13 अगस्त 2026
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यूनिट 731 के पूर्व चिकित्सक की गवाही: जापानी सेना ने हार से पहले चीन में दफनाए थे जहरीली गैस के बम

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यूनिट 731 के पूर्व चिकित्सक की गवाही: जापानी सेना ने हार से पहले चीन में दफनाए थे जहरीली गैस के बम

सारांश

द्वितीय विश्वयुद्ध के दशकों बाद, यूनिट 731 की हैलार टुकड़ी के पूर्व चिकित्सक तानिजाकी हितोशी की 70 मिनट की वीडियो गवाही ने पुष्टि की है कि जापानी सेना ने पराजय से पहले चीन में गुप्त रूप से जहरीली गैस के बम दफनाए थे — अपराधी पक्ष से प्रत्यक्ष साक्ष्य का यह दुर्लभ दस्तावेज़ ऐतिहासिक महत्व रखता है।

मुख्य बातें

यूनिट 731 अपराध संग्रहालय ने 12 अगस्त 2026 को नवसंकलित ऐतिहासिक दस्तावेज़ जारी किए।
पूर्व जापानी चिकित्सक तानिजाकी हितोशी की 70 मिनट लंबी मौखिक गवाही में स्वीकार किया गया कि जापानी सेना ने चीन में जहरीली गैस के बम दफनाए थे।
गवाही के अनुसार, हैलार टुकड़ी ने पीछे हटते समय सुविधाओं में आग लगाई और फुलारजी में स्थापित जहरीली गैस इकाई ने बम भूमि में छुपाए।
यह गवाही संग्रहालय ने 2016 में जापान यात्रा के दौरान दर्ज की थी, जिसे अब पहली बार सार्वजनिक किया गया।
शोधकर्ता चिन शिछेंग ने इसे युद्धोत्तर रासायनिक हथियार विरासत की ऐतिहासिक जड़ों को समझने में व्यावहारिक महत्व का बताया।

चीन में जापानी सेना की यूनिट 731 द्वारा किए गए अपराधों के साक्ष्य संग्रहालय ने 12 अगस्त 2026 को नवसंकलित ऐतिहासिक दस्तावेज़ सार्वजनिक किए, जिनमें यूनिट 731 की हैलार टुकड़ी के एक पूर्व जापानी चिकित्सक की 70 मिनट लंबी मौखिक गवाही शामिल है। इस गवाही में स्वीकार किया गया है कि जापानी सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध में अपनी पराजय से पूर्व चीन की धरती पर बड़ी संख्या में जहरीली गैस के बम गुप्त रूप से दफनाए थे। शोधकर्ताओं के अनुसार यह गवाही जापानी रासायनिक हथियारों के परित्याग के मुद्दे पर नई ऐतिहासिक रोशनी डालती है।

गवाही का स्रोत और संग्रह

यह मौखिक विवरण संग्रहालय की टीम ने 2016 में जापान की एक शोध यात्रा के दौरान दर्ज किया था। साक्षात्कारकर्ता तानिजाकी हितोशी ने वीडियो में बताया कि जब वे जापानी सेना में भर्ती हुए थे, तब उनकी आयु मात्र 21 वर्ष थी। उन्होंने यूनिट 731 में बिताए समय के अनुभव विस्तार से साझा किए। यह गवाही अब तक अप्रकाशित थी और संग्रहालय द्वारा इसे पहली बार औपचारिक रूप से जारी किया गया है।

मुख्य खुलासे: बमों को दफनाने का सच

तानिजाकी हितोशी ने अपनी गवाही में खुलासा किया कि पीछे हटते समय हैलार टुकड़ी ने अपनी समस्त सुविधाओं में आग लगा दी थी, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें। परंतु जापानी जहरीली गैस इकाई ने गुप्त रूप से बड़ी संख्या में रासायनिक बम भूमि में दबा दिए। उन्होंने स्पष्ट किया — 'वह बैक्टीरिया नहीं, जहरीली गैस थी' — और यह भी बताया कि जहरीली गैस इकाई की स्थापना फुलारजी में की गई थी।

शोधकर्ताओं की प्रतिक्रिया

संग्रहालय के शोधकर्ता चिन शिछेंग ने कहा कि यह मौखिक विवरण प्रत्यक्ष रूप से इस बात की पुष्टि करता है कि जापानी सेना ने पराजय के दौरान चीन में रासायनिक हथियार छोड़ दिए थे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह गवाही युद्धोत्तर काल में विषैली गैस से जुड़ी घटनाओं की ऐतिहासिक जड़ों को समझने में व्यावहारिक महत्व रखती है।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव

गौरतलब है कि यूनिट 731 द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापानी सेना की वह कुख्यात इकाई थी जिसने चीन में जैविक और रासायनिक हथियारों से संबंधित प्रयोग किए थे। युद्ध समाप्ति के दशकों बाद भी चीन में परित्यक्त जापानी रासायनिक हथियार मिलते रहे हैं, जो आज भी नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन-जापान ऐतिहासिक संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। नई गवाही इस विषय पर अपराधी पक्ष की ओर से प्रत्यक्ष साक्ष्य का दुर्लभ उदाहरण मानी जा रही है।

आगे क्या

संग्रहालय के अनुसार यह दस्तावेज़ जापानी रासायनिक हथियारों के परित्याग के मुद्दे पर आगे के शोध के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है। शोधकर्ता इस गवाही का उपयोग अन्य अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ मिलाकर रासायनिक हथियारों की सटीक स्थिति और संख्या का आकलन करने में करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

कूटनीतिक संदर्भ भी रखता है। स्वतंत्र इतिहासकारों द्वारा इस गवाही का सत्यापन और व्यापक अभिलेखीय साक्ष्यों से मिलान आवश्यक होगा ताकि इसे निर्विवाद ऐतिहासिक रिकॉर्ड का दर्जा मिल सके।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनिट 731 क्या थी और इसका चीन से क्या संबंध है?
यूनिट 731 द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापानी सेना की एक कुख्यात इकाई थी जिसने चीन में जैविक और रासायनिक हथियारों से जुड़े प्रयोग किए थे। इस इकाई पर चीनी और अन्य नागरिकों पर अमानवीय प्रयोग करने के गंभीर आरोप हैं, जो अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध माने जाते हैं।
तानिजाकी हितोशी की गवाही में क्या नया खुलासा हुआ?
तानिजाकी हितोशी ने 70 मिनट की वीडियो गवाही में स्वीकार किया कि हैलार टुकड़ी ने पीछे हटते समय सुविधाओं में आग लगाई, जबकि जहरीली गैस इकाई ने गुप्त रूप से बड़ी संख्या में रासायनिक बम भूमि में दफना दिए। उन्होंने फुलारजी में जहरीली गैस इकाई की उपस्थिति की भी पुष्टि की।
यह गवाही कब और कैसे दर्ज की गई?
यह गवाही यूनिट 731 अपराध संग्रहालय की टीम ने 2016 में जापान की एक शोध यात्रा के दौरान दर्ज की थी। इसे 12 अगस्त 2026 को पहली बार औपचारिक रूप से सार्वजनिक किया गया।
परित्यक्त जापानी रासायनिक हथियार आज भी खतरा क्यों हैं?
युद्ध समाप्ति के दशकों बाद भी चीन में दफन जापानी रासायनिक हथियार समय-समय पर मिलते रहे हैं और नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं। तानिजाकी की गवाही इन हथियारों की ऐतिहासिक जड़ों को प्रमाणित करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस गवाही का ऐतिहासिक और कूटनीतिक महत्व क्या है?
शोधकर्ता चिन शिछेंग के अनुसार यह गवाही अपराधी पक्ष से प्रत्यक्ष साक्ष्य का दुर्लभ उदाहरण है, जो जापानी रासायनिक हथियारों के परित्याग के मुद्दे पर आगे के शोध का आधार बनेगी। चीन-जापान ऐतिहासिक संबंधों पर चल रही बहस के बीच इसका कूटनीतिक महत्व भी है।
राष्ट्र प्रेस
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