शांगरी-ला डायलॉग 2026: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिका, नाटो, कनाडा और सेशेल्स से की अहम बैठकें
सारांश
मुख्य बातें
भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2026 के दौरान अमेरिका, नाटो, कनाडा और सेशेल्स के शीर्ष सैन्य एवं रणनीतिक नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, सामरिक सहयोग और रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित व्यापक चर्चा हुई। यह बैठकें वैश्विक सुरक्षा ढाँचे में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती हैं।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर मंथन
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की। इस वार्ता में सैन्य सहयोग बढ़ाने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और नई सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-अमेरिका की बढ़ती सामरिक साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नाटो प्रमुख से वैश्विक सुरक्षा पर संवाद
रक्षा सचिव ने नाटो मिलिट्री कमेटी के अध्यक्ष एडमिरल ग्यूसेप्पे कावो ड्रागोने के साथ भी बैठक की। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सामरिक संवाद को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। भारत ने प्रमुख बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत की रक्षा कूटनीति पर संबोधन
सिंगापुर में रक्षा सचिव ने प्रतिष्ठित थिंक टैंकों और शिक्षाविदों के साथ संवाद किया। 'स्थिर, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति' विषय पर दिए गए संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था का समर्थक है। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग और नई तकनीकों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की भारत की मंशा स्पष्ट की। इस कार्यक्रम में सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी उपस्थित रहे।
कनाडा और सेशेल्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता
रक्षा सचिव ने कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के सीनियर एसोसिएट डिप्टी मिनिस्टर केल्विन ब्रोसो से मुलाकात की और भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को नई दिशा देने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सेशेल्स सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट के साथ भी वार्ता की, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती भूमिका
गौरतलब है कि शांगरी-ला डायलॉग एशिया का सबसे प्रतिष्ठित रक्षा और सुरक्षा मंच माना जाता है, जहाँ भारत की सक्रिय उपस्थिति उसकी बहुपक्षीय रणनीति को दर्शाती है। यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और भारत अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ सहयोग के नए आयाम तलाश रहा है। आने वाले समय में इन वार्ताओं के आधार पर ठोस रक्षा समझौतों और संयुक्त अभ्यासों की दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना है।