कर्नाटक ने निर्धारित किया 25,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक ने 25,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है।
- भूमि अधिग्रहण एक मुख्य चुनौती है।
- पावगड़ा सोलर पार्क का महत्व है।
- 23 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है।
- मुख्यमंत्री सोलर एग्रीकल्चर योजना उत्कृष्ट पहल है।
बेंगलुरु, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार ने अपने अगले पांच वर्षों में 25,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस जानकारी को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) गौरव गुप्ता ने बुधवार को साझा किया।
उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान, जिसका शीर्षक था "भारत अपने नवीकरणीय भविष्य को ज़िम्मेदार कैसे बना सकता है?" पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निवेशकों और आम जनता के सहयोग से यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह कार्यक्रम कर्नाटक अक्षय ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद द्वारा आयोजित किया गया था।
गौरव गुप्ता ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती है। लोगों को अपनी आजीविका पर प्रभाव की चिंता होती है, जबकि यह निवेशकों के लिए भी एक अवरोध बनता है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझाना जरूरी है कि देश के विकास के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व अत्यधिक है।
उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज और राजस्व मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अंतर्गत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे निवेशक और किसान सीधे जुड़कर जमीन परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
गौरव गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन दशकों में क्रेडल ने कर्नाटक को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में राज्य में 23 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा का मुख्य योगदान है।
उन्होंने पावगड़ा सोलर पार्क का उदाहरण देते हुए कहा कि 2,000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाला यह दुनिया के सबसे बड़े सोलर पार्कों में से एक है और यह समावेशी विकास का एक मॉडल है, जहां किसान लंबी अवधि के लिए जमीन लीज पर देकर लाभ कमा रहे हैं।
कर्नाटक ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व किया है, जहां 8,238 मेगावाट से अधिक स्थापित क्षमता है।
इस अवसर पर क्रेडल के अध्यक्ष और विधायक टी.डी. राजेगोवड़ा ने सरकार की विभिन्न पहलों की सराहना की, जिनमें मुख्यमंत्री सोलर एग्रीकल्चर योजना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह योजना कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
कार्यक्रम में क्रेडल के प्रबंध निदेशक के.पी. रुद्रप्पैया, सीईईडब्ल्यू के निदेशक कार्तिक गणेशन और कई वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।