NCB महानिदेशक ने अहमदाबाद में जारी की स्वैच्छिक आचार संहिता, प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग पर लगेगी लगाम
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने 16 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित एक उद्योग सम्मेलन में रासायनिक और दवा क्षेत्र के लिए एक स्वैच्छिक आचार संहिता जारी की। इस संहिता का मुख्य उद्देश्य प्रीकर्सर रसायनों के अवैध नशीले पदार्थों — विशेषकर सिंथेटिक ड्रग्स — के निर्माण में होने वाले दुरुपयोग को रोकना है।
स्वैच्छिक आचार संहिता में क्या है
यह संहिता एक गाइडलाइन के रूप में तैयार की गई है, जो उद्योग में जिम्मेदार रासायनिक प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और संदिग्ध लेनदेन की त्वरित पहचान व रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करती है। यह संहिता केवल एनडीपीएस अधिनियम के तहत नियंत्रित रसायनों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अन्य रसायनों पर भी लागू होती है जिनका उपयोग सिंथेटिक ड्रग्स और नए साइकोएक्टिव पदार्थों के निर्माण में हो सकता है।
गर्ग ने उद्योग से अपील की कि वे अपने आंतरिक अनुपालन तंत्र, ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया, लेनदेन निगरानी और रिकॉर्ड रखरखाव को सुदृढ़ करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बिना वैध कारण रसायनों की खरीद के प्रयासों की सूचना तुरंत NCB को दें।
उद्योग की भूमिका और सतर्कता की ज़रूरत
सम्मेलन में गर्ग ने स्पष्ट किया कि केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई से सिंथेटिक ड्रग्स के विरुद्ध लड़ाई नहीं जीती जा सकती। उन्होंने कहा कि रसायन क्षेत्र से जुड़े निर्माता, आयातक, निर्यातक, वितरक, परिवहनकर्ता और व्यापारी संदिग्ध ऑर्डर, असामान्य खरीद पैटर्न और अंतिम उपयोग को छिपाने के प्रयासों जैसे संकेतों की पहचान करने में सक्षम होते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब आपराधिक नेटवर्क नियंत्रण से बचने के लिए लगातार वैकल्पिक रसायनों और विकल्पी प्रीकर्सर पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। सम्मेलन में NCB और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के वरिष्ठ अधिकारियों ने सिंथेटिक ड्रग्स की बदलती स्थिति और अवैध निर्माण के नए रुझानों पर विस्तृत जानकारी दी।
उद्योग की प्रतिक्रिया
रासायनिक और दवा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग संगठनों और कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने रासायनिक प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और ग्राहक जांच से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि वैध रासायनिक आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और वे इस संहिता के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह संहिता स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं — अर्थात् इसका अनुपालन उद्योग की अपनी इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा। NCB ने उद्योग को प्रोत्साहित किया है कि वे इस मार्गदर्शन को स्वेच्छा से अपनाएं और अपने स्व-नियमन तंत्र को मजबूत करें। यह पहल भारत में सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे से निपटने की दिशा में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।