महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास में खामेनेई को दी श्रद्धांजलि

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महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास में खामेनेई को दी श्रद्धांजलि

सारांश

महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास जाकर दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। यह घटना जम्मू और कश्मीर के लिए गहरी संवेदना का विषय बन गई है।

Key Takeaways

  • महबूबा मुफ्ती का ईरानी दूतावास में दौरा
  • खामेनेई को श्रद्धांजलि देने का महत्व
  • राजनीतिक नेताओं की एकजुटता
  • भारत-ईरान संबंधों पर प्रभाव
  • जम्मू और कश्मीर में शांति की अपेक्षा

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (जेकेपीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को ईरानी दूतावास का दौरा किया। उन्होंने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के सांसदों ने भी वहां जाकर शोक व्यक्त किया।

मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बडगाम के विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के साथ ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली से मुलाकात की। गमगीन माहौल और अनिश्चितता के बावजूद, उन्होंने वहाँ के स्टाफ की गर्मजोशी और शालीनता का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने ईरान के लोगों की लचीलेपन का एक मजबूत प्रमाण माना।

उनसे पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय ने भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास पहुंचकर खामेनेई की शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।

इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के एम्बेसडर डॉ. मोहम्मद फथली से भी मुलाकात की और शोक पुस्तिका पर अपने हस्ताक्षर किए। सांसदों ने ईरान सरकार और लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू और कश्मीर के लोगों, जेकेएनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और जम्मू- कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की तरफ से ईरान सरकार और लोगों के प्रति शोक जताया।

सांसदों ने कहा कि इस प्रकार के कार्य अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।

जेकेएनसी नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में हमेशा शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई।

शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी वहां पहुंचा था। उन्होंने भी खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा शामिल थे। उन्होंने शोक-पुस्तिका में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईरान की सरकार और जनता के प्रति संवेदना प्रकट की।

कांग्रेस नेताओं ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस बारे में जानकारी दी थी।

भारत सरकार की ओर से 5 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मिलकर खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए कंडोलेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे।

Point of View

बल्कि जम्मू और कश्मीर की राजनीतिक स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास में क्या किया?
महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास जाकर दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।
कौन-कौन से नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में महबूबा मुफ्ती, जेकेएनसी के सांसद और कांग्रेस पार्टी के नेता शामिल हुए।
खामेनेई के निधन पर भारत सरकार ने क्या किया?
भारत सरकार के विदेश सचिव ने ईरान के राजदूत से मिलकर खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया।
ईरानी दूतावास में शोक व्यक्त करने का क्या महत्व है?
यह श्रद्धांजलि भारत और ईरान के बीच संबंधों को दर्शाती है और राजनीतिक एकजुटता का प्रतीक है।
क्या इस घटना का जम्मू-कश्मीर पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को बढ़ा सकती है।
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