शिमला के बोथवेल में भूस्खलन: कई घर खतरे में, प्रशासन की निष्क्रियता पर भड़के निवासी
सारांश
मुख्य बातें
शिमला के संजौली कॉलेज के निकट बोथवेल इलाके में 11 जुलाई 2026 की तड़के रात 3 से 4 बजे के बीच भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने क्षेत्र के कई मकानों को खतरे की जद में ला दिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार चट्टानें और मिट्टी लगातार खिसक रही हैं तथा अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, परंतु दहशत का माहौल बना हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय निवासी पूनम चटक ने बताया कि भूस्खलन सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच शुरू हुआ। उन्होंने कहा, 'लगातार चट्टानें गिर रही हैं, मिट्टी खिसक रही है और भूस्खलन अभी भी जारी है। यहाँ बने सभी घर खतरे में हैं।' एक अन्य निवासी ने भी पुष्टि की कि पहाड़ी से अचानक पत्थर और मिट्टी गिरनी शुरू हुई, जिससे कई परिवारों में भय व्याप्त हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सवाल
निवासियों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर केवल पाँच मिनट रुककर चली गई और जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी अब तक नहीं पहुँचा। स्थानीय लोगों ने पार्षद, विधायक और महापौर सहित जनप्रतिनिधियों को बार-बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत, सुरक्षा उपाय और बड़े हादसे की रोकथाम की माँग की है।
निर्माण गतिविधि पर आरोप
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम ने इलाके में एक निजी निर्माण परियोजना को अनुमति दी थी, जिसके तहत पहाड़ी की बड़े पैमाने पर खुदाई की गई। आलोचकों का कहना है कि यह अनियंत्रित निर्माण गतिविधि भूस्खलन की संवेदनशीलता को बढ़ाने में सहायक रही है।
पूर्व घटना से तुलना
गौरतलब है कि 28 जून 2025 को भी इसी स्थान पर बड़ा भूस्खलन हो चुका है, जब भारी मलबा और चट्टानें रिहायशी मकानों पर गिरी थीं और कई महिलाएँ व बच्चे मलबे में फँस गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण भूस्खलन की घटनाएँ पहले से ही बढ़ी हुई हैं। निवासियों को आशंका है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और विकट हो सकती है।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल भू-तकनीकी सर्वेक्षण, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और संबंधित निर्माण परियोजना की जाँच कराने की माँग की है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस बार कितनी तेज़ी से प्रतिक्रिया देता है — क्योंकि पिछली बार की देरी पहले ही सवालों के घेरे में है।