4 जुलाई 2026
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महबूबा मुफ्ती ने तेहरान में खामेनेई को दी अंतिम श्रद्धांजलि, एक्स पर लिखा — 'बेहद दर्दनाक अनुभव'

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महबूबा मुफ्ती ने तेहरान में खामेनेई को दी अंतिम श्रद्धांजलि, एक्स पर लिखा — 'बेहद दर्दनाक अनुभव'

सारांश

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने तेहरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय विदाई समारोह में भाग लिया — ईरानी सर्वोच्च नेता के कार्यालय के औपचारिक निमंत्रण पर। उन्होंने एक्स पर हुसैनिया जमरान की यात्रा को 'दिल दहला देने वाला अनुभव' बताया। यह किसी भारतीय राजनेता की ऐसे उच्च-स्तरीय ईरानी राजकीय समारोह में दुर्लभ उपस्थिति है।

मुख्य बातें

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 4 जुलाई 2026 को तेहरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय विदाई समारोह में भाग लिया।
मुफ्ती को ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग से औपचारिक निमंत्रण मिला था।
उन्होंने एक्स पर हुसैनिया जमरान की यात्रा को 'दर्दनाक और दिल दहला देने वाला अनुभव' बताया।
अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जिसके बाद ईरान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया।
समारोह में ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी भावुक हो गए।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 4 जुलाई 2026 को तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय विदाई समारोह में भाग लिया और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह से लौटने के बाद मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए इसे 'बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला' अनुभव बताया।

महबूबा मुफ्ती की एक्स पोस्ट: क्या लिखा

मुफ्ती ने एक्स पर लिखा, 'हुसैनिया जमरान जाना बहुत दर्दनाक और दिल दहला देने वाला अनुभव था — यह ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अयातुल्लाह अली खामेनेई का साधारण सा घर है, जिन्होंने यहीं शहादत दी थी। सम्मानित लीडर और उनके परिवार की सबसे बड़ी कुर्बानी — 14 महीने की शहीद जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी — उनकी बेहतरीन लीडरशिप, अटूट हिम्मत और दया की ताकत का सबूत हैं। खास तौर पर उस इमामबाड़े को देखकर बहुत अच्छा लगा जहाँ उन्होंने नमाज पढ़ी थी। अल्लाह उन्हें जन्नत में सबसे ऊँचा मुकाम दे।'

यह पोस्ट भारत के एक प्रमुख राजनीतिक नेता द्वारा खामेनेई के निधन पर की गई सबसे विस्तृत और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं में से एक मानी जा रही है।

औपचारिक निमंत्रण और राजनयिक संदर्भ

पीडीपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महबूबा मुफ्ती को ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। निमंत्रण पत्र में उल्लेख किया गया कि 28 फरवरी 2026 को अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर ईरान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया और राजकीय सम्मान के साथ विदाई का आयोजन किया जा रहा है।

निमंत्रण में मुफ्ती से भारत की एक विशिष्ट राजनीतिक हस्ती के रूप में समारोह में शामिल होने का आग्रह किया गया। ईरानी पक्ष ने उनकी उपस्थिति को भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक मित्रता, आपसी सम्मान और दोनों प्राचीन सभ्यताओं के गहरे संबंधों का प्रतीक बताया।

विदाई समारोह: ईरानी नेताओं का दुख

खामेनेई के विदाई कार्यक्रम के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भावुक हो गए। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेग मोटामेडियन ने कहा, 'शहीद नेता की विदाई और सेंड-ऑफ सेरेमनी में हम सबसे ऊँचे स्तर की सुरक्षा रखेंगे।'

समारोह स्थल तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर ग्राउंड्स के गेट स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे खोले गए। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकतानुसार गेट खुलने का समय पहले भी बढ़ाया जा सकता था।

भारत-ईरान संबंधों के परिप्रेक्ष्य में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंध कई स्तरों पर पुनर्परिभाषित हो रहे हैं। गौरतलब है कि किसी भारतीय राजनेता का इस स्तर के ईरानी राजकीय समारोह में शामिल होना असामान्य माना जाता है, और इसे दोनों देशों के बीच जन-स्तरीय संपर्क का संकेत भी देखा जा रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महबूबा मुफ्ती की इस यात्रा पर भारतीय राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है और केंद्र सरकार इसे किस रूप में देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे समय में जब भारत-ईरान संबंध जटिल भू-राजनीतिक दबावों में हैं, एक साहसिक कदम है। सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इसे व्यक्तिगत कूटनीति मानती है या राजनीतिक असुविधा — और क्या जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इसका कोई घरेलू निहितार्थ भी है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महबूबा मुफ्ती तेहरान क्यों गई थीं?
महबूबा मुफ्ती ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय विदाई समारोह में शामिल होने तेहरान गई थीं। उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था।
अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन कब हुआ?
अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को हुआ था। उनके निधन के बाद ईरान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया और राजकीय सम्मान के साथ विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर क्या लिखा?
मुफ्ती ने एक्स पर लिखा कि हुसैनिया जमरान जाना 'बहुत दर्दनाक और दिल दहला देने वाला अनुभव' था। उन्होंने खामेनेई की लीडरशिप, अटूट हिम्मत और उनके परिवार की कुर्बानी को याद किया और उनके लिए दुआ की।
क्या महबूबा मुफ्ती को भारत सरकार की ओर से भेजा गया था?
नहीं, पीडीपी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्हें ईरानी पक्ष की ओर से भारत की एक 'विशिष्ट राजनीतिक हस्ती' के रूप में व्यक्तिगत निमंत्रण दिया गया था। यह केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिनिधित्व नहीं था।
खामेनेई के विदाई समारोह में और कौन-कौन से नेता भावुक हुए?
फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समारोह के दौरान भावुक हो गए। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर ग्राउंड्स में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच यह समारोह संपन्न हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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