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शांगरी-ला डायलॉग: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से की भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर चर्चा

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शांगरी-ला डायलॉग: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से की भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर चर्चा

सारांश

सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग के मंच पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी CODEL, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठकें कीं। हिंद-प्रशांत सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा तकनीक साझेदारी — भारत की बहुआयामी रक्षा कूटनीति एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय रही।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व वाले द्विदलीय CODEL से मुलाकात की।
बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी , क्षेत्रीय सुरक्षा और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा हुई।
सिंह ने न्यूजीलैंड और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों से भी द्विपक्षीय बैठकें कीं — समुद्री सहयोग और सूचना साझाकरण पर जोर।
सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से शनिवार को स्वागत समारोह में भेंट हुई।
स्वीडन के राज्य सचिव पीटर सैंडवाल के साथ रक्षा प्रौद्योगिकी और नवाचार में साझेदारी पर विचार-विमर्श हुआ।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रविवार, 1 जून 2025 को सिंगापुर में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हैरिगन एक द्विदलीय अमेरिकी कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल (CODEL) का नेतृत्व कर रहे थे। इस बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी, क्षेत्रीय सुरक्षा और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में क्या हुई चर्चा

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में बताया कि बातचीत में भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को पुनः रेखांकित किया गया। बयान के अनुसार, "बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ।" यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब शांगरी-ला डायलॉग के मंच पर एशिया-प्रशांत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा के अहम मुद्दों पर एकत्र हो रहे हैं।

शांगरी-ला डायलॉग में भारत की सक्रिय भागीदारी

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर हैं और शांगरी-ला डायलॉग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में समुद्री सहयोग बढ़ाने, सूचना साझा करने की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और एक सुरक्षित, स्थिर तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोहराने पर बल दिया गया।

सिंगापुर के राष्ट्रपति से मुलाकात

शनिवार को रक्षा सचिव सिंह ने शांगरी-ला डायलॉग के एक स्वागत समारोह में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से भेंट की। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर चर्चा की। गौरतलब है कि भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी रही है।

स्वीडन के साथ रक्षा तकनीक पर साझेदारी

सिंह ने स्वीडन के रक्षा मंत्री के राज्य सचिव पीटर सैंडवाल से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रक्षा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्रों में नई साझेदारी की संभावनाओं पर विचार किया। यह बैठक भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति के अंतर्गत वैश्विक रक्षा-तकनीक साझेदारी को विस्तार देने की कोशिशों के अनुरूप है।

आगे क्या

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान हुई इन बहुपक्षीय बैठकों से भारत की हिंद-प्रशांत रणनीति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेसनल प्रतिनिधिमंडल के साथ यह संवाद भविष्य में रक्षा व्यापार और तकनीकी हस्तांतरण समझौतों को गति दे सकता है। भारत की इस सक्रिय कूटनीतिक पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन संवादों का ठोस परिणाम क्या निकलता है। अमेरिकी CODEL के साथ बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेसनल प्रतिनिधि रक्षा बजट और हथियार-निर्यात नीति को प्रभावित करते हैं — यह केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं है। स्वीडन के साथ रक्षा-तकनीक पर बातचीत 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए तकनीकी हस्तांतरण की संभावनाएँ खोलती है, पर अब तक ऐसी कई बैठकें समझौते की मेज तक नहीं पहुँच पाई हैं। हिंद-प्रशांत में भारत की भूमिका तभी निर्णायक बनेगी जब ये राजनयिक संवाद परिचालन-स्तरीय सहयोग में तब्दील हों।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांगरी-ला डायलॉग में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किन देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में अमेरिकी CODEL प्रमुख पैट हैरिगन, न्यूजीलैंड और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों, सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम तथा स्वीडन के रक्षा मंत्री के राज्य सचिव पीटर सैंडवाल से मुलाकात की।
भारत-अमेरिका CODEL बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को पुनः रेखांकित किया गया।
शांगरी-ला डायलॉग क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
शांगरी-ला डायलॉग सिंगापुर में आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन है, जिसमें एशिया-प्रशांत, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। भारत ने इस बार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में कई द्विपक्षीय बैठकें कर सक्रिय भागीदारी दर्ज की।
न्यूजीलैंड और सिंगापुर के साथ बैठकों में क्या तय हुआ?
इन बैठकों में दोनों देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने, समुद्री सहयोग बढ़ाने और सूचना साझा करने की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। साथ ही एक सुरक्षित, स्थिर और समावेशी इंडो-पैसिफिक के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
स्वीडन के साथ रक्षा तकनीक साझेदारी पर क्या बातचीत हुई?
रक्षा सचिव सिंह और स्वीडन के राज्य सचिव पीटर सैंडवाल ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रक्षा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार में नई साझेदारी की संभावनाओं पर विचार किया। यह चर्चा भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा नीति के अंतर्गत वैश्विक तकनीकी साझेदारी को विस्तार देने के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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