शांगरी-ला डायलॉग 2026: भारत-कनाडा रक्षा सहयोग पर चर्चा, नाटो-अमेरिका से भी अहम बैठकें
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 29 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग (SLD26) के दौरान कनाडा, सेशेल्स, नाटो और अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग को गहरा करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित चर्चा हुई।
भारत-कनाडा रक्षा वार्ता
राजेश कुमार सिंह और कनाडा के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सहायक उप मंत्री केल्विन ब्रोस्यू के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 'दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक हितों के बढ़ते मेल को दिखाते हुए खास डोमेन में गहरे सहयोग के मौकों को तलाशा।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में कूटनीतिक तनाव देखा गया था, और यह वार्ता सामान्यीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
सेशेल्स और हिंद महासागर सुरक्षा
रक्षा सचिव ने सेशेल्स डिफेंस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट से भी मुलाकात की। इस बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस बातचीत ने क्षेत्र में अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। गौरतलब है कि सेशेल्स भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (SAGAR) नीति के तहत एक प्रमुख समुद्री साझेदार है।
नाटो और अमेरिका से रणनीतिक संवाद
राजेश कुमार सिंह ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) सैन्य कमेटी के चेयर एडमिरल ग्यूसेप कावो ड्रैगन के साथ बैठक में रणनीतिक संवाद बढ़ाने और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर नजरिए साझा करने पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत ने बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक जुड़ाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
इसके अतिरिक्त, रक्षा सचिव ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से भी बातचीत की। इस वार्ता में सैन्य-से-सैन्य सहयोग मजबूत करने, हिंद-प्रशांत में साझा उपस्थिति बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने पर फोकस रहा, जिससे भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा संबंधों को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
सिंगापुर के साथ 16वाँ रक्षा नीति संवाद
राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लिओंग के साथ 16वें डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस बातचीत ने दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को पुष्ट किया और रक्षा सहयोग, सुरक्षा सहयोग तथा रणनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर व्यापक चर्चा हुई। इससे पहले, रक्षा सचिव ने सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें सिंगापुर की उन्नत डिजिटल एवं तकनीकी क्षमताओं की जानकारी मिली और युद्ध के उभरते क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते तलाशे गए।
हिंद-प्रशांत पर भारत का रणनीतिक विजन
शांगरी-ला डायलॉग के दौरान राजेश कुमार सिंह ने प्रमुख थिंक टैंकों और शिक्षाविदों के साथ भी संवाद किया। उन्होंने 'एक स्थिर, सुरक्षित और समावेशी हिंद-प्रशांत के लिए भारत की रक्षा कूटनीति' विषय पर एक विशेष सभा को संबोधित किया, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जुड़ाव के लिए भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी इन बातचीतों में शामिल रहे। SLD26 में सरकारी मंत्रियों की अगुवाई में पूर्ण सत्र और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।