दिल्ली: क्या अमित शाह 16 सितंबर को एएनटीएफ प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे?

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दिल्ली: क्या अमित शाह 16 सितंबर को एएनटीएफ प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे?

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 16 सितंबर को एएनटीएफ प्रमुखों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना है। क्या यह सम्मेलन नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार करेगा? जानें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

अमित शाह का उद्घाटन सम्मेलन महत्वपूर्ण है।
नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट-२०२४ जारी होगी।
संयुक्त संकल्प और साझा जिम्मेदारी का विषय।
मादक पदार्थों की समस्या पर व्यापक चर्चा होगी।
मोदी सरकार का 'जीरो टॉलरेंस' दृष्टिकोण।

नई दिल्ली, १३ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह १६ सितंबर को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर अमित शाह नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की वार्षिक रिपोर्ट-२०२४ जारी करेंगे और ऑनलाइन ड्रग विनिष्टीकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। १६ और १७ सितंबर को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में ३६ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ-साथ अन्य सरकारी विभागों के हितधारक भाग लेंगे।

यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए एक रणनीतिक मंच प्रदान करेगा। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय 'संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी' है।

इस सम्मेलन में सभी संबंधित हितधारकों द्वारा देश में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए किए गए सामूहिक प्रयासों की व्यापक समीक्षा और विश्लेषण किया जाएगा तथा भविष्य के रोडमैप पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन में मादक पदार्थों की आपूर्ति, मांग और नुकसान कम करने सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के साथ ही उनके राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थ और देश में मादक पदार्थों के कानून प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया जाएगा।

दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मादक पदार्थों की आपूर्ति, मांग और नुकसान कम करने सहित विभिन्न पहलुओं और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थों पर विचार-विमर्श होगा। एनसीबी और राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स भविष्य की साझेदारी पेश करते हैं, जो मादक पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी, खुफिया जानकारी और सामुदायिक कार्रवाई को एकीकृत करती है।

मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने २०२१ में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया था। अमित शाह ने अप्रैल २०२३ में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सम्मेलन न केवल मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। अमित शाह की अगुवाई में यह प्रयास एक सकारात्मक दिशा में अग्रसर है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एएनटीएफ सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
एएनटीएफ सम्मेलन का उद्देश्य मादक पदार्थों के खिलाफ एक साझा रणनीति विकसित करना और नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करना है।
यह सम्मेलन कब और कहाँ हो रहा है?
यह सम्मेलन 16 और 17 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है।
इस सम्मेलन में कौन भाग लेगा?
इस सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ-साथ अन्य सरकारी विभागों के हितधारक भाग लेंगे।
कौन सा विषय इस सम्मेलन का है?
इस सम्मेलन का विषय 'संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी' है।
मोदी सरकार की क्या नीति है?
मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है।
राष्ट्र प्रेस
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