3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनंतनाग में ड्रग तस्कर सज्जाद राथर का ₹1 करोड़ का अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त, NH-44 किनारे थीं 15 दुकानें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनंतनाग में ड्रग तस्कर सज्जाद राथर का ₹1 करोड़ का अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त, NH-44 किनारे थीं 15 दुकानें

सारांश

अनंतनाग पुलिस ने ड्रग तस्कर सज्जाद अहमद राथर की ₹1 करोड़ की अवैध संपत्ति ध्वस्त कर दी — NH-44 किनारे सरकारी ज़मीन पर बनी 15 दुकानों वाला यह कॉम्प्लेक्स नशे के कारोबार की काली कमाई का प्रतीक था। जम्मू-कश्मीर में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति का यह ताज़ा और सख्त संदेश है।

मुख्य बातें

अनंतनाग पुलिस ने 2 मई 2026 को ड्रग तस्कर सज्जाद अहमद राथर का ₹1 करोड़ का अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त किया।
कॉम्प्लेक्स बिजबेहारा के वाघामा इलाके में NH-44 के किनारे सरकारी ज़मीन पर बना था और इसमें 15 दुकानें थीं।
यह कार्रवाई NDPS अधिनियम के तहत दर्ज मामले से जुड़ी है; आरोपी पर ड्रग नेटवर्क से लंबे समय से जुड़े होने का आरोप है।
रामबन में गुरुवार को एक अलग मामले में तौहीद अहमद खान को गिरफ्तार कर उसके पास से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया गया।
पुलिस ने ड्रग तस्करी और अवैध संपत्तियों के विरुद्ध

अनंतनाग पुलिस ने 2 मई 2026 को जिले के बिजबेहारा क्षेत्र के वाघामा इलाके में ड्रग तस्कर सज्जाद अहमद राथर द्वारा सरकारी ज़मीन पर बनाए गए एक अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 15 दुकानें थीं और इसकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ आँकी गई है। यह कार्रवाई NDPS अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले के संदर्भ में की गई।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस जाँच के दौरान यह सामने आया कि सज्जाद अहमद राथर ने ड्रग तस्करी से अर्जित अवैध धन का उपयोग कर सरकारी भूमि पर यह व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स खड़ा किया था। यह परिसर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 के किनारे स्थित था, जिससे इसकी व्यावसायिक उपयोगिता काफी अधिक थी। अवैध निर्माण और ड्रग तस्करी से संबंध उजागर होने के बाद प्रशासन ने इसे गिराने का निर्णय लिया।

अनंतनाग पुलिस ने यह कार्रवाई सिविल प्रशासन के सहयोग से अंजाम दी। आरोपी पर कथित तौर पर लंबे समय से ड्रग तस्करी के नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग तस्करी और उससे जुड़ी अवैध संपत्तियों के विरुद्ध

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ तस्करी की काली कमाई अचल संपत्ति में बदल जाती है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में NDPS मामलों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है, और संपत्ति जब्ती व ध्वस्तीकरण को अब एक निवारक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बिना त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के केवल ध्वस्तीकरण से नेटवर्क नहीं टूटता — असली परीक्षा अभियोजन की दर और दोषसिद्धि में है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग में किस ड्रग तस्कर का कॉम्प्लेक्स ध्वस्त किया गया?
अनंतनाग पुलिस ने ड्रग तस्कर सज्जाद अहमद राथर का अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त किया। यह कॉम्प्लेक्स बिजबेहारा के वाघामा इलाके में NH-44 के किनारे सरकारी ज़मीन पर बना था और इसमें लगभग 15 दुकानें थीं।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह कार्रवाई NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने ड्रग तस्करी से अर्जित धन से यह अवैध संपत्ति बनाई थी।
ध्वस्त कॉम्प्लेक्स की अनुमानित कीमत कितनी थी?
अधिकारियों के अनुसार इस कॉम्प्लेक्स की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ आँकी गई है। इसमें लगभग 15 व्यावसायिक दुकानें शामिल थीं।
रामबन में क्या अलग कार्रवाई हुई?
रामबन पुलिस ने गुरुवार को रेलवे चौक पर नाका जाँच के दौरान तौहीद अहमद खान को गिरफ्तार किया और उसके पास से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया। आरोपी बेमिना, श्रीनगर का निवासी बताया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की ड्रग तस्करी पर क्या नीति है?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग तस्करी और उससे जुड़ी अवैध संपत्तियों के विरुद्ध 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले