बारुईपुर में सातवीं की छात्रा से छेड़छाड़: दो नाबालिग हिरासत में, जुवेनाइल होम भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में बारुईपुर पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को दो नाबालिगों को हिरासत में लिया, जिन पर सातवीं कक्षा की एक छात्रा को सड़क पर परेशान करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से हिरासत में लेकर जुवेनाइल होम भेज दिया गया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ बुधवार दोपहर
यह घटना बुधवार दोपहर उस समय हुई जब पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। दो नाबालिग संदिग्धों ने पहले उसका पीछा किया, फिर रास्ता रोककर उसके साथ बदतमीजी की और उसका नाम व मोबाइल नंबर माँगा।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक आरोपी ने पीड़िता का हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती खींचा और वहाँ से ले जाने की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और संदिग्धों में से एक को मौके पर ही पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता के परिवार ने बारुईपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। बुधवार शाम तक दूसरे संदिग्ध को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बारुईपुर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में पूरा कर लिया गया है।
पीड़िता की माँ की माँग
लड़की की माँ ने सार्वजनिक सुरक्षा में हुई इस चूक पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'वे सड़क के बीचों-बीच उसे धक्का-मुक्की कर रहे थे। मेरी बेटी बहुत डरी हुई थी और जल्दी से घर भागने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उन्होंने उसका रास्ता रोक लिया, उसका फोन नंबर माँगा और उसका हाथ खींचा। अगर सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी घटनाएँ खुलेआम होती हैं, तो युवा लड़कियों की सुरक्षा कहाँ है? हम कानून के तहत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग करते हैं।'
बारुईपुर में बढ़ती सुरक्षा चिंताएँ: पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बारुईपुर पहले से ही एक गंभीर मामले के कारण सुर्खियों में था। 5 जुलाई 2026 को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव स्थानीय तालाब से बरामद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर गैंगरेप और हत्या का मामला था।
उस घटना के बाद भड़की भीड़ ने मॉब लिंचिंग की, जिसमें इंद्रजीत मंडल नामक एक निर्दोष व्यक्ति की गलतफहमी में जान चली गई। उस मामले में पुलिस ने चार मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक प्रवास मंडल हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में महिला सुरक्षा से जुड़ी दूसरी बड़ी घटना है, जो एक महीने से भी कम समय में सामने आई है। दोनों आरोपी नाबालिगों को जुवेनाइल न्याय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।