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महबूबा मुफ्ती की अपील: खामेनेई की शहादत पर रैलियों में शामिल प्रदर्शनकारियों को रिहा करें

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महबूबा मुफ्ती की अपील: खामेनेई की शहादत पर रैलियों में शामिल प्रदर्शनकारियों को रिहा करें

सारांश

महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से ईरान के नेता खामेनेई की शहादत के बाद गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की अपील की है।

मुख्य बातें

महबूबा मुफ्ती की अपील: प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए।
ईरान के नेता खामेनेई की शहादत के बाद का तनाव।
प्रदर्शनों में शिया समुदाय की बड़ी भागीदारी।
कश्मीर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना।
शांति और एकजुटता का अधिकार सभी को है।

श्रीनगर, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस से एक विशेष अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद शांतिपूर्ण रैलियों में भाग लेने वाली महिलाओं सहित सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा, "अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद कश्मीर में महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने उनके परिवारों को आश्वासन दिया था कि उन्हें शीघ्र रिहा किया जाएगा, लेकिन ऐसा दुर्भाग्यवश नहीं हुआ। मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस से निवेदन करती हूं कि वे उनके रिहाई पर विचार करें।"

यह बयान उस समय आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु (अमेरिकी-इजरायली हमलों में) के बाद कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर शोक सभाएं और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 1 मार्च से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में हजारों लोग, विशेषकर शिया समुदाय के लोग, सड़कों पर उतरे हैं।

श्रीनगर के लाल चौक, बडगाम, बारामूला और अन्य क्षेत्रों में रैलियां आयोजित की गई हैं, जहां अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और खामेनेई के पोस्टर उठाए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले भी जलाए गए।

महबूबा मुफ्ती ने पहले भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि यह क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से भी सवाल उठाया कि ईरान पर हमलों की निंदा क्यों नहीं की गई। प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कुछ स्थानों पर हल्की कार्रवाई की, जिसमें आंसू गैस और लाठीचार्ज शामिल था।

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि शोक मनाने और एकजुटता दिखाने का अधिकार सभी को है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी से अपील की कि स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए। जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं, उन्हें अपराधी नहीं माना जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महबूबा मुफ्ती ने किस कारण से जम्मू-कश्मीर पुलिस से अपील की?
महबूबा मुफ्ती ने ईरान के नेता खामेनेई की शहादत के बाद शांतिपूर्ण रैलियों में शामिल प्रदर्शनकारियों की रिहाई के लिए अपील की।
कश्मीर में हाल ही में क्यों प्रदर्शन हो रहे हैं?
खामेनेई की मृत्यु के बाद कश्मीर में शोक और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती की क्या मांग है?
उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है।
प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने कुछ स्थानों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किया।
महबूबा मुफ्ती ने किस पर सवाल उठाए?
उन्होंने केंद्र सरकार पर ईरान पर हमलों की निंदा न करने का सवाल उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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