13 अगस्त 2026
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करण अदाणी की ओडिशा डिप्टी सीएम से मुलाकात, 3,000 MW के दो पावर प्लांट का प्रस्ताव

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करण अदाणी की ओडिशा डिप्टी सीएम से मुलाकात, 3,000 MW के दो पावर प्लांट का प्रस्ताव

सारांश

अदाणी समूह एक साथ दो पूर्वी-दक्षिणी राज्यों में दस्तक दे रहा है — ओडिशा में 3,000 MW के पावर प्लांट का प्रस्ताव और आंध्र प्रदेश में ₹16,000 करोड़ के टाइटेनियम प्लांट की योजना। यह समूह के ऊर्जा व खनिज पोर्टफोलियो के बड़े भौगोलिक विस्तार का संकेत है।

मुख्य बातें

करण अदाणी ने 14 अगस्त 2025 को भुवनेश्वर में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव से मुलाकात की।
अदाणी समूह ने ओडिशा में 3,000 मेगावाट क्षमता के दो पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
बैठक में पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP) , सौर ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
एक दिन पहले करण अदाणी ने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मिलकर श्रीकाकुलम में ₹16,000 करोड़ के टाइटेनियम प्लांट का प्रस्ताव दिया।
आंध्र प्रदेश परियोजना में 1,000 बिस्तरों वाला अस्पताल, 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज और अदाणी यूनिवर्सिटी भी शामिल।
किसी भी राज्य में अभी तक औपचारिक MoU की पुष्टि नहीं हुई है।

अदाणी समूह के कार्यकारी निदेशक करण अदाणी ने 14 अगस्त 2025 को भुवनेश्वर के खरवेल भवन में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई। समूह ने ओडिशा में 3,000 मेगावाट क्षमता के दो पावर प्लांट स्थापित करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

करण अदाणी के साथ आई टीम की इस बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (OPTCL) के सीएमडी भास्कर ज्योति सरमा, GRIDCO के प्रबंध निदेशक सत्यप्रिय रथ और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उच्च-स्तरीय उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार इस निवेश प्रस्ताव को गंभीरता से ले रही है।

मुख्य घटनाक्रम: किन परियोजनाओं पर हुई चर्चा

बैठक में पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP), सौर ऊर्जा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं सहित स्वच्छ ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता और टिकाऊ बिजली क्षमता में वृद्धि पर विशेष ज़ोर दिया गया। अदाणी समूह ने उपमुख्यमंत्री को देश के अन्य राज्यों में स्थापित अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया।

गौरतलब है कि ओडिशा सरकार अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विश्वसनीय और कार्बन-मुक्त बेसलोड बिजली की आवश्यकता पर बल दे रही है — यह बैठक उसी रणनीतिक दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आंध्र प्रदेश में भी अदाणी समूह की सक्रियता

ओडिशा बैठक से एक दिन पहले, 13 अगस्त को करण अदाणी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने श्रीकाकुलम जिले में ₹16,000 करोड़ के निवेश से प्रस्तावित टाइटेनियम प्लांट की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने बीच सैंड माइनिंग और इल्मेनाइट से वैल्यू एडिशन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। समूह के अनुसार, इल्मेनाइट से टाइटेनियम स्लैग, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और टाइटेनियम स्पंज तैयार किए जा सकते हैं, जिनका उपयोग पेंट, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक, पॉलिमर और यूवी-प्रोटेक्शन उत्पादों समेत कई उद्योगों में होता है।

आम जनता पर असर: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार

आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित परियोजना के तहत कौशल विकास सुविधाएँ, अदाणी यूनिवर्सिटी, एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल, विशाखापत्तनम में 1,000 बिस्तरों वाला अदाणी आरोग्य मंदिर अस्पताल और 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना भी सामने आई है।

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी और दक्षिणी भारत के राज्य बड़े औद्योगिक समूहों को आकर्षित करने की होड़ में हैं। ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों में एक साथ अदाणी समूह की सक्रियता यह दर्शाती है कि समूह अपने ऊर्जा, खनिज प्रसंस्करण, शिक्षा और स्वास्थ्य पोर्टफोलियो का व्यापक विस्तार कर रहा है।

क्या होगा आगे

अभी तक किसी भी परियोजना पर औपचारिक समझौता या MoU होने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों राज्यों में चर्चाएँ प्रारंभिक चरण में बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ महीनों में इन प्रस्तावों की व्यावहारिकता और राज्य सरकारों की नीतिगत प्रतिक्रिया स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वी और दक्षिणी भारत में रणनीतिक पैठ बनाने की सुनियोजित कोशिश दिखती है। ओडिशा में PSP और परमाणु ऊर्जा जैसे जटिल क्षेत्रों में रुचि दिखाना बताता है कि समूह बेसलोड क्षमता में दीर्घकालिक दांव लगाने को तैयार है। हालाँकि, चूँकि कोई MoU अभी हस्ताक्षरित नहीं हुआ है, इसलिए इन प्रस्तावों को ठोस प्रतिबद्धता मानना जल्दबाज़ी होगी — भारत में बड़े औद्योगिक निवेश प्रस्तावों और उनके ज़मीन पर उतरने के बीच का अंतर अक्सर नीतिगत अड़चनों और भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं में खो जाता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करण अदाणी ने ओडिशा में क्या प्रस्ताव रखा?
अदाणी समूह ने ओडिशा में 3,000 मेगावाट क्षमता के दो पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। बैठक में पंप्ड स्टोरेज प्लांट, सौर ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
ओडिशा बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, OPTCL के सीएमडी भास्कर ज्योति सरमा और GRIDCO के प्रबंध निदेशक सत्यप्रिय रथ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अदाणी समूह ने आंध्र प्रदेश में क्या योजना प्रस्तुत की?
अदाणी समूह ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में ₹16,000 करोड़ के निवेश से टाइटेनियम प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अदाणी यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
टाइटेनियम प्लांट से कौन-से उत्पाद बनेंगे?
इल्मेनाइट (समुद्र तट की रेत से प्राप्त खनिज) से टाइटेनियम स्लैग, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और टाइटेनियम स्पंज तैयार किए जाएँगे। इनका उपयोग पेंट, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक, पॉलिमर और यूवी-प्रोटेक्शन उद्योगों में होता है।
क्या ओडिशा या आंध्र प्रदेश के साथ कोई समझौता हुआ?
अभी तक किसी भी राज्य के साथ औपचारिक MoU या समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों राज्यों में चर्चाएँ प्रारंभिक चरण में बताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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