बरूईपुर हत्याकांड: पश्चिम बंगाल पुलिस ने इंद्रजीत तांती मामले के सभी 5 मुख्य आरोपी किए गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के बरूईपुर में 5 जुलाई 2026 को हुई इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में सभी पाँच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्याकांड उस हिंसा के दौरान हुआ जो इलाके में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित बलात्कार और हत्या की खबर फैलने के बाद भड़की थी। 11 जुलाई 2026 को पुलिस ने पुष्टि की कि रातभर चले ऑपरेशन के बाद अंतिम तीन संदिग्धों को भी हिरासत में ले लिया गया है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, इंद्रजीत तांती की हत्या की साजिश में शामिल माने जा रहे दो आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद शनिवार तड़के रातभर चले ऑपरेशन में तीन और संदिग्धों को दबोचा गया, जिससे गिरफ्तारियों की कुल संख्या पाँच हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नए गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्हें दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील पुलिस हिरासत की माँग करेंगे।
घटना की पृष्ठभूमि
5 जुलाई 2026 की सुबह बरूईपुर इलाके के एक तालाब से नाबालिग लड़की का शव मिला। इसके कुछ ही घंटों बाद उसी दोपहर इलाके में भारी हिंसा भड़क उठी। बेकाबू भीड़ ने लड़की के बलात्कार और हत्या में शामिल होने के संदेह में इंद्रजीत तांती को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस अब उन साजिशकर्ताओं की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिन्होंने तांती को इस अपराध में गलत तरीके से संदिग्ध ठहराया था। यह ऐसे समय में आया है जब भीड़ न्याय की घटनाएँ पूरे देश में चिंता का विषय बनी हुई हैं।
तीन अलग एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस पूरे मामले में तीन अलग-अलग प्राथमिकियाँ (FIR) दर्ज की हैं। पहली FIR नाबालिग लड़की के खिलाफ हुए अपराध से संबंधित है। दूसरी FIR इंद्रजीत तांती की हत्या से जुड़ी है। तीसरी FIR विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में दर्ज की गई है। गौरतलब है कि तीनों मामलों की जाँच अलग-अलग टीमें कर रही हैं।
नाबालिग मामले में भी कार्रवाई
नाबालिग लड़की के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने साथ चल रहे पुलिसकर्मी से हथियार छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की। इस मुठभेड़ की परिस्थितियाँ जाँच के दायरे में हैं।
आगे क्या होगा
नए गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस रिमांड की उम्मीद है। जाँच एजेंसियाँ यह स्थापित करने में जुटी हैं कि तांती को जानबूझकर भीड़ के निशाने पर लाने की साजिश किसने और क्यों रची। इस पूरे प्रकरण ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और भीड़ हिंसा की रोकथाम को लेकर राजनीतिक बहस को नई धार दी है।