भोटेकोशी बाढ़ पीड़ित व्यवसायों के लिए नेपाल सरकार का राहत पैकेज: सीमा शुल्क छूट, कर राहत और ऋण पुनर्गठन
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल सरकार ने 3 सितंबर 2026 को भोटेकोशी बाढ़ से तबाह हुए उद्योगों, व्यापारियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एक व्यापक व्यापार पुनर्प्राप्ति पैकेज की घोषणा की, जिसमें सीमा शुल्क छूट, कर राहत, ऋण पुनर्गठन और बीमा दावों के त्वरित निपटान की व्यवस्था शामिल है। नेपाल के वित्त मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र के प्रभावित व्यवसायों को राहत और रियायतें देने का निर्णय लिया गया। यह आपदा अब तक 1,259 लोगों की जान ले चुकी है और 5,083 लोग अभी भी लापता हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पिछले सप्ताह नेपाल-चीन सीमा के निकट भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों, परिवहन बेड़े और औद्योगिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचाया। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, गुरुवार शाम तक मृतकों की संख्या 1,259 पहुँच गई और 5,083 लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल-चीन व्यापार मार्ग पहले से ही मौसमी व्यवधानों से जूझ रहा था।
राहत पैकेज में क्या शामिल है
जिन व्यवसायों के वाणिज्यिक वाहन और परिवहन उपकरण बाढ़ में बह गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, उन्हें क्षतिग्रस्त वाहनों का पंजीकरण रद्द कराने के बाद सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना समान वाहन पुनः आयात करने की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार, जिन इकाइयों के संयंत्र, मशीनरी और उपकरण नष्ट हुए हैं, वे भी बिना सीमा शुल्क के समान मात्रा और प्रकार की मशीनरी आयात कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, जो सामान गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही बाढ़ में नष्ट हो गया, उस पर पहले से भुगतान किए गए सीमा शुल्क को समायोजित करने का प्रावधान किया गया है। आयातकों को छह महीने के भीतर किसी भी सीमा शुल्क कार्यालय के माध्यम से समान सामान आयात करने पर पूर्व-भुगतान शुल्क की समतुल्य राशि वापस पाने का अधिकार होगा।
कर राहत और वित्तीय उपाय
बाढ़ प्रभावित करदाताओं के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान की समय सीमा मध्य अक्टूबर से बढ़ाकर 11 नवंबर तक कर दी गई है। कंपनियाँ बाढ़ में नष्ट हुई व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्य को एकमुश्त कर कटौती के रूप में दावा कर सकेंगी।
नेपाल के केंद्रीय बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह प्रभावित व्यवसायों को ऋण पुनर्गठन और पुनर्निर्धारण की सुविधाएँ उपलब्ध कराए। वित्त मंत्रालय के अनुसार, रासुवा सीमा शुल्क के माध्यम से आयातित क्षतिग्रस्त सामान वाले उधारकर्ता, व्यवसाय की प्रकृति और क्षति की सीमा के आधार पर मूलधन व ब्याज भुगतान की समय सीमा में विस्तार माँग सकेंगे। बैंकों को आर्थिक सुधार और रोज़गार संरक्षण के लिए अतिरिक्त ऋण देने की भी अनुमति दी गई है।
बीमा दावों में तेज़ी
नेपाल के बीमा प्राधिकरण को दावा प्रक्रिया को सरल बनाने और बाढ़ से संबंधित नुकसान के मुआवजे में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम उन व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने बीमित संपत्तियाँ खोई हैं और जिनके दावे सामान्य प्रक्रिया में महीनों लंबित रह सकते थे।
आगे की राह
सरकार का यह पैकेज व्यवसायों को जल्द-से-जल्द परिचालन में वापस लाने और नेपाल-चीन व्यापार मार्ग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राहत उपायों के क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता यह तय करेगी कि सीमावर्ती व्यापार कितनी जल्दी पटरी पर लौट सकता है।