खामेनेई के अंतिम संस्कार में भावुक हुए गालिबाफ और अराघची, तेहरान में उमड़ा जनसैलाब
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर ग्राउंड्स में आयोजित हुआ, जिसमें दुनिया भर के वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। विदाई समारोह के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिला, जब ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की आँखें नम हो गईं और आँसू नहीं थमे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेग मोटामेडियन ने कहा कि समारोह को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए उच्चतम स्तर के सुरक्षा इंतजाम किए गए। उन्होंने कहा, 'शहीद नेता के विदाई और सेंड-ऑफ सेरेमनी में हम सबसे ऊँचे स्तर की सुरक्षा रखेंगे।' ग्रैंड मोसल्ला के गेट स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे खुले, और अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर गेट खुलने का समय पहले भी बढ़ाया जा सकता है।
बगदाद में भी शोक, शहर बंद
बगदाद के गवर्नर अतवान अल-अतवानी ने दिवंगत ईरानी नेता से जुड़े अंतिम संस्कार जुलूस को सुगम बनाने के लिए शहर बंद करने की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार, यह निर्णय खामेनेई के प्रति क्षेत्रीय सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
भारत का प्रतिनिधित्व
अंतिम संस्कार में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन उपस्थित रहे। भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारतीय गणमान्य लोगों ने ईरान के शहीद नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।' दूतावास ने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद और अन्य उपस्थित नेताओं की तस्वीरें भी साझा कीं।
रूस सहित विश्व नेताओं की उपस्थिति
रूस ने भी उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुँचे। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने बताया कि समारोह में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्याय प्रमुख गुलाम-होसैन मोहसेनी एजेई और एक्सपीडिएंसी काउंसिल के चेयरमैन अयातुल्लाह सादेग अमोली लारीजानी भी शामिल हुए।
आगे की स्थिति
खामेनेई के निधन के बाद ईरान में उत्तराधिकार की प्रक्रिया और देश की विदेश नीति की दिशा पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह अंतिम संस्कार ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है और ईरान के भविष्य के नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं।