31 जुलाई 2026
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NCB की तिमाही JCC बैठकें: MP और असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार

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NCB की तिमाही JCC बैठकें: MP और असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार

सारांश

NCB ने 31 जुलाई को भोपाल और गुवाहाटी में एक साथ JCC बैठकें बुलाईं — दर्जन भर से अधिक केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को एक मेज़ पर लाकर ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को तोड़ने और 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को ज़मीन पर उतारने की रणनीति तैयार की गई।

मुख्य बातें

NCB ने 31 जुलाई 2026 को भोपाल और गुवाहाटी में 2026 की दूसरी तिमाही की JCC बैठकें आयोजित कीं।
भोपाल बैठक में 50 चिन्हित NDPS मामलों के शीघ्र निपटारे और PIT-NDPS प्रस्तावों में तेज़ी लाने पर सहमति बनी।
गुवाहाटी में NCB के DDG (NER) आर.
सुधाकर की अध्यक्षता में BSF , ITBP , ED , असम राइफल्स सहित 15 से अधिक एजेंसियाँ शामिल हुईं।
रेलवे प्रवर्तन के लिए हैंडहेल्ड बैगेज स्क्रीनिंग तकनीक और NCB मॉडल पर ANTF को सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया गया।
दोनों बैठकों में वित्तीय जाँच को NDPS प्रवर्तन का अनिवार्य हिस्सा बनाने और 'पूरी-सरकार' दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति बनी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 31 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश और असम में 2026 की दूसरी तिमाही की राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (JCC) बैठकें आयोजित कीं, जिनका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी पर बहु-एजेंसी प्रवर्तन को और धारदार बनाना था। आधिकारिक बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश की बैठक भोपाल में और असम की बैठक गुवाहाटी में संपन्न हुई।

भोपाल JCC: मुख्य घटनाक्रम

भोपाल में आयोजित बैठक की संयुक्त अध्यक्षता NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (पश्चिमी क्षेत्र) और मध्य प्रदेश के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के एडीजी ने की। इसमें राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB), आयकर विभाग, कस्टम्स, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राज्य अभियोजन विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और राज्य आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में नारकोटिक्स नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट के क्रियान्वयन, मध्य प्रदेश में तस्करी के उभरते रुझानों की निगरानी और 50 चिन्हित NDPS मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा PIT-NDPS प्रस्तावों में तेज़ी लाने, वित्तीय जाँच को सुदृढ़ करने और अंतर-एजेंसी समन्वय के ज़रिए ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्ययोजना भी तैयार की गई। गुप्त प्रयोगशालाओं के भंडाफोड़ और खुफिया सूचना-आधारित संयुक्त अभियानों की समीक्षा भी इस बैठक का अहम हिस्सा रही।

गुवाहाटी JCC: पूर्वोत्तर पर फोकस

गुवाहाटी में हुई असम की JCC बैठक की अध्यक्षता NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (पूर्वोत्तर क्षेत्र) आर. सुधाकर ने की। इसमें ANTF, कस्टम्स, CGST, आयकर विभाग, DGGI, SIB, NIA, प्रवर्तन निदेशालय (ED), DRI, ड्रग कंट्रोलर, असम राइफल्स, BSF, ITBP और जिला पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में तस्करी के बदलते पैटर्न और लॉजिस्टिक्स-आधारित डिलीवरी नेटवर्क चिंता का विषय बने हुए हैं। बैठक में रेलवे प्रवर्तन के लिए हैंडहेल्ड बैगेज स्क्रीनिंग तकनीक के उपयोग और NCB मॉडल पर असम नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और सशक्त बनाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

समन्वित रणनीति के प्रमुख बिंदु

दोनों बैठकों में संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जाँच, समन्वित प्रवर्तन अभियान और कार्टेल को ध्वस्त करने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। गौरतलब है कि NDPS जाँच के अभिन्न अंग के रूप में वित्तीय जाँच को मज़बूत करने और ड्रग तस्करी सिंडिकेट्स के वित्तीय ढाँचे को समाप्त करने के लिए 'पूरी-सरकार' (whole-of-government) दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति बनी। सभी एजेंसियों ने 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को दोहराया।

आगे की राह

इन बैठकों में तय की गई कार्ययोजना के तहत खुफिया सूचना-आधारित प्रवर्तन को प्राथमिकता दी जाएगी और अंतर-एजेंसी समन्वय को संस्थागत रूप दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित JCC बैठकें एजेंसियों के बीच सूचना के अंतराल को पाटने में सहायक हैं, जो ड्रग तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बैठक-कक्ष की रणनीतियाँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं। पूर्वोत्तर में लॉजिस्टिक्स-आधारित तस्करी नेटवर्क की बढ़ती परिष्कृतता और मध्य प्रदेश में गुप्त प्रयोगशालाओं के उभरने से स्पष्ट है कि पारंपरिक जब्ती-केंद्रित दृष्टिकोण पर्याप्त नहीं है। वित्तीय जाँच को NDPS मामलों से जोड़ने का निर्णय सही दिशा में है, लेकिन इसके परिणाम तभी दिखेंगे जब ED और आयकर विभाग की कार्रवाई अभियोजन तक पहुँचे — जो अब तक इन मामलों में अपेक्षाकृत धीमी रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCB की JCC बैठक क्या होती है और यह क्यों आयोजित की जाती है?
JCC यानी संयुक्त समन्वय समिति की बैठक NCB द्वारा तिमाही आधार पर राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है, जिसमें केंद्रीय और राज्य की सभी प्रमुख प्रवर्तन एजेंसियाँ एक मंच पर आती हैं। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी पर खुफिया सूचना साझा करना और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
31 जुलाई 2026 की JCC बैठकों में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हुईं?
भोपाल बैठक में NIA, SIB, आयकर विभाग, कस्टम्स, CBN, RPF और राज्य आबकारी विभाग शामिल रहे। गुवाहाटी बैठक में ANTF, ED, DRI, CGST, DGGI, असम राइफल्स, BSF, ITBP और जिला पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश में NDPS के 50 चिन्हित मामलों का क्या मतलब है?
भोपाल JCC बैठक में विशेष रूप से 50 ऐसे NDPS मामलों की पहचान की गई जिनका शीघ्र निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है। ये वे मामले हैं जो न्यायालय में लंबित हैं या जाँच के उन्नत चरण में हैं और जिनमें त्वरित कार्रवाई से तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लग सकती है।
असम में ड्रग तस्करी के कौन से नए रुझान सामने आए हैं?
गुवाहाटी JCC बैठक में लॉजिस्टिक्स-आधारित डिलीवरी नेटवर्क और तस्करी के बदलते पैटर्न को प्रमुख चिंता के रूप में रेखांकित किया गया। रेलवे मार्गों के ज़रिए तस्करी रोकने के लिए हैंडहेल्ड बैगेज स्क्रीनिंग तकनीक अपनाने पर भी चर्चा हुई।
'नशा मुक्त भारत' के संकल्प में JCC बैठकों की क्या भूमिका है?
JCC बैठकें 'नशा मुक्त भारत' अभियान के क्रियान्वयन का एक संस्थागत तंत्र हैं, जिसके ज़रिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ड्रग तस्करी सिंडिकेट्स के वित्तीय और परिचालन ढाँचे को तोड़ने की रणनीति तैयार करती हैं। 31 जुलाई की बैठकों में सभी एजेंसियों ने इस संकल्प को दोहराया।
राष्ट्र प्रेस
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