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बारुईपुर एनकाउंटर की जांच सीआईडी को सौंपी, 12 वर्षीया से रेप-हत्या के आरोपी प्रवास मंडल की थी मौत

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बारुईपुर एनकाउंटर की जांच सीआईडी को सौंपी, 12 वर्षीया से रेप-हत्या के आरोपी प्रवास मंडल की थी मौत

सारांश

12 वर्षीया बच्ची के साथ रेप और हत्या के आरोपी प्रवास मंडल की बारुईपुर में पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सीआईडी जांच का आदेश दिया है। बारुईपुर पुलिस के इस मामले में हितों के टकराव के कारण यह फैसला लिया गया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने बारुईपुर एनकाउंटर की जांच सीआईडी को सौंपी।
आरोपी प्रवास मंडल 12 वर्षीया नाबालिग के रेप और हत्या के चार आरोपियों में से एक था।
मंडल ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी; सब इंस्पेक्टर अर्घ्य मंडल की जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हुई।
एनकाउंटर बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण उसी जिले की पुलिस जांच नहीं कर सकती — इसलिए सीआईडी को जिम्मेदारी दी गई।
कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायिक जांच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।
मंडल के परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया।

पश्चिम बंगाल सरकार ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीया नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले के आरोपी प्रवास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) को सौंप दी है। 9 जुलाई को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नियमों के अनुसार न्यायिक जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और वह समानांतर रूप से जारी रहेगी।

एनकाउंटर की घटना क्या थी

बुधवार तड़के पुलिस हिरासत में आरोपी प्रवास मंडल ने साथ चल रहे एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। इसके जवाब में सब इंस्पेक्टर अर्घ्य मंडल ने फायरिंग की, जिसमें आरोपी को दो गोलियाँ लगीं — एक छाती के दाहिने हिस्से में और दूसरी कमर के ठीक ऊपर। उसे नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। बारुईपुर पुलिस जिले का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई थी।

सीआईडी जांच क्यों ज़रूरी हुई

'नबन्ना' के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एनकाउंटर की जगह बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें शामिल पुलिसकर्मी भी इसी जिले से हैं। नियमों के तहत, बारुईपुर पुलिस जिले का कोई अधिकारी या एसआईटी इस मामले की जांच नहीं कर सकती। अधिकारी ने कहा, 'इसीलिए सीआईडी को जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का काम दिया गया है।' साथ ही, किसी भी एनकाउंटर में कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायिक जांच अनिवार्य होती है, जो पहले ही शुरू हो चुकी है।

परिवार की प्रतिक्रिया

उल्लेखनीय है कि प्रवास मंडल के परिवार वालों ने खुद कहा कि उसने जो अपराध किया, उसे देखते हुए वह ऐसी ही सजा का हकदार था। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद पुलिस से उसका शव लेने से भी इनकार कर दिया — यह प्रतिक्रिया मामले की गंभीरता और जनभावना को दर्शाती है।

आगे क्या होगा

अब सीआईडी एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच करेगी और रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। समानांतर न्यायिक जांच भी जारी रहेगी। इस मामले में 12 वर्षीया बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के कुल चार आरोपी थे, जिनमें से एक प्रवास मंडल की एनकाउंटर में मौत हो गई है। शेष आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य की ही एक एजेंसी राज्य पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कर सकती है। परिवार का शव लेने से इनकार और जनता की भावनात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि अपराध की जघन्यता ने न्यायिक प्रक्रिया को भावनात्मक रूप से जटिल बना दिया है — ऐसे में सीआईडी और न्यायिक जांच दोनों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर एनकाउंटर क्या है और इसमें क्या हुआ?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीया नाबालिग के साथ रेप और हत्या के आरोपी प्रवास मंडल की बुधवार तड़के पुलिस हिरासत में एनकाउंटर में मौत हो गई। उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और गोली चलाई, जिसके जवाब में सब इंस्पेक्टर अर्घ्य मंडल ने फायरिंग की।
सीआईडी को एनकाउंटर की जांच क्यों सौंपी गई?
चूँकि एनकाउंटर बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में हुआ और इसमें शामिल पुलिसकर्मी भी उसी जिले के हैं, इसलिए नियमों के तहत उसी जिले की पुलिस या एसआईटी जांच नहीं कर सकती। इसी हितों के टकराव को देखते हुए राज्य सरकार ने सीआईडी को जांच की जिम्मेदारी दी है।
क्या एनकाउंटर की न्यायिक जांच भी होगी?
हाँ, कानूनी प्रावधानों के तहत किसी भी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच अनिवार्य है। 'नबन्ना' के अधिकारी के अनुसार यह जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और सीआईडी जांच के साथ-साथ समानांतर रूप से जारी रहेगी।
प्रवास मंडल के परिवार ने क्या कहा?
मंडल के परिवार ने कहा कि उसने जो अपराध किया, उसे देखते हुए वह ऐसी ही सजा का हकदार था। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद पुलिस से उसका शव लेने से भी इनकार कर दिया।
इस मामले में कुल कितने आरोपी हैं?
12 वर्षीया नाबालिग के साथ रेप और हत्या के इस मामले में कुल चार आरोपी थे। इनमें से एक प्रवास मंडल की एनकाउंटर में मौत हो गई है; शेष तीन आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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