राजस्थान में एनसीबी की जेसीसी बैठक: ड्रग तस्करी के खिलाफ 10 एजेंसियों ने मिलाया हाथ
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने राजस्थान में ड्रग तस्करी के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई को और धार देने के लिए जयपुर में राज्य-स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक बुलाई, जिसमें केंद्र और राज्य की दस से अधिक प्रमुख एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। 19 जुलाई को हुई इस बैठक का उद्देश्य नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एजेंसियों के बीच खुफिया साझेदारी और समन्वित अभियानों को मज़बूत करना था।
बैठक की अध्यक्षता और भागीदारी
इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (पश्चिमी क्षेत्र) और राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के इंस्पेक्टर जनरल ने की। बैठक में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई), सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), इनकम टैक्स विभाग, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा ड्रग कंट्रोलर कार्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य एजेंडा: 50 चिन्हित मामले और वित्तीय जाँच
अधिकारियों के अनुसार बैठक में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज 50 चिन्हित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निपटारे को सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (पीआईटी-एनडीपीएस) एक्ट के तहत प्रस्तावों में तेज़ी लाने और वित्तीय जाँच को सुदृढ़ करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में ड्रग तस्करी के उभरते रुझान चिंता का विषय बने हुए हैं।
इंटेलिजेंस-आधारित अभियान और जन-जागरूकता पर जोर
चर्चा का केंद्रबिंदु इंटेलिजेंस-आधारित संयुक्त अभियानों को बढ़ावा देना, समन्वित पूछताछ प्रक्रिया अपनाना और एजेंसियों के बीच सूचना का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करना रहा। गौरतलब है कि संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए वित्तीय जाँच को प्रमुख हथियार के रूप में देखा जा रहा है। नशा-मुक्ति पहलों और जन-जागरूकता अभियानों को भी प्रवर्तन रणनीति के अभिन्न अंग के रूप में शामिल करने पर सहमति बनी।
विजन डॉक्यूमेंट की समीक्षा और सामूहिक प्रतिबद्धता
बैठक में ड्रग कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। भाग लेने वाली सभी एजेंसियों ने निरंतर सहयोग और समन्वित प्रवर्तन प्रयासों के ज़रिए नशा-मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आगे की कार्रवाई के तहत एजेंसियाँ संयुक्त अभियान और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से इस समन्वय को जारी रखेंगी।