14 जुलाई 2026
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शांगरी-ला डायलॉग 2026: भारत-कनाडा रक्षा सहयोग पर चर्चा, नाटो-अमेरिका से भी अहम बैठकें

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शांगरी-ला डायलॉग 2026: भारत-कनाडा रक्षा सहयोग पर चर्चा, नाटो-अमेरिका से भी अहम बैठकें

सारांश

सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2026 के मंच पर भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने एक ही दिन में कनाडा, सेशेल्स, नाटो और अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारियों से बैठकें कर भारत की बहुआयामी रक्षा कूटनीति का प्रदर्शन किया — हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 29 मई 2026 को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग (SLD26) के दौरान कई अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं।
कनाडा के वरिष्ठ सहायक उप मंत्री केल्विन ब्रोस्यू के साथ भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक हितों के मेल पर चर्चा हुई।
सेशेल्स के मेजर जनरल माइकल रोसेट से मुलाकात में हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग गहरा करने पर जोर दिया गया।
नाटो सैन्य कमेटी के चेयर एडमिरल ग्यूसेप कावो ड्रैगन और अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड के एडमिरल सैमुअल जे.
पापारो से रणनीतिक संवाद और सैन्य सहयोग पर चर्चा हुई।
सिंगापुर के जोसेफ लिओंग के साथ 16वें डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की गई।
रक्षा सचिव ने सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज के DOTC का दौरा कर डिजिटल एवं तकनीकी सहयोग के अवसर तलाशे।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 29 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग (SLD26) के दौरान कनाडा, सेशेल्स, नाटो और अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग को गहरा करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित चर्चा हुई।

भारत-कनाडा रक्षा वार्ता

राजेश कुमार सिंह और कनाडा के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सहायक उप मंत्री केल्विन ब्रोस्यू के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 'दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक हितों के बढ़ते मेल को दिखाते हुए खास डोमेन में गहरे सहयोग के मौकों को तलाशा।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में कूटनीतिक तनाव देखा गया था, और यह वार्ता सामान्यीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

सेशेल्स और हिंद महासागर सुरक्षा

रक्षा सचिव ने सेशेल्स डिफेंस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट से भी मुलाकात की। इस बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस बातचीत ने क्षेत्र में अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। गौरतलब है कि सेशेल्स भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (SAGAR) नीति के तहत एक प्रमुख समुद्री साझेदार है।

नाटो और अमेरिका से रणनीतिक संवाद

राजेश कुमार सिंह ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) सैन्य कमेटी के चेयर एडमिरल ग्यूसेप कावो ड्रैगन के साथ बैठक में रणनीतिक संवाद बढ़ाने और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर नजरिए साझा करने पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत ने बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक जुड़ाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

इसके अतिरिक्त, रक्षा सचिव ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से भी बातचीत की। इस वार्ता में सैन्य-से-सैन्य सहयोग मजबूत करने, हिंद-प्रशांत में साझा उपस्थिति बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने पर फोकस रहा, जिससे भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा संबंधों को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।

सिंगापुर के साथ 16वाँ रक्षा नीति संवाद

राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लिओंग के साथ 16वें डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस बातचीत ने दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को पुष्ट किया और रक्षा सहयोग, सुरक्षा सहयोग तथा रणनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर व्यापक चर्चा हुई। इससे पहले, रक्षा सचिव ने सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें सिंगापुर की उन्नत डिजिटल एवं तकनीकी क्षमताओं की जानकारी मिली और युद्ध के उभरते क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते तलाशे गए।

हिंद-प्रशांत पर भारत का रणनीतिक विजन

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान राजेश कुमार सिंह ने प्रमुख थिंक टैंकों और शिक्षाविदों के साथ भी संवाद किया। उन्होंने 'एक स्थिर, सुरक्षित और समावेशी हिंद-प्रशांत के लिए भारत की रक्षा कूटनीति' विषय पर एक विशेष सभा को संबोधित किया, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जुड़ाव के लिए भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी इन बातचीतों में शामिल रहे। SLD26 में सरकारी मंत्रियों की अगुवाई में पूर्ण सत्र और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेशेल्स, नाटो, अमेरिका और सिंगापुर के साथ एक साथ बैठकें करना भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है — न किसी गुट में पूरी तरह शामिल, न किसी से दूर। विशेष रूप से भारत-कनाडा बैठक उल्लेखनीय है, क्योंकि हाल के कूटनीतिक तनाव के बाद यह संवाद की बहाली का संकेत देती है, हालाँकि दोनों पक्षों ने ठोस समझौतों का कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया। नाटो के साथ जुड़ाव भी महत्वपूर्ण है — भारत गठबंधन का सदस्य नहीं है, फिर भी इस स्तर की बातचीत यह दर्शाती है कि नई दिल्ली वैश्विक सुरक्षा संरचनाओं में अपनी उपस्थिति को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रही है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांगरी-ला डायलॉग 2026 में भारत ने किन देशों के साथ रक्षा बैठकें कीं?
शांगरी-ला डायलॉग 2026 में भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कनाडा, सेशेल्स, नाटो, अमेरिका और सिंगापुर के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
भारत-कनाडा रक्षा बैठक में क्या हुआ?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और कनाडा के वरिष्ठ सहायक उप मंत्री केल्विन ब्रोस्यू के बीच हुई बैठक में भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक हितों के बढ़ते मेल के आधार पर विशेष क्षेत्रों में गहरे सहयोग के अवसर तलाशे गए। यह बैठक दोनों देशों के बीच हाल के कूटनीतिक तनाव के बाद सकारात्मक संवाद का संकेत मानी जा रही है।
भारत और अमेरिका के बीच हिंद-प्रशांत पर क्या चर्चा हुई?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की, जिसमें सैन्य-से-सैन्य सहयोग मजबूत करने, हिंद-प्रशांत में साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया गया। इससे भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा संबंधों को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
16वाँ भारत-सिंगापुर डिफेंस पॉलिसी डायलॉग क्या है?
यह भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा नीति पर नियमित उच्च-स्तरीय संवाद की श्रृंखला है। 29 मई 2026 को हुए 16वें संस्करण की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लिओंग ने की, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी और रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर व्यापक चर्चा हुई।
शांगरी-ला डायलॉग क्या है और इसमें भारत की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
शांगरी-ला डायलॉग सिंगापुर में आयोजित एशिया का प्रमुख रक्षा और सुरक्षा सम्मेलन है, जिसमें सरकारी मंत्री, सैन्य अधिकारी और रणनीतिक विशेषज्ञ भाग लेते हैं। भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी बढ़ती रणनीतिक सक्रियता और बहुपक्षीय रक्षा कूटनीति को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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