4 सितंबर 2026
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बारुईपुर नाबालिग रेप-हत्या: SIT ने 60 दिनों में 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

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बारुईपुर नाबालिग रेप-हत्या: SIT ने 60 दिनों में 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

सारांश

बारुईपुर में 4 जुलाई को हुई नाबालिग की रेप और हत्या के मामले में SIT ने घटना के ठीक 60 दिन बाद 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। चार में से एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। BNS और पॉक्सो की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल की SIT ने 3 सितंबर 2026 को बारुईपुर जिला अदालत में 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
घटना 4-5 जुलाई की दरमियानी रात हुई; पीड़िता का शव सूर्यपुर के एक तालाब से बरामद हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु के कारण — अत्यधिक रक्तस्राव और पानी में दम घुटना ।
कुल चार आरोपी गिरफ्तार; एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
आरोप: BNS, 2023 की धाराएँ 137(2), 140(3), 65(1), 70(2), 103(1), 238, 61 और पॉक्सो धारा 6 ।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में 3 सितंबर 2026 को बारुईपुर जिला अदालत में 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। यह चार्जशीट घटना के ठीक 60 दिन बाद दाखिल की गई, जो इस संवेदनशील मामले में जांच की गति को रेखांकित करती है।

मुख्य घटनाक्रम

पीड़िता 4 जुलाई की दोपहर से लापता थी। अगले दिन 5 जुलाई की सुबह उसका शव बारुईपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सूर्यपुर इलाके के एक तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को बोरी में लपेटकर तालाब में फेंके जाने से पहले वह जीवित थी। ऑटोप्सी में मृत्यु के दो कारण सामने आए — अत्यधिक रक्तस्राव और पानी में दम घुटना। रिपोर्ट में उसके शरीर पर गंभीर चोटों का भी उल्लेख है।

आरोपी और गिरफ्तारियाँ

इस मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी प्रभास मंडल एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया — पुलिस के अनुसार, वह एक अधिकारी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था। शेष तीन आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

चार्जशीट में लगाए गए आरोप

राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, 702 पन्नों की इस चार्जशीट में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इनमें शामिल हैं — धारा 137(2) (अपहरण), धारा 140(3) (गुप्त रूप से कैद में रखने के इरादे से अपहरण), धारा 65(1) (16 वर्ष से कम आयु की नाबालिग से रेप), धारा 70(2) (18 वर्ष से कम आयु की महिला/लड़की के साथ गैंगरेप), धारा 103(1) (हत्या), धारा 238 (साक्ष्य मिटाना) और धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र)।

इसके अतिरिक्त, आरोपियों पर पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 6 (बच्चे के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

इस घटना ने पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक SIT गठित की और मामले की जांच के आदेश दिए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक दबाव बना हुआ था।

आगे की कार्यवाही

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत में सुनवाई के चरण में प्रवेश करेगा। न्यायिक प्रक्रिया की गति और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की समयसीमा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी अदालत में सुनवाई की गति होगी — भारत में यौन हिंसा के मामलों में अक्सर त्वरित जांच के बावजूद सुनवाई वर्षों तक खिंचती है। एक आरोपी का एनकाउंटर में मारा जाना उन सवालों को जन्म देता है जिन पर मुख्यधारा की कवरेज अपेक्षाकृत कम ध्यान देती है — क्या प्रक्रिया पारदर्शी थी? पीड़ित परिवार के लिए न्याय का अर्थ केवल चार्जशीट नहीं, बल्कि दोषसिद्धि और समयबद्ध फैसला है, जो अभी भी अनिश्चित है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर नाबालिग रेप और हत्या मामला क्या है?
यह मामला दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 4-5 जुलाई 2026 की दरमियानी रात हुई एक नाबालिग लड़की की रेप और हत्या से जुड़ा है। पीड़िता को बोरी में लपेटकर सूर्यपुर इलाके के एक तालाब में फेंका गया था, जहाँ से 5 जुलाई की सुबह उसका शव बरामद हुआ।
SIT ने चार्जशीट में कौन-कौन से आरोप लगाए हैं?
702 पन्नों की चार्जशीट में आरोपियों पर BNS, 2023 की धाराएँ 137(2), 140(3), 65(1), 70(2), 103(1), 238 और 61 के तहत आरोप लगाए गए हैं। साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 6 (बच्चे के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न) भी शामिल है।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और उनका क्या हुआ?
कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें से एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया — पुलिस के अनुसार वह एक अधिकारी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था। शेष तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण क्या बताया गया?
ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की मृत्यु के दो कारण थे — अत्यधिक रक्तस्राव और पानी में दम घुटना। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उसे बोरी में लपेटकर तालाब में फेंके जाने से पहले वह जीवित थी।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अब बारुईपुर जिला अदालत में सुनवाई के चरण में प्रवेश करेगा। अदालत आरोप तय करेगी और सुनवाई की तारीखें निर्धारित होंगी। पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद न्यायिक प्रक्रिया की गति पर निर्भर है।
राष्ट्र प्रेस
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