बारुईपुर एनकाउंटर की जांच सीआईडी को सौंपी, 12 वर्षीया से रेप-हत्या के आरोपी प्रवास मंडल की थी मौत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीया नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले के आरोपी प्रवास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) को सौंप दी है। 9 जुलाई को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नियमों के अनुसार न्यायिक जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और वह समानांतर रूप से जारी रहेगी।
एनकाउंटर की घटना क्या थी
बुधवार तड़के पुलिस हिरासत में आरोपी प्रवास मंडल ने साथ चल रहे एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। इसके जवाब में सब इंस्पेक्टर अर्घ्य मंडल ने फायरिंग की, जिसमें आरोपी को दो गोलियाँ लगीं — एक छाती के दाहिने हिस्से में और दूसरी कमर के ठीक ऊपर। उसे नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। बारुईपुर पुलिस जिले का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई थी।
सीआईडी जांच क्यों ज़रूरी हुई
'नबन्ना' के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एनकाउंटर की जगह बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें शामिल पुलिसकर्मी भी इसी जिले से हैं। नियमों के तहत, बारुईपुर पुलिस जिले का कोई अधिकारी या एसआईटी इस मामले की जांच नहीं कर सकती। अधिकारी ने कहा, 'इसीलिए सीआईडी को जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का काम दिया गया है।' साथ ही, किसी भी एनकाउंटर में कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायिक जांच अनिवार्य होती है, जो पहले ही शुरू हो चुकी है।
परिवार की प्रतिक्रिया
उल्लेखनीय है कि प्रवास मंडल के परिवार वालों ने खुद कहा कि उसने जो अपराध किया, उसे देखते हुए वह ऐसी ही सजा का हकदार था। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद पुलिस से उसका शव लेने से भी इनकार कर दिया — यह प्रतिक्रिया मामले की गंभीरता और जनभावना को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
अब सीआईडी एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच करेगी और रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। समानांतर न्यायिक जांच भी जारी रहेगी। इस मामले में 12 वर्षीया बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के कुल चार आरोपी थे, जिनमें से एक प्रवास मंडल की एनकाउंटर में मौत हो गई है। शेष आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही जारी है।