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गृह मंत्री अमित शाह करेंगे 10वीं NCORD बैठक की अध्यक्षता, 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' होगा जारी

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गृह मंत्री अमित शाह करेंगे 10वीं NCORD बैठक की अध्यक्षता, 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' होगा जारी

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 10वीं NCORD बैठक में 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' जारी होगा, ₹6,000 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट किए जाएंगे और जम्मू-गुवाहाटी में नए NCB कार्यालयों का उद्घाटन होगा — सरकार की 'ड्रग-फ्री इंडिया' मुहिम का अब तक का सबसे बड़ा एकल-दिवसीय कदम।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह 27 जून 2025 को NCORD की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' जारी होगा, जिसमें माँग में कमी, आपूर्ति नियंत्रण और पुनर्वास पर रोडमैप होगा।
NCB वार्षिक रिपोर्ट 2025 जारी होगी; जम्मू और गुवाहाटी में नए NCB जोनल कार्यालयों का उद्घाटन।
लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ — अनुमानित कीमत ₹6,000 करोड़ — कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किए जाएंगे।
सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट-आधारित तस्करी से निपटने की रणनीति विजन डॉक्यूमेंट में शामिल।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 जून 2025 को नई दिल्ली में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य देशभर में ड्रग तस्करी और नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध चल रहे अभियानों की समीक्षा एवं सुदृढ़ीकरण करना है।

विजन डॉक्यूमेंट और मुख्य घोषणाएँ

बैठक के दौरान गृह मंत्री शाह 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' जारी करेंगे, जिसे विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विमर्श के बाद तैयार किया गया है। यह दस्तावेज़ ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए एक समग्र रोडमैप प्रस्तुत करेगा, जिसमें माँग में कमी, आपूर्ति में कटौती और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) — तीनों मोर्चों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विजन डॉक्यूमेंट में सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट-आधारित ड्रग तस्करी जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने की रणनीतियाँ भी शामिल होंगी। साथ ही, नशे से प्रभावित लोगों के लिए जागरूकता अभियानों, उपचार सुविधाओं और पुनर्वास सेवाओं को मज़बूत करने का एक स्पष्ट ढाँचा भी इसमें दिया जाएगा।

NCB की वार्षिक रिपोर्ट और नए कार्यालयों का उद्घाटन

गृह मंत्री नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वार्षिक रिपोर्ट 2025 भी जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त, जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित NCB जोनल कार्यालयों का उद्घाटन भी इसी अवसर पर किया जाएगा। यह विस्तार उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में ड्रग-विरोधी नेटवर्क को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

₹6,000 करोड़ के नशीले पदार्थों के विनाश का अभियान

शाह 'ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन' का भी शुभारंभ करेंगे। इस अभियान के तहत देशभर में जब्त किए गए लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को — जिनकी अनुमानित कीमत ₹6,000 करोड़ है — तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार नष्ट किए जाने की योजना है। यह अभियान केंद्र की जब्ती-से-निपटान प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने की कोशिश का हिस्सा है।

नशे के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर शाह का संदेश

गौरतलब है कि 26 जून को 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के अवसर पर शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर, ड्रग्स के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को शुभकामनाएं। मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है; नारको-कार्टेल्स को बेरहमी से खत्म किया है और प्रभावित लोगों को वह देखभाल और सहानुभूति दी है जिसके वे हकदार हैं। यह दिन हमारी युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।'

बैठक का व्यापक संदर्भ

गृह मंत्रालय के अनुसार, NCORD की इस बैठक का केंद्रीय लक्ष्य ड्रग तस्करी के विरुद्ध सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति को और पुख्ता करना तथा 'ड्रग-फ्री इंडिया' के विज़न को ज़मीनी स्तर पर साकार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट के ज़रिए तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो पारंपरिक प्रवर्तन तंत्र के लिए नई चुनौती पेश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट-आधारित तस्करी की चुनौती पारंपरिक जब्ती-केंद्रित रणनीति से कहीं आगे की माँग करती है — जिसके लिए साइबर क्षमता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अपरिहार्य हैं। ₹6,000 करोड़ के नशीले पदार्थों का विनाश एक दृश्यमान कदम है, परंतु आलोचकों का कहना है कि जब तक माँग-पक्ष पर — विशेषकर युवाओं में — ठोस जागरूकता और पुनर्वास ढाँचा नहीं बनता, आपूर्ति-पक्ष की कार्रवाई अधूरी रहेगी। जम्मू और पूर्वोत्तर में नए जोनल कार्यालय सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती तस्करी की स्वीकृति है — यह दिशा सही है, पर पर्याप्त है या नहीं, यह आने वाले वर्षों के आँकड़े तय करेंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCORD की 10वीं बैठक क्या है और इसमें क्या होगा?
नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक 27 जून 2025 को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होगी। इसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और देशभर में ड्रग-विरोधी अभियानों की समीक्षा की जाएगी।
नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 में क्या है?
यह दस्तावेज़ ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए एक समग्र रोडमैप है, जिसमें माँग में कमी, आपूर्ति नियंत्रण और पुनर्वास — तीनों पर रणनीति शामिल है। इसमें सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट-आधारित तस्करी जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के उपाय भी बताए गए हैं।
ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन क्या है?
यह अभियान जब्त किए गए नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पारदर्शी तरीके से नष्ट करने के लिए शुरू किया जा रहा है। इसके तहत देशभर में लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ — जिनकी अनुमानित कीमत ₹6,000 करोड़ है — नष्ट किए जाने की योजना है।
जम्मू और गुवाहाटी में NCB के नए कार्यालय क्यों खोले जा रहे हैं?
जम्मू और गुवाहाटी सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ड्रग तस्करी के प्रमुख मार्गों पर स्थित हैं। इन नए जोनल कार्यालयों का उद्देश्य इन संवेदनशील क्षेत्रों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की परिचालन उपस्थिति और प्रतिक्रिया क्षमता को मज़बूत करना है।
'ड्रग-फ्री इंडिया' विज़न के तहत सरकार की नीति क्या है?
गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकार ड्रग तस्करी के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति पर चल रही है। इसमें प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय, जागरूकता अभियान, उपचार सुविधाओं का विस्तार और पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करना शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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