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ओडिशा में ₹1.08 लाख करोड़ का एल्युमीनियम प्लांट: करण अदाणी बोले — 'पूर्वी भारत के विकास का केंद्र है ओडिशा'

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ओडिशा में ₹1.08 लाख करोड़ का एल्युमीनियम प्लांट: करण अदाणी बोले — 'पूर्वी भारत के विकास का केंद्र है ओडिशा'

सारांश

अदाणी ग्रुप और IHC ने ओडिशा में ₹1.08 लाख करोड़ के एल्युमीनियम प्लांट की घोषणा की है। APSEZ के MD करण अदाणी ने राज्य को पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास की धुरी बताया — बॉक्साइट, लौह अयस्क और कोयले के विशाल भंडार वाले इस राज्य को 'वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब' में बदलने का लक्ष्य है।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रुप और IHC ने ओडिशा में नए एल्युमीनियम प्लांट के लिए ₹1.08 लाख करोड़ (11.5 अरब डॉलर) के निवेश की घोषणा की।
APSEZ के MD करण अदाणी ने ओडिशा को अदाणी ग्रुप के लिए पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का केंद्र बताया।
ओडिशा में भारत के लौह अयस्क भंडार का 50% से अधिक और देश का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार मौजूद है।
परियोजना का लक्ष्य ओडिशा को कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता से वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व और राज्य सरकार के नीतिगत समर्थन को निवेश के लिए अनुकूल माहौल का श्रेय दिया गया।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने 2 जुलाई को घोषणा की कि अदाणी ग्रुप और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ओडिशा में एक नए एल्युमीनियम प्लांट के लिए 11.5 अरब डॉलर (करीब ₹1.08 लाख करोड़) का निवेश करेंगे। करण अदाणी ने इस अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओडिशा अदाणी ग्रुप के लिए पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का केंद्र है।

निवेश की रूपरेखा

यह निवेश ₹1.08 लाख करोड़ का है, जो ओडिशा में अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में से एक माना जा रहा है। करण अदाणी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के खनिज संसाधनों में मूल्य संवर्धन कर एक वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडार है, भारत के लौह अयस्क भंडार का 50 प्रतिशत से अधिक यहीं स्थित है, और कोयले के भंडार भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।

करण अदाणी के अनुसार, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ओडिशा में 'सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि मजबूती भी देखते हैं।' यह बयान इस बात का संकेत है कि समूह राज्य को दीर्घकालिक रणनीतिक केंद्र के रूप में देख रहा है।

ओडिशा की औद्योगिक संभावनाएँ

करण अदाणी ने कहा कि ओडिशा में भारत के औद्योगिक विकास की अगली लहर का नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने राज्य को 'उद्यम, साहस, संस्कृति और अपार संभावनाओं वाली महान धरती' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि ओडिशा दशकों से खनिज-समृद्ध राज्य रहा है, लेकिन औद्योगिक प्रसंस्करण की कमी के कारण इसका आर्थिक लाभ सीमित रहा है। इस परियोजना को उस ढाँचे को बदलने की दिशा में एक ठोस कदम बताया जा रहा है।

सरकार और नीतिगत समर्थन

करण अदाणी ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के 'सक्रिय रवैये और मजबूत नीतिगत समर्थन' ने ओडिशा को निवेश के लिए अनुकूल गंतव्य बनाया है। उन्होंने इस परियोजना को 'विकसित भारत 2036' के विजन से जोड़ते हुए कहा कि इसके लिए 'विकसित ओडिशा और समृद्ध ओडिशा' की आवश्यकता होगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर

करण अदाणी ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का मकसद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, उद्यमियों को सहयोग देना और ओडिशा को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। हालाँकि, रोजगार के ठोस आँकड़े या समयसीमा का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।

यह परियोजना ओडिशा के खनिज क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है और आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि खनिज-समृद्ध राज्यों में बड़े औद्योगिक निवेशों का स्थानीय समुदायों को कितना लाभ मिलता है — यह भारत में बार-बार उठने वाला सवाल है। करण अदाणी के बयान में रोजगार के ठोस आँकड़े या समयसीमा का अभाव उल्लेखनीय है; 'युवाओं के लिए अवसर' जैसे वाक्यांश तब तक अधूरे हैं जब तक उन्हें सत्यापन-योग्य लक्ष्यों से नहीं जोड़ा जाता। IHC जैसे विदेशी साझेदार की भागीदारी निवेश की विश्वसनीयता बढ़ाती है, लेकिन पर्यावरणीय और पुनर्वास संबंधी प्रश्न — जो ओडिशा के खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से विवादास्पद रहे हैं — अभी उत्तर की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रुप और IHC ओडिशा में कितना निवेश कर रहे हैं?
अदाणी ग्रुप और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) मिलकर ओडिशा में एक नए एल्युमीनियम प्लांट के लिए ₹1.08 लाख करोड़ (11.5 अरब डॉलर) का निवेश करेंगे। यह घोषणा 2 जुलाई को APSEZ के MD करण अदाणी ने की।
करण अदाणी ने ओडिशा को पूर्वी भारत का केंद्र क्यों बताया?
करण अदाणी के अनुसार ओडिशा में भारत के लौह अयस्क भंडार का 50% से अधिक, देश का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार और पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है। इन प्राकृतिक संसाधनों और राज्य सरकार के नीतिगत समर्थन को देखते हुए उन्होंने ओडिशा को पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का केंद्र बताया।
इस परियोजना से ओडिशा के युवाओं को क्या फायदा होगा?
करण अदाणी ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनाना और स्थानीय उद्यमियों को सहयोग देना है। हालाँकि, रोजगार के ठोस आँकड़े या समयसीमा की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
ओडिशा में इस एल्युमीनियम प्लांट का विजन क्या है?
करण अदाणी ने इस परियोजना को 'विकसित भारत 2036' के विजन से जोड़ा है, जिसके तहत ओडिशा को कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता से एक वर्ल्ड-क्लास वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना है। इसका लक्ष्य ओडिशा को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करना है।
IHC कौन है और इस निवेश में उसकी भूमिका क्या है?
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) एक विदेशी निवेश कंपनी है जो अदाणी ग्रुप के साथ मिलकर इस एल्युमीनियम परियोजना में निवेश कर रही है। दोनों मिलकर ₹1.08 लाख करोड़ का संयुक्त निवेश ओडिशा में करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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