क्या चंबा में खराब मौसम के कारण नदी-नालों से दूर रहना चाहिए? : एसडीएम अंकुर ठाकुर

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क्या चंबा में खराब मौसम के कारण नदी-नालों से दूर रहना चाहिए? : एसडीएम अंकुर ठाकुर

सारांश

चंबा जिले के एसडीएम अंकुर ठाकुर ने खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे संभावित हादसों का खतरा है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुरक्षा के लिए सजग रहना चाहिए। जानें इस विषय में और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

खराब मौसम में सतर्कता बरतें।
नदी-नालों से दूर रहें।
बच्चों को सुरक्षित रखें।
प्रशासन की सलाह मानें।
जान-माल की सुरक्षा प्राथमिकता है।

चंबा, 9 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के उपमंडल चुराह के एसडीएम अंकुर ठाकुर ने क्षेत्र की जनता से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि हाल की भारी बारिश के कारण नदी-नालों और छोटे-बड़े खड्डों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन स्थानों से दूर रहना चाहिए।

एसडीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ता है और भूस्खलन तथा सड़क धंसने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने विशेष रूप से सुबह और शाम के समय तेज बारिश के दौरान स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अनुरोध किया कि वे किसी भी परिस्थिति में नदी-नालों के पास न जाएं। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों को भी चेतावनी दी कि वे बच्चों को तेज बहाव वाले पानी के पास खेलने या नहाने से सख्ती से रोकें।

अंकुर ठाकुर ने आगे कहा कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए टीमों को तैयार रखा गया है। फिर भी जनता की सतर्कता और सहयोग से ही संभावित हादसों को टाला जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मौसम विभाग के अलर्ट और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह भी ज्ञात हो कि हिमाचल प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के निचले क्षेत्रों में लगातार हो रहे नुकसान का सिलसिला जारी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के हमीरपुर डिवीजन को अब तक 211 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है।

मुख्य अभियंता विजय चौधरी ने बताया कि हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिलों में सड़कों और पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान ऊना जिले को हुआ है, जहां बारिश और भूस्खलन के चलते 70 करोड़ रुपए से अधिक की क्षति का आकलन किया गया है। यहां चार बड़े पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि हमीरपुर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में 11.48 करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि बिलासपुर जिले में अब तक 42 करोड़ की क्षति का अनुमान है। धर्मपुर क्षेत्र भी बारिश से प्रभावित हुआ है, जहां कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सभी को मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खराब मौसम में क्या करना चाहिए?
खराब मौसम में नदी-नालों से दूर रहना चाहिए और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
भारी बारिश का क्या असर होता है?
भारी बारिश से जलस्तर बढ़ता है और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
क्या सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?
जी हां, प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैयार हैं।
क्या बच्चों को खेलने से रोकना चाहिए?
हां, अभिभावकों को बच्चों को तेज बहाव वाले पानी के पास खेलने से रोकना चाहिए।
क्या मौसम विभाग की सलाह मानना जरूरी है?
बिल्कुल, मौसम विभाग की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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