डीओटी की 'समृद्ध ग्राम' पहल को WSIS पुरस्कार 2026, डिजिटल इंडिया को मिली वैश्विक पहचान
सारांश
मुख्य बातें
दूरसंचार विभाग (DoT) की महत्वाकांक्षी 'समृद्ध ग्राम इंटीग्रेटेड फिजिटल सर्विसेज प्रोजेक्ट' को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) ने WSIS पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार 'इनेबलिंग एनवायरनमेंट' (सक्षमकारी वातावरण) श्रेणी में वैश्विक विजेता के रूप में प्रदान किया गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार, 9 जुलाई को इस उपलब्धि की जानकारी साझा की।
पुरस्कार का महत्व
यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। ITU का WSIS पुरस्कार सूचना समाज से जुड़े वैश्विक लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पहलों को दिया जाता है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब भारत की किसी ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी परियोजना ने इस प्रतिष्ठित श्रेणी में वैश्विक विजेता का खिताब हासिल किया है।
समृद्ध ग्राम पहल क्या है
भारतनेट के सहयोग से संचालित समृद्ध ग्राम पहल देश के दूरदराज के गाँवों में 'समृद्धि केंद्र' स्थापित करती है, जो वन-स्टॉप सामुदायिक सेवा केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं। ये केंद्र डिजिटल प्लेटफॉर्म और भौतिक बुनियादी ढाँचे को एकीकृत कर 'फिजिटल' सेवाएँ प्रदान करते हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, ई-कॉमर्स और शासन से जुड़ी सेवाओं तक निर्बाध पहुँच मिलती है। हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, FTTH कनेक्टिविटी और सार्वजनिक वाई-फाई के ज़रिए टेलीमेडिसिन, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक-सक्षम कृषि जैसी सुविधाएँ संभव हो रही हैं।
मंत्री सिंधिया की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में सिंधिया ने कहा, "यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि डीओटी के 'समृद्ध ग्राम इंटीग्रेटेड फाइजिटल सर्विसेज प्रोजेक्ट' को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से डब्ल्यूएसआईएस प्राइज 2026 में 'इनेबलिंग एनवायरनमेंट' कैटेगरी के तहत ग्लोबल विनर घोषित किया गया है।" उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के समावेशी डिजिटल इंडिया विजन की वैश्विक स्वीकृति बताया।
सिंधिया ने यह भी रेखांकित किया कि भारत की ज़रूरतों के अनुरूप विकसित किए गए ये समाधान दुनिया के लिए दोहराए जाने योग्य मॉडल बन सकते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी।
भारत की डिजिटल लीडरशिप का संदेश
यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। G20 की अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक एजेंडे पर प्रमुखता से स्थापित किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, समृद्ध ग्राम जैसी पहलें ग्रामीण-शहरी डिजिटल विभाजन को पाटने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। आने वाले समय में इस मॉडल के विस्तार और वैश्विक स्तर पर इसे अपनाए जाने की संभावनाओं पर नज़र रहेगी।