1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनंतनाग में ड्रग्स तस्कर निसार गगरू पर PIT-NDPS एक्ट के तहत मुकदमा, राजौरी में दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनंतनाग में ड्रग्स तस्कर निसार गगरू पर PIT-NDPS एक्ट के तहत मुकदमा, राजौरी में दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड

सारांश

जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ दोहरी मार — अनंतनाग में कुख्यात तस्कर निसार গগरू पर PIT-NDPS एक्ट के तहत एहतियाती हिरासत, और राजौरी में बिना पर्ची प्रतिबंधित दवाएँ बेचने पर दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित। प्रशासन का संदेश साफ — तस्करी से लेकर अवैध वितरण तक, कोई रियायत नहीं।

मुख्य बातें

अनंतनाग पुलिस ने 16 जून को कुख्यात ड्रग्स तस्कर निसार अहमद গগरू के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
आरोपी फिलहाल जम्मू की सेंट्रल जेल कोट भलवाल में है; डिटेंशन वारंट तामील किया गया।
राजौरी में डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा के औचक निरीक्षण में होपवेल मेडिकोस और स्टार मेडिकोस में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।
दोनों मेडिकल स्टोरों के रिटेल दवा बिक्री लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित ; कम्प्यूटराइज्ड बिलिंग न रखना और नशीली दवाओं की अनियमित बिक्री मुख्य आरोप।
जिला प्रशासन ने पूरे राजौरी जिले में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण जारी रखने की चेतावनी दी।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की पुलिस ने मंगलवार, 16 जून को कुख्यात ड्रग्स तस्कर निसार अहमद গগरू के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया। वहीं, राजौरी जिले में डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए औचक निरीक्षण में दो मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए।

अनंतनाग: तस्कर के खिलाफ एहतियाती हिरासत

निसार अहमद গগरू (स्वर्गीय अली मोहम्मद গগরू का पुत्र, निवासी सोफ शाली, कोकरनाग) पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कई मामलों में आरोपी है। पुलिस के अनुसार, वह लगातार अवैध ड्रग्स तस्करी में लिप्त था, जिससे समाज — विशेषकर युवाओं — को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था।

अनंतनाग पुलिस द्वारा तैयार डोजियर और सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी फिलहाल जम्मू की सेंट्रल जेल कोट भलवाल में है, जहाँ डिटेंशन वारंट तामील किया गया है। ड्रग्स गतिविधियों में उसकी संलिप्तता को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) लागू की गई है।

अनंतनाग पुलिस ने कहा कि वह ड्रग्स के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के प्रति प्रतिबद्ध है और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

राजौरी: दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित

राजौरी में डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा ने चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोहर लाल राणा और एसएचओ राजौरी की उपस्थिति में राजौरी शहर के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण में अधिकारियों ने नियंत्रित दवाओं की बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की जाँच की। होपवेल मेडिकोस (खेओरा, राजौरी) और स्टार मेडिकोस (गुज्जर मंडी) में गंभीर कमियाँ पाई गईं — जिनमें कम्प्यूटराइज्ड बिलिंग सिस्टम के ज़रिए अनिवार्य बिक्री रिकॉर्ड न रखना और नशे की लत लगाने वाली दवाओं की बिक्री में कथित अनियमितताएँ शामिल थीं।

इन उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दोनों प्रतिष्ठानों के रिटेल दवा बिक्री लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिए।

प्रशासन की चेतावनी और आगे की कार्रवाई

डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट किया कि रेगुलेटेड फार्मास्युटिकल उत्पादों की बिक्री में कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वाले या प्रतिबंधित दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी मेडिकल स्टोर के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी केमिस्टों और फार्मेसी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे सही रिकॉर्ड रखें, कम्प्यूटराइज्ड बिलिंग के ज़रिए पारदर्शिता सुनिश्चित करें और बिना किसी अपवाद के लाइसेंसिंग की सभी शर्तों का पालन करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरे राजौरी जिले में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।

व्यापक संदर्भ: जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ मुहिम

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर नकेल कसने के लिए बहु-स्तरीय अभियान चला रहा है। गौरतलब है कि पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत एहतियाती हिरासत एक कड़ा कदम है, जो आमतौर पर तब लागू किया जाता है जब किसी आरोपी की ड्रग्स गतिविधियाँ समाज के लिए निरंतर खतरा बनी रहती हैं। दोनों जिलों में एक साथ हुई इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि प्रशासन नशे की आपूर्ति श्रृंखला के दोनों सिरों — तस्करी और अवैध वितरण — पर एक साथ प्रहार कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि नियमित आपराधिक प्रक्रिया अकेले पर्याप्त नहीं समझी जा रही। हालाँकि, असली परीक्षा यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ दीर्घकालिक निगरानी तंत्र में बदलती हैं या महज छिटपुट अभियान बनकर रह जाती हैं — क्योंकि जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की जड़ें केवल एक तस्कर या दो दुकानों तक सीमित नहीं हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निसार अहमद গগরू के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
अनंतनाग पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निसार अहमद গগरू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और उन्हें एहतियाती हिरासत में लिया गया है। वह फिलहाल जम्मू की सेंट्रल जेल कोट भलवाल में बंद हैं।
राजौरी में किन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित किए गए और क्यों?
होपवेल मेडिकोस (खेओरा, राजौरी) और स्टार मेडिकोस (गुज्जर मंडी) के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इन दुकानों में कम्प्यूटराइज्ड बिलिंग के ज़रिए अनिवार्य बिक्री रिकॉर्ड न रखने और नशे की लत लगाने वाली दवाओं की बिक्री में कथित अनियमितताएँ पाई गईं।
पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट क्या है और यह सामान्य एनडीपीएस एक्ट से कैसे अलग है?
पीआईटी-एनडीपीएस (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट सरकार को ऐसे व्यक्तियों को एहतियाती हिरासत में रखने का अधिकार देता है जिनकी ड्रग्स तस्करी गतिविधियाँ समाज के लिए निरंतर खतरा बनती हैं। यह सामान्य एनडीपीएस एक्ट से अलग है क्योंकि इसमें बिना सुनवाई के भी हिरासत संभव है।
राजौरी में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किसने किया?
डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण हुआ, जिसमें चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोहर लाल राणा और एसएचओ राजौरी भी उपस्थित थे।
क्या राजौरी में आगे भी मेडिकल स्टोरों की जाँच होगी?
हाँ, डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि पूरे राजौरी जिले में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने राजौरी को नशा मुक्त जिला बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले