15 जुलाई 2026
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बारुईपुर मॉब लिंचिंग: 8वाँ आरोपी साकिम लश्कर गिरफ्तार, कई फरार संदिग्धों की तलाश जारी

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बारुईपुर मॉब लिंचिंग: 8वाँ आरोपी साकिम लश्कर गिरफ्तार, कई फरार संदिग्धों की तलाश जारी

सारांश

बारुईपुर में निर्दोष घोषित व्यक्ति को भीड़ ने मार डाला — और अब पुलिस एक-एक कर आरोपियों को पकड़ रही है। 8वीं गिरफ्तारी के साथ जाँच का दायरा बढ़ा, लेकिन कई संदिग्ध अभी भी फरार हैं। तीन अलग मामलों में 42 से अधिक गिरफ्तारियाँ बताती हैं कि यह हिंसा कितनी संगठित और व्यापक थी।

मुख्य बातें

साकिम लश्कर को 15 जुलाई को गिरफ्तार किया गया — बारुईपुर मॉब लिंचिंग मामले में यह 8वीं गिरफ्तारी है।
5 जुलाई को 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद भड़की भीड़ ने इंद्रजीत तांती (26) को पीट-पीटकर मार डाला था, जिसे पुलिस ने निर्दोष घोषित किया था।
पुलिस ने तीन अलग मामले दर्ज किए हैं; हिंसा और तोड़फोड़ के तीसरे मामले में 42 लोग गिरफ्तार।
आरोपी प्रवास मंडल पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ में मारा गया।
विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार को ₹25 लाख का मुआवज़ा दिया और मृतक के भाई को नौकरी देने की घोषणा की।
कई फरार संदिग्धों की तलाश जारी; पुलिस के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव।

बारुईपुर मॉब लिंचिंग मामले में दक्षिण 24 परगना पुलिस ने बुधवार, 15 जुलाई को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 8 हो गई है। यह मामला 5 जुलाई को 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद भड़की भीड़ हिंसा से जुड़ा है, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

नया गिरफ्तार आरोपी और अदालती कार्यवाही

गिरफ्तार किए गए नए आरोपी की पहचान साकिम लश्कर के रूप में हुई है। उसे बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी पक्ष उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेगा। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की वही धाराएँ लगाई जाएँगी जो पहले गिरफ्तार सात आरोपियों पर लगाई गई हैं — जिनमें गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा, जानबूझकर चोट पहुँचाना और भीड़ द्वारा हत्या शामिल हैं।

फरार संदिग्ध और आगे की गिरफ्तारियाँ

बारुईपुर जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जाँच के दौरान मॉब लिंचिंग में सीधे तौर पर शामिल कुछ अन्य व्यक्तियों की भी पहचान की गई है, जो फिलहाल फरार हैं। अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।

मामले की पृष्ठभूमि: निर्दोष की हत्या

पुलिस जाँच में 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती को 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में निर्दोष घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद 5 जुलाई को भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला — यह घटना न्याय-व्यवस्था को दरकिनार कर भीड़ द्वारा दंड देने का गंभीर उदाहरण है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब पुलिस मूल मामले की जाँच कर रही थी।

तीन अलग मामले, 42 से अधिक गिरफ्तारियाँ

पुलिस ने बारुईपुर की घटनाओं को लेकर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है, जिसमें अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें से एक आरोपी प्रवास मंडल पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया — पुलिस के अनुसार उसने एस्कॉर्ट कर रहे एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया था। दूसरा मामला इंद्रजीत तांती की मॉब लिंचिंग का है, और तीसरा मामला हिंसा, रेलवे ट्रैक व पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ तथा पुलिसकर्मियों पर हमले से संबंधित है — इस तीसरे मामले में अब तक 42 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवज़ा

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पिछले सप्ताह बारुईपुर पहुँचे और पीड़ित परिवार को ₹25 लाख का मुआवज़ा चेक सौंपा। उन्होंने मृतक के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वॉलंटियर की नौकरी देने की भी घोषणा की। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजित हुए कुछ लोग इस मॉब लिंचिंग की साजिश के पीछे थे — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जाँच के नतीजे और संभावित गिरफ्तारियाँ आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसमें संगठन का तत्व था। विपक्ष का मुआवज़ा-राजनीति में उतरना और चुनाव-हार का आरोप लगाना इस त्रासदी को राजनीतिक रंग देने की कोशिश है, जो पीड़ित परिवार के दर्द को भी औज़ार बनाती है। असली सवाल यह है कि भीड़ को इंद्रजीत तांती की निर्दोषता की जानकारी थी या नहीं — और यदि थी, तो यह हत्या नहीं, सुनियोजित अपराध है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर मॉब लिंचिंग मामला क्या है?
5 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद भीड़ ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती को पीट-पीटकर मार डाला, जबकि पुलिस उसे इस मामले में निर्दोष घोषित कर चुकी थी। यह घटना भीड़-न्याय का गंभीर उदाहरण है।
अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
मॉब लिंचिंग मामले में 15 जुलाई तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले के तीसरे मामले में अलग से 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इंद्रजीत तांती कौन थे और उनकी हत्या क्यों हुई?
इंद्रजीत तांती 26 वर्षीय व्यक्ति थे जिन्हें पुलिस ने 12 वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले में निर्दोष पाया था। इसके बावजूद 5 जुलाई को भीड़ ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला — यह मामला भीड़ द्वारा न्यायिक प्रक्रिया को नकारने का उदाहरण है।
साकिम लश्कर पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
साकिम लश्कर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा, जानबूझकर चोट पहुँचाना और भीड़ द्वारा हत्या जैसे आरोप लगाए जाएँगे। उसे दक्षिण 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी ने क्या किया?
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार को ₹25 लाख का मुआवज़ा चेक सौंपा और मृतक के बड़े भाई को राज्य पुलिस में सिविक वॉलंटियर की नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल के विधानसभा चुनाव में पराजित कुछ लोग इस लिंचिंग की साजिश में शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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