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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश: कुल्लू के वार्ड-2 में भूस्खलन का खतरा, जेपी नड्डा का स्फीति दौरा रद्द

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश: कुल्लू के वार्ड-2 में भूस्खलन का खतरा, जेपी नड्डा का स्फीति दौरा रद्द

सारांश

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने शुरुआत में ही कहर बरपाया — कुल्लू के वार्ड-2 में दरारें, सड़कें जलमग्न और भूस्खलन की आशंका। स्थिति इतनी गंभीर है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का स्फीति दौरा रद्द करना पड़ा और ICMR केंद्र की आधारशिला अब सितंबर तक टली।

मुख्य बातें

10 जुलाई को कुल्लू , शिमला , बिलासपुर और मंडी में भारी बारिश से जनजीवन बाधित।
कुल्लू वार्ड नंबर 2 में दरारें आने से भूस्खलन का खतरा; निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील।
नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर ने रैनबसेरा और राहत केंद्र सक्रिय करने की जानकारी दी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का 11 जुलाई का स्फीति दौरा भारी बारिश और टूटी सड़कों के कारण रद्द।
आईसीएमआर उच्च-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला अब सितंबर 2025 से पहले रखे जाने की संभावना।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला समेत कई जिलों में 10 जुलाई को लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वार्ड नंबर 2 में भूस्खलन की आशंका गहरा गई है और प्रशासन ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का 11 जुलाई को निर्धारित स्फीति दौरा रद्द कर दिया गया है।

कुल्लू में स्थिति की गंभीरता

लगातार बारिश ने कुल्लू शहर की सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था की कमज़ोरियाँ उजागर कर दी हैं। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित है और जन-सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने पिछले वर्ष हुए भूस्खलन जैसी खतरनाक स्थिति की पुनरावृत्ति की आशंका जताई है।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

कुल्लू नगर परिषद की अध्यक्ष आशा ठाकुर ने बताया कि वार्ड नंबर 2 में कई स्थानों पर दरारें देखी गई हैं और वहाँ रहना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, 'वार्ड नंबर 2 खतरनाक इलाका बन चुका है, हम सभी से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कर रहे हैं। अगर किसी के पास कोई जगह नहीं है तो हमारे पास रैनबसेरा है — वहाँ आकर रहें और सुरक्षित रहें।' राहत के तौर पर प्रशासन की ओर से प्रभावित स्थानों पर तिरपाल लगाए जा रहे हैं।

वार्ड संख्या 2 के पार्षद कुब्जा ठाकुर ने बताया कि इलाके में कीचड़ और पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरपाल लगाने का कार्य भी सुरक्षित नहीं है और प्रशासन से आग्रह किया कि इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद अनुराग ठाकुर से इस विषय पर बात हुई है, जिन्होंने कहा कि कई कार्य प्रगति पर हैं, लेकिन इनमें समय लगेगा।

जेपी नड्डा का स्फीति दौरा क्यों रद्द हुआ

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रवि ठाकुर ने बताया कि 11 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को स्फीति में आईसीएमआर उच्च-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखनी थी। बिलासपुर, मंडी और कुल्लू में भारी बारिश तथा सड़कें टूटने के कारण यह दौरा रद्द करना पड़ा। रवि ठाकुर के अनुसार यह समारोह अब सितंबर 2025 से पहले आयोजित होने की संभावना है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून अपने शुरुआती चरण में ही आक्रामक रूप ले चुका है। भूस्खलन-प्रवण इलाकों में रहने वाले परिवारों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी कुल्लू और मंडी जिलों में भूस्खलन की घटनाओं ने व्यापक नुकसान पहुँचाया था।

आगे क्या

प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। रैनबसेरा और अन्य राहत केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं। आईसीएमआर केंद्र की आधारशिला-रखने की नई तिथि की घोषणा अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पिछले कई वर्षों से दोहराया जाने वाला पैटर्न है। जेपी नड्डा के दौरे का रद्द होना केवल एक कार्यक्रम की स्थगन नहीं है; यह उजागर करता है कि स्फीति जैसे दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाएँ मौसम की मार के आगे कितनी भेद्य हैं। सांसद अनुराग ठाकुर का 'काम चल रहा है, समय लगेगा' वाला जवाब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तात्कालिकता के सामने खोखला लगता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं?
10 जुलाई को कुल्लू, शिमला, बिलासपुर और मंडी जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। कुल्लू के वार्ड नंबर 2 में भूस्खलन की आशंका सबसे अधिक है, जहाँ दरारें देखी गई हैं और निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
जेपी नड्डा का स्फीति दौरा क्यों रद्द किया गया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को 11 जुलाई को स्फीति में आईसीएमआर उच्च-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखनी थी। बिलासपुर, मंडी और कुल्लू में भारी बारिश और सड़कें टूटने के कारण यह दौरा रद्द करना पड़ा।
आईसीएमआर स्फीति केंद्र की आधारशिला अब कब रखी जाएगी?
भाजपा नेता रवि ठाकुर के अनुसार यह समारोह अब सितंबर 2025 से पहले आयोजित होने की संभावना है। नई तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
कुल्लू वार्ड नंबर 2 के निवासियों के लिए राहत की क्या व्यवस्था है?
कुल्लू नगर परिषद की अध्यक्ष आशा ठाकुर ने बताया कि प्रभावित स्थानों पर तिरपाल लगाए जा रहे हैं और रैनबसेरा सहित अन्य राहत केंद्र सक्रिय किए गए हैं। जिन निवासियों के पास जाने की जगह नहीं है, उन्हें इन केंद्रों में आश्रय लेने की अपील की गई है।
क्या हिमाचल प्रदेश में पहले भी ऐसी स्थिति आई है?
हाँ, स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष कुल्लू और मंडी में हुए भूस्खलन का हवाला दिया है। मानसून के दौरान इन इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएँ प्रतिवर्ष होती रही हैं, जो बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियों को उजागर करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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