फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्कालोनी की चेतावनी — काबो वर्डे को हल्के में लेना होगी भूल
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में अर्जेंटीना का सामना काबो वर्डे से होना है, और मैच से पहले अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने साफ कहा कि उनकी टीम प्रतिद्वंद्वी को किसी भी हाल में कमज़ोर नहीं आँकेगी। मियामी में आयोजित प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कालोनी ने कहा कि इस टूर्नामेंट में अब हर टीम मज़बूत है और हर मुकाबला कठिन होता जा रहा है।
ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का प्रदर्शन
अर्जेंटीना ने ग्रुप जे में शानदार अभियान चलाते हुए तीनों मैच जीते — कुल 8 गोल किए और महज़ 1 गोल खाया। टीम ग्रुप में शीर्ष पर रही। दूसरी ओर, काबो वर्डे ने ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट में प्रवेश किया। उल्लेखनीय है कि काबो वर्डे ने पूरे ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं गँवाया — स्पेन और सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ, जबकि उरुग्वे के साथ मुकाबला 2-2 से बराबर रहा।
स्कालोनी की चेतावनी और काबो वर्डे की तारीफ
स्कालोनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में काबो वर्डे की रणनीतिक क्षमता को खुलकर सराहा। उन्होंने कहा कि यह टीम सिर्फ किस्मत से यहाँ नहीं पहुँची है — उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह जगह अर्जित की है। कोच के अनुसार, काबो वर्डे का डिफेंस बेहद संगठित है, टीम काउंटर अटैक पर तेज़ी से हमला करती है और पासिंग लेन बंद करने में माहिर है, जिससे विपक्षी टीम के लिए खेल बनाना मुश्किल हो जाता है।
डी पॉल का फाइनल जैसा जज़्बा
अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल ने भी टीम का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जब भी वे राष्ट्रीय जर्सी पहनते हैं, तो पूरे समर्पण और ज़िम्मेदारी के साथ मैदान में उतरते हैं। डी पॉल के अनुसार, टीम इस मुकाबले को एक फाइनल की तरह देख रही है ताकि टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहे।
मौसम भी एक चुनौती
मैच के दौरान मियामी में तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। स्कालोनी ने माना कि दिन की गर्मी चुनौतीपूर्ण है और रात में मैच बेहतर होता, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह स्थिति दोनों टीमों के लिए समान है, इसलिए इसे बहाने के रूप में नहीं लिया जाएगा। शेड्यूल तय है और टीम उसी के अनुसार तैयारी कर रही है।
यह मुकाबला इस मायने में भी अहम है कि अर्जेंटीना जैसी मौजूदा विश्व चैंपियन टीम के सामने काबो वर्डे जैसी उभरती हुई टीम का टिकना यह साबित करेगा कि फुटबॉल की दुनिया में शक्ति-संतुलन तेज़ी से बदल रहा है।