ओडिशा में ₹1.08 लाख करोड़ का एल्युमीनियम प्लांट: करण अदाणी बोले — 'पूर्वी भारत के विकास का केंद्र है ओडिशा'
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने 2 जुलाई को घोषणा की कि अदाणी ग्रुप और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ओडिशा में एक नए एल्युमीनियम प्लांट के लिए 11.5 अरब डॉलर (करीब ₹1.08 लाख करोड़) का निवेश करेंगे। करण अदाणी ने इस अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओडिशा अदाणी ग्रुप के लिए पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का केंद्र है।
निवेश की रूपरेखा
यह निवेश ₹1.08 लाख करोड़ का है, जो ओडिशा में अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में से एक माना जा रहा है। करण अदाणी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के खनिज संसाधनों में मूल्य संवर्धन कर एक वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडार है, भारत के लौह अयस्क भंडार का 50 प्रतिशत से अधिक यहीं स्थित है, और कोयले के भंडार भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।
करण अदाणी के अनुसार, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ओडिशा में 'सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि मजबूती भी देखते हैं।' यह बयान इस बात का संकेत है कि समूह राज्य को दीर्घकालिक रणनीतिक केंद्र के रूप में देख रहा है।
ओडिशा की औद्योगिक संभावनाएँ
करण अदाणी ने कहा कि ओडिशा में भारत के औद्योगिक विकास की अगली लहर का नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने राज्य को 'उद्यम, साहस, संस्कृति और अपार संभावनाओं वाली महान धरती' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि ओडिशा दशकों से खनिज-समृद्ध राज्य रहा है, लेकिन औद्योगिक प्रसंस्करण की कमी के कारण इसका आर्थिक लाभ सीमित रहा है। इस परियोजना को उस ढाँचे को बदलने की दिशा में एक ठोस कदम बताया जा रहा है।
सरकार और नीतिगत समर्थन
करण अदाणी ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के 'सक्रिय रवैये और मजबूत नीतिगत समर्थन' ने ओडिशा को निवेश के लिए अनुकूल गंतव्य बनाया है। उन्होंने इस परियोजना को 'विकसित भारत 2036' के विजन से जोड़ते हुए कहा कि इसके लिए 'विकसित ओडिशा और समृद्ध ओडिशा' की आवश्यकता होगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर
करण अदाणी ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का मकसद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, उद्यमियों को सहयोग देना और ओडिशा को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। हालाँकि, रोजगार के ठोस आँकड़े या समयसीमा का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।
यह परियोजना ओडिशा के खनिज क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है और आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।