3 नवंबर 2026
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एनसीबी डीजी अनुराग गर्ग ने नीदरलैंड राजदूत से मुलाकात, ड्रग तस्करी रोकने पर MoU की संभावना

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एनसीबी डीजी अनुराग गर्ग ने नीदरलैंड राजदूत से मुलाकात, ड्रग तस्करी रोकने पर MoU की संभावना

सारांश

एनसीबी महानिदेशक अनुराग गर्ग और नीदरलैंड राजदूत मारिसा गेरार्ड्स की बैठक में ड्रग तस्करी के द्विदिशीय खतरे — भारत से केमिकल प्रीकर्सर और नीदरलैंड से डार्कनेट के ज़रिए सिंथेटिक ड्रग्स — पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने MoU की संभावना तलाशी और आतंक फंडिंग से जुड़े ड्रग नेटवर्क पर साझा कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

एनसीबी महानिदेशक अनुराग गर्ग ने 17 जून 2026 को नीदरलैंड राजदूत मारिसा गेरार्ड्स के नेतृत्व में आए डच प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए एक संभावित समझौता ज्ञापन (MoU) पर विचार-विमर्श किया।
भारत से नीदरलैंड को केमिकल प्रीकर्सर और नीदरलैंड से भारत को डार्कनेट के ज़रिए एमडीएमए व एलएसडी की तस्करी की चिंता उठाई गई।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में ड्रग तस्करी के तार आतंकवाद की फंडिंग से जुड़े पाए गए हैं।
भारत का उपयोग बांग्लादेश में ड्रग तस्करी के ट्रांजिट रूट के रूप में भी होने की बात सामने आई।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने बुधवार, 17 जून 2026 को भारत में नीदरलैंड की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स के नेतृत्व में आए एक उच्चस्तरीय डच प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह बैठक नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित की गई। दोनों पक्षों ने नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए एक संभावित समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने ड्रग तस्करी की मौजूदा स्थिति, कानूनी ढाँचे, परिचालन चुनौतियों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और उभरते खतरों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों देशों ने मादक पदार्थों और संगठित अपराध के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। एनसीबी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए MoU की संभावना का उल्लेख किया।

भारत-नीदरलैंड ड्रग तस्करी का खतरनाक चक्र

अधिकारियों ने बताया कि भारत से नीदरलैंड की ओर अक्सर डिज़ाइनर ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक केमिकल प्रीकर्सर की तस्करी होती है। वहीं, दूसरी दिशा में एमडीएमए और एलएसडी जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थ नीदरलैंड से डार्कनेट के माध्यम से भारत में पहुँचते हैं। यह द्विदिशीय तस्करी का जाल दोनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।

सिंथेटिक ड्रग्स और आतंक फंडिंग की कड़ी

सिंथेटिक ड्रग्स भारत में तेज़ी से एक गंभीर सामाजिक समस्या बन रहे हैं — विशेष रूप से शहरी और शिक्षित युवाओं में इनकी माँग बढ़ रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी के तार आतंकवाद की फंडिंग से जुड़े पाए गए हैं। इसके अलावा, भारत का उपयोग कई बार बांग्लादेश में ड्रग तस्करी के ट्रांजिट रूट के रूप में भी होता है।

नशा मुक्त भारत अभियान और एनसीबी की भूमिका

गृह मंत्रालय के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को आगे बढ़ाने में एनसीबी अग्रणी भूमिका निभा रही है। ब्यूरो अवैध केमिकल नेटवर्क और सिंथेटिक ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। दोनों देशों की एजेंसियाँ खुफिया जानकारी साझा करने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए समन्वय बढ़ा रही हैं।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक स्तर पर ड्रग तस्करी विरोधी गठजोड़ को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि संभावित MoU के औपचारिक होने पर भारत और नीदरलैंड के बीच खुफिया साझेदारी और संयुक्त अभियानों का एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। दोनों देशों के बीच इस सहयोग की अगली कड़ी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह खुफिया साझेदारी वास्तविक समय में डार्कनेट लेनदेन तक पहुँच पाती है — जो अब तक अधिकांश द्विपक्षीय ड्रग समझौतों की पहुँच से बाहर रही है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीबी और नीदरलैंड के बीच 17 जून की बैठक में क्या हुआ?
एनसीबी महानिदेशक अनुराग गर्ग और नीदरलैंड राजदूत मारिसा गेरार्ड्स के बीच ड्रग तस्करी पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने कानूनी ढाँचे, खुफिया साझेदारी और एक संभावित MoU पर विचार-विमर्श किया।
भारत और नीदरलैंड के बीच ड्रग तस्करी का कौन-सा रूट सबसे चिंताजनक है?
अधिकारियों के अनुसार, भारत से नीदरलैंड को डिज़ाइनर ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल प्रीकर्सर भेजे जाते हैं, जबकि नीदरलैंड से एमडीएमए और एलएसडी जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थ डार्कनेट के ज़रिए भारत पहुँचते हैं। यह द्विदिशीय तस्करी दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती है।
क्या भारत-नीदरलैंड ड्रग नियंत्रण MoU पर हस्ताक्षर हो गए हैं?
अभी तक MoU पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। बैठक में केवल एक संभावित समझौता ज्ञापन पर चर्चा की गई और दोनों पक्षों ने सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
ड्रग तस्करी और आतंकवाद की फंडिंग का क्या संबंध है?
अधिकारियों ने बताया कि कुछ मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी के तार आतंकवाद की फंडिंग से जुड़े पाए गए हैं। भारत इसी खतरे से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रहा है।
नशा मुक्त भारत अभियान में एनसीबी की क्या भूमिका है?
एनसीबी गृह मंत्रालय के 'नशा मुक्त भारत' अभियान की अग्रणी एजेंसी है, जो अवैध केमिकल नेटवर्क और सिंथेटिक ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाती है।
राष्ट्र प्रेस
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