6 अगस्त 2026
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बारुईपुर में सातवीं की छात्रा से छेड़छाड़: दो नाबालिग हिरासत में, जुवेनाइल होम भेजे गए

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बारुईपुर में सातवीं की छात्रा से छेड़छाड़: दो नाबालिग हिरासत में, जुवेनाइल होम भेजे गए

सारांश

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में सातवीं की छात्रा को सड़क पर रोककर छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश — दो नाबालिग हिरासत में, जुवेनाइल होम भेजे गए। यह घटना उसी इलाके में है जहाँ जुलाई में नाबालिग की गैंगरेप-हत्या के बाद मॉब लिंचिंग हुई थी।

मुख्य बातें

बारुईपुर पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को सातवीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया।
घटना बुधवार दोपहर हुई जब पीड़िता स्कूल से अपने छोटे भाई के साथ घर लौट रही थी।
आरोपियों ने पीड़िता का रास्ता रोका, नाम-नंबर माँगा और हाथ खींचकर अगवा करने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध को मौके पर पकड़ा; पुलिस ने शाम तक दूसरे को भी गिरफ्तार किया।
दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल होम भेजा गया; पीड़िता का मेडिकल परीक्षण सरकारी अस्पताल में पूरा।
यह घटना 5 जुलाई 2026 को बारुईपुर के सूर्यपुर में हुई नाबालिग की कथित गैंगरेप-हत्या के एक महीने बाद आई है।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में बारुईपुर पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को दो नाबालिगों को हिरासत में लिया, जिन पर सातवीं कक्षा की एक छात्रा को सड़क पर परेशान करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से हिरासत में लेकर जुवेनाइल होम भेज दिया गया है।

घटनाक्रम: क्या हुआ बुधवार दोपहर

यह घटना बुधवार दोपहर उस समय हुई जब पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। दो नाबालिग संदिग्धों ने पहले उसका पीछा किया, फिर रास्ता रोककर उसके साथ बदतमीजी की और उसका नाम व मोबाइल नंबर माँगा।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक आरोपी ने पीड़िता का हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती खींचा और वहाँ से ले जाने की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और संदिग्धों में से एक को मौके पर ही पकड़ लिया।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़िता के परिवार ने बारुईपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। बुधवार शाम तक दूसरे संदिग्ध को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बारुईपुर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में पूरा कर लिया गया है।

पीड़िता की माँ की माँग

लड़की की माँ ने सार्वजनिक सुरक्षा में हुई इस चूक पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'वे सड़क के बीचों-बीच उसे धक्का-मुक्की कर रहे थे। मेरी बेटी बहुत डरी हुई थी और जल्दी से घर भागने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उन्होंने उसका रास्ता रोक लिया, उसका फोन नंबर माँगा और उसका हाथ खींचा। अगर सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी घटनाएँ खुलेआम होती हैं, तो युवा लड़कियों की सुरक्षा कहाँ है? हम कानून के तहत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग करते हैं।'

बारुईपुर में बढ़ती सुरक्षा चिंताएँ: पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बारुईपुर पहले से ही एक गंभीर मामले के कारण सुर्खियों में था। 5 जुलाई 2026 को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव स्थानीय तालाब से बरामद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर गैंगरेप और हत्या का मामला था।

उस घटना के बाद भड़की भीड़ ने मॉब लिंचिंग की, जिसमें इंद्रजीत मंडल नामक एक निर्दोष व्यक्ति की गलतफहमी में जान चली गई। उस मामले में पुलिस ने चार मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक प्रवास मंडल हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में महिला सुरक्षा से जुड़ी दूसरी बड़ी घटना है, जो एक महीने से भी कम समय में सामने आई है। दोनों आरोपी नाबालिगों को जुवेनाइल न्याय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब स्कूली छात्रा से सरेराह छेड़छाड़ — यह संकेत देती हैं कि इस इलाके में महिला सुरक्षा का ढाँचा बुनियादी रूप से कमज़ोर है। मॉब लिंचिंग में एक निर्दोष की मौत यह भी दर्शाती है कि जब पुलिस तंत्र पर भरोसा डगमगाता है, तो भीड़ न्याय अपने हाथ में ले लेती है — जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन घटनाओं को अलग-थलग मामलों के रूप में देखेगा, या क्षेत्र में महिला सुरक्षा की व्यापक समीक्षा होगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर छेड़छाड़ मामले में क्या हुआ?
दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में बुधवार दोपहर दो नाबालिगों ने सातवीं कक्षा की एक छात्रा का स्कूल से घर लौटते समय रास्ता रोका, उसके साथ बदतमीजी की और उसे जबरदस्ती खींचकर ले जाने की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ा और पुलिस ने शाम तक दूसरे को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी नाबालिगों को क्या सज़ा मिलेगी?
दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत जुवेनाइल होम भेजा गया है। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जुवेनाइल न्याय प्रक्रिया के अंतर्गत होगी।
बारुईपुर में इससे पहले क्या बड़ी घटना हुई थी?
5 जुलाई 2026 को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव तालाब से बरामद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर गैंगरेप और हत्या का मामला था। इस घटना के बाद भड़की भीड़ ने मॉब लिंचिंग की, जिसमें इंद्रजीत मंडल नामक एक निर्दोष की जान गई थी।
पीड़िता के परिवार ने क्या माँग की है?
पीड़िता की माँ ने सार्वजनिक सुरक्षा में हुई चूक पर गहरी चिंता जताते हुए कानून के तहत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की माँग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी घटनाएँ खुलेआम होती हैं, तो युवा लड़कियों की सुरक्षा कहाँ है।
क्या पीड़िता को चिकित्सा सहायता मिली?
हाँ, पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में पूरा कर लिया गया है। परिवार ने बारुईपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
राष्ट्र प्रेस
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