ऑकलैंड में PM मोदी का भारतीय समुदाय को संबोधन: '40 साल बाद न्यूजीलैंड आया भारतीय PM, वाका नई यात्रा पर'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम में कीवी इंडियन कम्युनिटी को संबोधित किया। यह उनके छह दिवसीय न्यूजीलैंड दौरे का अंतिम और सबसे भावनात्मक पड़ाव था। जैसे ही मोदी मंच पर पहुँचे, पूरा हॉल 'मोदी-मोदी' के नारों से गूँज उठा।
40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज 40 साल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड की धरती पर आया है। यह मेरा सौभाग्य है — मैं यहाँ 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएँ लेकर आया हूँ।' उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री बनने से 25-30 साल पहले, जब वे सार्वजनिक जीवन में भी अनजाने थे, तब भी उन्हें न्यूजीलैंड आने का अवसर मिला था।
गौरतलब है कि इससे पहले किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने चार दशकों से न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा नहीं की थी, जो इस दौरे के कूटनीतिक महत्व को और अधिक रेखांकित करता है।
25 साल पुराना मफलर — भावनाओं की डोर
मोदी ने एक मार्मिक किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा कि अपनी पहली न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान एक स्थानीय साथी ने उन्हें उपहार में एक मफलर, एक टोपी और एक दस्ताना दिया था। 'यह मफलर जो आप देख रहे हैं, यह 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक साथी ने मुझे दिया था। इतने वर्षों में मैंने इसे सँभाल कर रखा है — जैसे आपके प्यार को सँभाल कर रखता हूँ।' उन्होंने बताया कि इस बार ठंड की खबर सुनकर वे विशेष रूप से यह मफलर साथ लाए।
'वाका' — साझा यात्रा का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को परिभाषित करने के लिए न्यूजीलैंड की माओरी परंपरा से लिए गए शब्द 'वाका' का उपयोग किया। उन्होंने कहा, 'वाका का मतलब सिर्फ एक नाव का नाम नहीं है; यह हमारी साझा सफर की प्रतीक है। आज भारत-न्यूजीलैंड की यही वाका एक नई यात्रा पर निकलने के लिए तैयार है।'
उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा में 'हवाएँ साथ हैं, समंदर की विशाल लहरें साथ हैं और इच्छाशक्ति का नीला आसमान साथ है।' मोदी ने स्पष्ट किया कि इस साझा सफर के असली नाविक वे स्वयं नहीं, बल्कि ऑकलैंड से वेलिंग्टन और क्राइस्टचर्च से क्वींसटाउन तक फैला भारतीय समुदाय है।
कीवी इंडियन समुदाय की उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने भारतीय मूल के उन व्यक्तित्वों का विशेष उल्लेख किया जिन्होंने न्यूजीलैंड में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड वह जगह है जहाँ निखिल रविशंकर एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बन सकते हैं, जहाँ आनंद सत्यानंद गवर्नर जनरल बन सकते हैं, और जहाँ न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी, एजाज पटेल जैसे भारतीय प्रतिभाओं को अवसर मिलता है।'
उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड की सड़कों पर खंडाला, बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट जैसे भारतीय नाम इस गहरे जुड़ाव के प्रमाण हैं।
द्विपक्षीय समर्थन और आगे की राह
मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूजीलैंड सरकार और लेबर पार्टी के सदस्यों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सभी दलों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को न्यूजीलैंड में कितना व्यापक समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने विपक्ष के नेता क्रिस हिप्किंस का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस पर उनके साथ 'दमादम मस्त कलंदर' पर किया गया डांस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस पूरे कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि भारत-न्यूजीलैंड रिश्ते केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में भी मजबूती से जड़ें जमा चुके हैं।