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अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' लॉन्च किया, बोले — 7 साल में 7 करोड़ पौधे लगाए

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अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' लॉन्च किया, बोले — 7 साल में 7 करोड़ पौधे लगाए

सारांश

अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' की शुरुआत करते हुए बताया कि CAPFs ने 7 साल में 7 करोड़ पौधे लगाए। 1,37,000 से अधिक नागरिकों के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ यह अभियान जन-आंदोलन बन चुका है। देसी प्रजातियों पर जोर — बरगद, पीपल — जो सौ साल से अधिक जीवित रहें।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 12 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) ने पिछले 7 वर्षों में 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया।
दिल्ली रिज क्षेत्र में दो दिन पहले 43 लाख पौधे लगाए गए।
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1,37,000 से अधिक नागरिकों ने पाँच-पाँच पौधे लगाने के लिए पंजीकरण कराया; अहमदाबाद के दो अन्य संसदीय क्षेत्रों से 28,544 निवासी भी जुड़े।
अभियान में बरगद, पीपल जैसी देसी प्रजातियाँ शामिल, जो 100 वर्ष से अधिक जीवित रह सकती हैं।
निजी संगठनों ने 3 वर्षों तक पेड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी ली।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 12 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' के तहत एक वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) ने पिछले 7 वर्षों में 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है।

अभियान का विवरण और लक्ष्य

शाह ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत लगाए जाने वाले सभी पौधे देसी प्रजातियों के हैं और भारतीय जलवायु के अनुकूल हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि चुनी गई प्रजातियाँ 100 वर्ष से अधिक जीवित रह सकती हैं। उनके शब्दों में, "अगर आप आज इन्हें लगाते हैं, तो आपके पोते-पोतियाँ भी इनकी छाँव में बैठेंगे। इनमें से किसी भी पेड़ की उम्र 100 साल से कम नहीं है। हमने जान-बूझकर ऐसे पेड़ चुने हैं जो एक सदी से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।"

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि कार्यक्रम से दो दिन पूर्व दिल्ली रिज क्षेत्र में 43 लाख पौधे लगाए गए, जो इस राष्ट्रव्यापी हरित अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।

जैव विविधता पर जोर

शाह ने बरगद और पीपल जैसी देसी वृक्ष प्रजातियों के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "बरगद या पीपल का पेड़ लगाएं, और वह अकेला पेड़ हज़ारों पक्षियों को आश्रय, भोजन और पानी देता है।" उन्होंने यह भी बताया कि ये प्रजातियाँ कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण के साथ-साथ जैव विविधता संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, अहमदाबाद में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन पार्क तितलियों और अन्य वन्यजीवों के लिए आवास के रूप में काम करेंगे।

जन-भागीदारी और 'एक पेड़ मां के नाम'

शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के बाद यह अभियान अहमदाबाद में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1,37,000 से अधिक नागरिकों ने पाँच-पाँच पौधे लगाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा, "वैज्ञानिक रूप से नियोजित वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रतिभागियों को सीधे पौधे पहुँचाए गए।" अहमदाबाद के अन्य दो संसदीय क्षेत्रों के 28,544 निवासी भी इस अभियान से जुड़े हैं।

निजी संगठनों की भागीदारी

गृह मंत्री ने उन निजी संगठनों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने तीन वर्षों तक बड़ी संख्या में पेड़ों को गोद लेकर उनकी देखभाल, सिंचाई और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिस्थापन की जिम्मेदारी उठाई। यह सरकारी-निजी साझेदारी का मॉडल इस अभियान को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करता है।

आगे की राह

यह अभियान केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो विकास और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ साधने की कोशिश करती है। गौरतलब है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के तहत 2030 तक 2.5 से 3 अरब टन अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का लक्ष्य रखा है, और इस तरह के जन-अभियान उस दिशा में ठोस कदम माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वृक्षारोपण अभियानों की असली कसौटी जीवित बचे पेड़ों की संख्या है, न कि लगाए गए पौधों की। भारत में अनेक सरकारी वृक्षारोपण कार्यक्रमों में उत्तरजीविता दर पर स्वतंत्र सत्यापन का अभाव रहा है। निजी संगठनों को तीन साल की देखभाल जिम्मेदारी देना एक सकारात्मक कदम है, परंतु दीर्घकालिक पारिस्थितिक प्रभाव के लिए पारदर्शी निगरानी तंत्र और सार्वजनिक डेटा अनिवार्य होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' क्या है?
यह केंद्र सरकार का एक वृक्षारोपण अभियान है जिसे गृह मंत्री अमित शाह ने 12 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में लॉन्च किया। इसका लक्ष्य 50 लाख (फाइव मिलियन) पेड़ लगाना है, जिसमें देसी और दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है।
CAPFs ने 7 साल में कितने पौधे लगाए?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) ने पिछले 7 वर्षों में 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया है। यह जानकारी स्वयं गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद कार्यक्रम में दी।
अहमदाबाद में कितने नागरिक इस अभियान से जुड़े हैं?
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1,37,000 से अधिक नागरिकों ने पाँच-पाँच पौधे लगाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। अहमदाबाद के दो अन्य संसदीय क्षेत्रों के 28,544 निवासी भी इस अभियान में शामिल हुए हैं।
इस अभियान में किस प्रकार के पेड़ लगाए जा रहे हैं?
अभियान में बरगद और पीपल जैसी देसी प्रजातियों के पेड़ लगाए जा रहे हैं जो 100 वर्ष से अधिक जीवित रह सकते हैं। शाह के अनुसार, ये प्रजातियाँ कार्बन अवशोषण के साथ-साथ हज़ारों पक्षियों को आश्रय और भोजन भी देती हैं।
'एक पेड़ मां के नाम' पहल का इस अभियान से क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के बाद यह अभियान अहमदाबाद में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। 'मिशन फाइव मिलियन ट्रीज' उसी व्यापक हरित अभियान का विस्तार है जिसमें नागरिक, निजी संगठन और सरकारी बल मिलकर भाग ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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