकी संयुक्त अध्यक्षता करेंगे।
इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी?
बैठक में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उपकरणों का सह-विकास और सह-उत्पादन, तथा हिंद-प्रशांत में शांति व मुक्त नौवहन के लिए साझा रणनीति पर विचार-विमर्श होगा। क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियाँ भी एजेंडे में शामिल हैं।
पहला भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों का संवाद कब हुआ था?
पहला संवाद अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया था। नई दिल्ली की यह बैठक उसी क्रम में दूसरी है और भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के मज़बूत होते स्वरूप का प्रमाण मानी जा रही है।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पर क्या हुआ?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व में आए अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने रक्षा साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा व नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर सहमति जताई।
हिंद-प्रशांत में भारत की रणनीति में ऑस्ट्रेलिया की क्या भूमिका है?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार ऑस्ट्रेलिया भारत की मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत की अवधारणा में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। क्वाड ढाँचे के तहत दोनों देश पहले से ही सहयोग करते हैं और यह द्विपक्षीय रक्षा संवाद उस साझेदारी को और संस्थागत स्वरूप देता है।
राष्ट्र प्रेस
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