अमित शाह की NCORD बैठक में दो-टूक: तस्करों पर सख्ती, नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि ड्रग्स तस्करों के प्रति सरकार की नीति पूर्णतः कठोर रहेगी, जबकि नशे के शिकार लोगों के लिए इलाज, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण पर ज़ोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर आयोजित इस बैठक में शाह ने 'विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल' का भी शुभारंभ किया।
मुख्य घोषणाएँ और रणनीति
अमित शाह ने कहा कि देश आज नशे के खिलाफ लड़ाई के निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और आने वाले तीन साल इस दिशा में बेहद अहम होंगे। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से आग्रह किया कि NCORD बैठकों को महज औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि उन्हें पूरी तरह परिणाम-उन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में लिए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा और कमियों का गंभीर विश्लेषण ज़रूरी है।
डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम डेटा पर बल
गृह मंत्री ने रियल-टाइम सूचना साझाकरण को प्राथमिकता देते हुए बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने इस उद्देश्य के लिए कई डिजिटल पोर्टल विकसित किए हैं। उन्होंने राज्यों से कहा कि ड्रग्स से जुड़े सभी मामलों का विवरण समय पर इन पोर्टल्स पर अपलोड किया जाए, ताकि केंद्र सरकार लगातार निगरानी कर सके। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक तस्कर नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक समग्र और आधुनिक रणनीति अनिवार्य है।
जब्ती के आँकड़े: 2014 के बाद कार्रवाई में तेज़ी
शाह ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के आँकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि 2004 से 2014 के बीच देश में 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग ₹40,000 करोड़ थी। इसके विपरीत, 2014 से 2026 के बीच यह आँकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 18 लाख किलोग्राम हो गया और जब्त मादक पदार्थों का मूल्य ₹1 लाख 84 हजार करोड़ तक पहुँच गया। गौरतलब है कि यह आँकड़े सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सांस्कृतिक संदर्भ: बंकिम चंद्र और 'वंदे मातरम'
शाह ने यह भी उल्लेख किया कि 26 जून महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती भी है। उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम्' केवल एक नारा या गीत नहीं है — यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और देश के पुनर्निर्माण का मंत्र है। स्वतंत्रता संग्राम में अनेक सेनानियों ने फाँसी के फंदे पर भी अंतिम शब्द के रूप में 'वंदे मातरम' का उच्चारण किया।
आगे की राह
शाह ने स्पष्ट किया कि देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और समाज के हर वर्ग — संतों, युवाओं और मातृशक्ति — को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग्स के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले वर्षों में और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा-पार तस्करी के नए मार्गों और डार्कनेट के ज़रिए ड्रग्स की आपूर्ति को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।