क्या भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक है?

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क्या भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक है?

सारांश

भारत ने 125 गीगावाट सौर क्षमता के साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सफलता की कहानी को साझा किया है, जो न केवल संख्याओं में है, अपितु लोगों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

भारत ने 125 गीगावाट सौर क्षमता के साथ दुनिया में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से लाभ मिल रहा है।
भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनने की दिशा में अग्रसर है।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की वृद्धि महत्वपूर्ण है।
सौर ऊर्जा ने ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, लगभग 125 गीगावाट सौर क्षमता के साथ भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा का आठवां सत्र 27 से 30 अक्टूबर 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन दुनिया को एक सूरज, एक विजन और सौर ऊर्जा के प्रति साझा प्रतिबद्धता के तहत एकजुट करेगा।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री जोशी ने बताया कि भारत ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही पूरा कर लिया है और गैर-जीवाश्म संसाधनों से प्राप्त कुल स्थापित बिजली क्षमता में 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया है।

भारत की सौर ऊर्जा में प्रगति दर्शाती है कि राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा स्थानीय स्तर पर सार्थक बदलाव में परिवर्तित हो सकती है।

उन्होंने कहा, "हमारी सफलता की कहानी केवल संख्याओं से अधिक है; यह लोगों के बारे में है। हमने देखा कि विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा जीवन में बदलाव लाती है, ग्रामीण घरों में रोशनी लाती है, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को शक्ति प्रदान करती है और हमारे किसानों को नए उपकरण प्रदान करती है।"

जोशी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर - मुफ्त बिजली योजना के तहत, 20 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने पीएम-कुसुम योजना को लेकर कहा कि इस योजना के तीन घटकों का लक्ष्य 10 गीगावाट के छोटे सोलर प्लांट की स्थापना करना, 1.4 मिलियन ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों को सहायता प्रदान करना तथा 3.5 मिलियन ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलर एनर्जी से जोड़ना है। ये सभी प्रयास मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्वच्छ ऊर्जा अंतिम छोर तक पहुंचे।

भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा, "आज हम सौर ऊर्जा में तीसरे सबसे बड़े, पवन ऊर्जा में चौथे सबसे बड़े और कुल मिलाकर, अब दुनिया में तीसरे सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रतिष्ठान हैं। इसके अतिरिक्त, सौर मॉड्यूल के निर्माण में हम चीन के बाद दूसरे सबसे बड़े देश हैं।"

आईएसए के महानिदेशक आशीष खन्ना ने कहा कि ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। तेल को 1,000 गीगावाट तक पहुंचने में 25 वर्ष लगे थे, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी ने इसे केवल दो वर्षों में दोगुना कर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि ग्रामीण विकास और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रगति भारत की वैश्विक ऊर्जा नीति में एक नई दिशा को दर्शाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत सौर ऊर्जा में कब तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक बना?
भारत ने 125 गीगावाट सौर क्षमता के साथ हाल ही में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बनने की उपलब्धि हासिल की है।
क्या प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों की संख्या बढ़ रही है?
हाँ, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 20 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से लाभान्वित हो रहे हैं।
भारत की सौर ऊर्जा उत्पादन में क्या विशेषता है?
भारत के सौर ऊर्जा उत्पादन में विकेन्द्रीकरण और स्थानीय स्तर पर बदलाव लाने की क्षमता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस