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ओडिशा में ₹76,612 करोड़ के 20 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 9 जिलों में 50,517 रोजगार का लक्ष्य

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ओडिशा में ₹76,612 करोड़ के 20 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 9 जिलों में 50,517 रोजगार का लक्ष्य

सारांश

ओडिशा ने एक ही बैठक में ₹76,612 करोड़ के 20 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी — लैब-ग्रोन डायमंड से लेकर सोलर सेल और रेयर अर्थ मैगनेट तक। मुख्यमंत्री माझी के दो साल के कार्यकाल में यह राज्य के सबसे बड़े निवेश अनुमोदनों में से एक है, जो 9 जिलों में 50,517 नौकरियों का वादा करता है।

मुख्य बातें

ओडिशा उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण ने 17 जून 2026 को ₹76,611.86 करोड़ के 20 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।
इन परियोजनाओं से राज्य के 9 जिलों में 50,517 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।
खोरधा में ₹9,817.50 करोड़ की लैब-ग्रोन डायमंड यूनिट से 8,100 नौकरियाँ मिलेंगी।
गंजम में ₹10,000 करोड़ के सोलर फोटोवोल्टिक सेल प्रोजेक्ट से 5,000 रोजगार का अनुमान।
परियोजनाएँ एयरोस्पेस, रक्षा, रेयर अर्थ मिनरल्स, फार्मा, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार के दो साल में ओडिशा देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो गया है।

ओडिशा की उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण ने बुधवार, 17 जून 2026 को ₹76,611.86 करोड़ के कुल निवेश वाले 20 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी, जिनसे राज्य के नौ जिलों में 50,517 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। यह मंजूरी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में हुई प्राधिकरण की 45वीं बैठक में दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ये मंजूरियाँ राज्य सरकार की औद्योगिक विकास, उन्नत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, मूल्य संवर्धन और संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। स्वीकृत परियोजनाएँ रत्न निर्माण, ग्रीन एनर्जी उपकरण, एयरोस्पेस और रक्षा, रेयर अर्थ मिनरल्स, फार्मा, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कैपिटल गुड्स, केमिकल्स, स्टील, आयरन, फेरो अलॉय तथा पावर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हैं।

प्रमुख परियोजनाएँ और निवेश विवरण

इन मंजूरियों की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ओडिशा का लैब-ग्रोन डायमंड (कृत्रिम हीरा) निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना है। एक कंपनी खोरधा में ₹9,817.50 करोड़ के निवेश से लैब-ग्रोन डायमंड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी, जिससे 8,100 रोजगार पैदा होंगे।

ग्रीन एनर्जी उपकरण क्षेत्र में भी बड़े निवेश को स्वीकृति मिली है। गंजम में एक कंपनी ₹10,000 करोड़ के निवेश से इनगट और वेफर निर्माण सुविधा सहित सोलर फोटोवोल्टिक सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे 5,000 नौकरियाँ मिलेंगी। इसी जिले में एक अन्य सोलर कंपनी ₹1,709.81 करोड़ की लागत से सोलर फोटोवोल्टिक सेल निर्माण सुविधा लगाएगी, जिससे 519 रोजगार बनेंगे।

क्रिटिकल मिनरल्स और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में, खोरधा/कटक में एक कंपनी ₹1,250 करोड़ की लागत से हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहन ग्रेड नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन मैगनेट निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। गंजम में एक अन्य कंपनी ₹2,400 करोड़ के निवेश से नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन परमानेंट मैगनेट निर्माण सुविधा स्थापित करेगी, जिसमें 2,000 नौकरियाँ पैदा होंगी। इसके अतिरिक्त गंजम में ही ₹2,800 करोड़ की लागत से टाइटेनियम डाइऑक्साइड स्लैग और पिगमेंट निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी, जिससे 1,500 रोजगार सृजित होंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार के दो साल पूरे होने पर ओडिशा देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत बुनियादी ढाँचे और निवेशकों की सुविधा के कारण राज्य में पारंपरिक और नए दोनों क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है। माझी ने यह भी कहा कि ये मंजूरियाँ ओडिशा में बढ़ते निवेशकों के भरोसे और रोजगार सृजन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा रोजगार सृजन और औद्योगिक विविधीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नौ जिलों में फैली ये परियोजनाएँ संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्य के अनुरूप हैं। गौरतलब है कि एयरोस्पेस, रक्षा, स्टील और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश ओडिशा को परंपरागत खनन-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे ले जाने का संकेत देता है।

क्या होगा आगे

इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और चरणबद्ध कार्यान्वयन की जानकारी संबंधित विभागों द्वारा जल्द साझा किए जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार का ध्यान अब निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और वास्तविक रोजगार सृजन सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

612 करोड़ के ये अनुमोदन प्रभावशाली हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि कितने प्रोजेक्ट्स निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतरते हैं और 50,517 नौकरियों का वादा कब और कैसे पूरा होता है। ओडिशा के पास खनिज संसाधनों की प्रचुरता है, फिर भी राज्य दशकों से उच्च-मूल्य विनिर्माण में पिछड़ता रहा है। लैब-ग्रोन डायमंड और नियोडिमियम मैगनेट जैसे उभरते क्षेत्रों में दांव लगाना रणनीतिक दृष्टि से सही है, परंतु इन उद्योगों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा तीव्र है। बिना पारदर्शी क्रियान्वयन ढाँचे और रोजगार सत्यापन तंत्र के, ये आँकड़े महज अनुमोदन-सूची तक सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में 17 जून 2026 को किन 20 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली?
ओडिशा की उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण की 45वीं बैठक में कुल ₹76,611.86 करोड़ के 20 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इनमें लैब-ग्रोन डायमंड, सोलर फोटोवोल्टिक सेल, नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन मैगनेट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, एयरोस्पेस, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाएँ शामिल हैं।
ओडिशा के इन प्रोजेक्ट्स से कितने रोजगार मिलेंगे और किन जिलों में?
इन 20 परियोजनाओं से राज्य के 9 जिलों में 50,517 रोजगार अवसर पैदा होने का अनुमान है। सबसे अधिक रोजगार खोरधा (8,100 — लैब-ग्रोन डायमंड) और गंजम (5,000 — सोलर फोटोवोल्टिक सेल) में मिलने की संभावना है।
ओडिशा में लैब-ग्रोन डायमंड प्रोजेक्ट क्या है?
खोरधा में एक कंपनी ₹9,817.50 करोड़ के निवेश से लैब-ग्रोन डायमंड (कृत्रिम हीरा) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना से 8,100 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है और यह ओडिशा को इस उभरते क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री माझी ने इन मंजूरियों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार के दो साल पूरे होने पर ओडिशा देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर नीतियों और मजबूत बुनियादी ढाँचे को इसका कारण बताया।
ओडिशा में इस बार किन नए क्षेत्रों में निवेश को मंजूरी मिली है?
इस बार पारंपरिक स्टील और खनन के अलावा लैब-ग्रोन डायमंड, सोलर फोटोवोल्टिक सेल, नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन परमानेंट मैगनेट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, एयरोस्पेस और रक्षा तथा फार्मा जैसे उच्च-मूल्य और उभरते क्षेत्रों में निवेश को मंजूरी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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