क्या अदाणी ग्रुप कच्छ में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश कच्छ क्षेत्र में किया जाएगा।
- गुजरात की आर्थिक प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।
- पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की मांग को पूरा करने का प्रयास।
- निवेश से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- अदाणी ग्रुप की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है।
अहमदाबाद, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी ग्रुप अगले 5 वर्षों में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। यह जानकारी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने रविवार को साझा की।
करण अदाणी ने कहा कि यह निवेश यह दर्शाता है कि भारत आर्थिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की मांग को एक साथ पूरा कर सकता है।
राजकोट में आयोजित एक कार्यक्रम में, करण अदाणी ने कहा कि गुजरात अदाणी ग्रुप के लिए केवल निवेश का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह उनकी यात्रा की नींव है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे।
उन्होंने बताया, "हमारे चेयरमैन गौतम अदाणी का यह हमेशा से मानना रहा है कि हमारे ग्रुप की प्रगति देश के विकास से अलग नहीं होनी चाहिए। गुजरात वह स्थान है, जहां अदाणी ग्रुप की शुरुआत हुई थी और यही वह राज्य है, जहां हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता निहित है। इसी आधार पर, अदाणी ग्रुप अगले 5 वर्षों में कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए तैयार है।"
गुजरात के प्रशासनिक मॉडल की सराहना करते हुए करण अदाणी ने कहा कि राज्य ने व्यापार में आसानी को पहले ही सही रूप में स्थापित किया था, जब यह शब्द राष्ट्रीय नीति का हिस्सा भी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि हम अगले 10 वर्षों में मुंद्रा बंदरगाह की क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखते हैं।
उन्होंने कहा कि तेज निर्णय लेने की प्रक्रिया, मजबूत संस्थाएं और उद्योगों के प्रति सम्मान ने गुजरात में विकास के अनुकूल माहौल बनाया है। बाद में यही मॉडल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहयोगी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के जरिए पूरे देश में लागू हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए करण अदाणी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए हैं। प्रधानमंत्री ने राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन से पहले एक व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निवेश के अवसरों को उजागर करना और भारत की आर्थिक प्रगति में गुजरात की भूमिका को मजबूत करना है।