14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शांगरी-ला डायलॉग 2026: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नाटो, अमेरिका और सिंगापुर के शीर्ष अधिकारियों से की अहम बैठकें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शांगरी-ला डायलॉग 2026: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नाटो, अमेरिका और सिंगापुर के शीर्ष अधिकारियों से की अहम बैठकें

सारांश

शांगरी-ला डायलॉग 2026 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नाटो, अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड और सिंगापुर के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, डिजिटल सहयोग और रक्षा साझेदारी पर गहन चर्चा ने वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 29 मई 2026 को शांगरी-ला डायलॉग (SLD-26) में नाटो मिलिट्री कमेटी चेयरमैन एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन से मुलाकात की।
अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे.
पैपारो से सैन्य सहयोग और इंडो-पैसिफिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव जोसेफ लेओंग के साथ 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की गई।
सिंगापुर के DOTC का दौरा कर डिजिटल व तकनीकी रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर विचार हुआ।
'स्थिर, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति' विषय पर विशेष कार्यक्रम में भारत का रणनीतिक दृष्टिकोण साझा किया गया।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 29 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2026 (SLD-26) के दौरान कई देशों के शीर्ष सैन्य और रणनीतिक अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, इंडो-पैसिफिक स्थिरता और रक्षा सहयोग को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह भागीदारी बहुपक्षीय रक्षा मंचों पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।

नाटो के साथ रणनीतिक संवाद

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) की मिलिट्री कमेटी के चेयरमैन एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन से मुलाकात की। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस बातचीत में रणनीतिक संवाद को मजबूत करने और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा करने पर ध्यान केंद्रित रहा। मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत ने 'बड़े बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया।'

अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड से मुलाकात

इसी दिन सिंह ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पैपारो से भी बैठक की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने सैन्य सहयोग मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा संबंधों को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।

इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर विशेष कार्यक्रम

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान सिंह ने प्रमुख थिंक टैंक और अकादमिक विशेषज्ञों के साथ भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने 'स्थिर, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति' विषय पर एक विशेष कार्यक्रम में भारत के क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण और रणनीतिक सोच साझा की। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। चर्चा का फोकस इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करने, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों में साझेदारी पर रहा।

सिंगापुर के साथ 16वीं रक्षा नीति वार्ता

सिंह ने सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव जोसेफ लेओंग के साथ 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में भारत-सिंगापुर के मजबूत रक्षा संबंधों को और दृढ़ता दी गई तथा रक्षा सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और रणनीतिक रिश्तों के कई पहलुओं पर विस्तार से विचार हुआ।

डिजिटल और तकनीकी सहयोग की संभावनाएँ

गुरुवार को सिंह ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एंड इंटेलिजेंस सर्विस के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का दौरा किया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे से सिंगापुर की उन्नत डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं को समझने का अवसर मिला और आधुनिक युद्ध से जुड़े नए क्षेत्रों में भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यह दौरा भारत की साइबर और डिजिटल रक्षा क्षमताओं को वैश्विक साझेदारियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अमेरिका और आसियान देशों से संवाद बनाए रखता है। गौरतलब है कि भारत अभी भी औपचारिक रूप से किसी सैन्य गठबंधन का सदस्य नहीं है, फिर भी इस स्तर की बहुपक्षीय रक्षा बैठकें 'रणनीतिक स्वायत्तता' की परिभाषा को व्यावहारिक रूप से नया अर्थ दे रही हैं। डिजिटल युद्ध क्षमताओं पर सिंगापुर के DOTC का दौरा संकेत देता है कि भारत अब पारंपरिक हथियार-खरीद से आगे बढ़कर साइबर और तकनीकी रक्षा में भी वैश्विक साझेदारियाँ तलाश रहा है। यह बदलाव मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांगरी-ला डायलॉग 2026 में भारत ने किन देशों और संगठनों से बातचीत की?
भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने SLD-26 में नाटो मिलिट्री कमेटी, अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड और सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव से बैठकें कीं। इसके अलावा प्रमुख थिंक टैंक विशेषज्ञों के साथ भी विचार-विमर्श हुआ।
शांगरी-ला डायलॉग क्या है और यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
शांगरी-ला डायलॉग सिंगापुर में आयोजित होने वाला एक प्रमुख वार्षिक रक्षा और सुरक्षा सम्मेलन है जिसमें एशिया-प्रशांत, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य-पूर्व के नीति-निर्माता हिस्सा लेते हैं। यह मंच क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बहुपक्षीय संवाद के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
भारत और नाटो के बीच इस बैठक में क्या चर्चा हुई?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में रणनीतिक संवाद को मजबूत करने और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा करने पर ध्यान केंद्रित रहा। इस बातचीत ने बड़े बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
भारत-सिंगापुर 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग में क्या हुआ?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव जोसेफ लेओंग ने 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। बैठक में रक्षा सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
सिंगापुर के DOTC दौरे का भारत के लिए क्या महत्त्व है?
सिंगापुर सशस्त्र बलों के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) के दौरे से भारत को सिंगापुर की उन्नत डिजिटल और तकनीकी रक्षा क्षमताओं को समझने का अवसर मिला। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इससे आधुनिक युद्ध के नए क्षेत्रों में भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले