फीफा वर्ल्ड कप 2026: रॉबी फाउलर बोले — सिर्फ मेसी को रोकना काफी नहीं, स्विट्जरलैंड को अटैक भी करना होगा
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के पूर्व स्टार फुटबॉलर रॉबी फाउलर ने स्पष्ट कहा है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को चुनौती देने के लिए स्विट्जरलैंड को केवल लियोनेल मेसी को मार्क करने की रणनीति से आगे सोचना होगा। फाउलर के अनुसार, अर्जेंटीना की असली ताकत किसी एक खिलाड़ी में नहीं, बल्कि पूरी टीम के बेहतरीन तालमेल, तेज पासिंग और निरंतर मूवमेंट में निहित है।
अर्जेंटीना की असली ताकत क्या है
'जी5' के फीफा वर्ल्ड कप 2026 एक्सपर्ट पैनल में शामिल फाउलर ने बताया कि मेसी और जूलियन अल्वारेज लगातार अपनी पोजीशन बदलते रहते हैं, जिससे विरोधी टीम के डिफेंडरों पर पूरे मैच दबाव बना रहता है। उन्होंने कहा, 'अर्जेंटीना के खिलाफ खेलते समय किसी एक खिलाड़ी पर ध्यान देना काफी नहीं है। पूरी टीम मिलकर खेलती है और हर खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर हमला कर सकता है।'
फाउलर ने आगाह किया कि यदि स्विट्जरलैंड केवल मेसी या अल्वारेज को रोकने पर केंद्रित रही, तो एंजो फर्नांडीज जैसे खिलाड़ी मौके का फायदा उठाकर मैच का रुख पलट सकते हैं। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की तेज वन-टच पासिंग और बिना गेंद के खिलाड़ियों की लगातार मूवमेंट ही उसे दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में शामिल करती है।
स्विट्जरलैंड के लिए रणनीतिक सलाह
फाउलर ने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड के लिए पूरे 90 मिनट सिर्फ रक्षात्मक खेल खेलना आत्मघाती साबित हो सकता है। उनके शब्दों में, 'स्विट्जरलैंड को अनुशासन बनाए रखना होगा, लेकिन सही मौके पर आगे बढ़कर हमला भी करना होगा। अगर वह केवल अपने हाफ में सिमटकर खेलेंगे तो अर्जेंटीना को रोकना मुश्किल होगा।' फाउलर का मानना है कि अर्जेंटीना हमेशा तेज काउंटर अटैक पर निर्भर नहीं करता — उसकी पासिंग, खिलाड़ियों की सामूहिक समझ और सटीक मूवमेंट ही उसकी पहचान है।
इंग्लैंड बनाम नॉर्वे: केन और हालैंड पर निगाहें
दूसरे क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड और नॉर्वे के बीच होने वाले मुकाबले पर भी फाउलर ने अपनी राय रखी। उनके अनुसार, हैरी केन और एरलिंग हालैंड दोनों ही न केवल गोल करने में माहिर हैं, बल्कि अपनी-अपनी टीम के लिए मौके बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
फाउलर ने माना कि इंग्लैंड का मिडफील्ड नॉर्वे की तुलना में अधिक संगठित नजर आता है। उन्होंने डेक्लान राइस, जूड बेलिंगहम और इलियट एंडरसन के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, 'डेक्लान राइस टीम को संतुलन देते हैं और बाकी आक्रामक खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है। वहीं, हैरी केन जब पीछे आते हैं तो डिफेंस में जगह बनती है और बेलिंगहम उन खाली जगहों का शानदार फायदा उठाते हैं।'
हालैंड को रोकना इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती
फाउलर ने स्वीकार किया कि हालैंड को रोक पाना इंग्लैंड के लिए आसान नहीं होगा। उनका कहना है कि हालैंड जैसे खिलाड़ी को गोल करने के लिए मैच में बस एक या दो मौके ही पर्याप्त होते हैं। फाउलर ने सुझाया कि इंग्लैंड की पूरी टीम को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हालैंड तक गेंद कम से कम पहुँचे। दोनों क्वार्टर फाइनल मुकाबले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सबसे रोमांचक पड़ावों में से एक साबित हो सकते हैं।