मध्य प्रदेश में हर हाथ को काम और हर खेत को पानी देने का संकल्प: मुख्यमंत्री मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- हर हाथ को काम और हर खेत को पानी देने का संकल्प।
- हरदा में कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधाएं।
- लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की सहायता।
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन में वृद्धि।
- प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन।
हरदा, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर हाथ को काम मिले और हर खेत को पानी मिले। मुख्यमंत्री यादव ने बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केंद्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हरदा जिले ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि हरदा में 100 प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन कल्याण के लिए चार विशेष श्रेणियां निर्धारित की हैं - गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण। राज्य सरकार इन सभी वर्गों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य सबसे तेज़ है। इसके अलावा, लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता दी जा रही है। यदि बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी, तो उन्हें अलग से 5000 रुपए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं और बहनों का बड़ा सम्मान है। भविष्य के लिए बेहतर शिक्षा की दिशा में, हरदा में तीन सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए गए हैं। बच्चों को नि:शुल्क किताबें, साइकिल और दूध के पैकेट दिए जा रहे हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने विकास कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में कृषि यंत्र की दुकानें (कस्टम हायरिंग सेंटर) खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भगवान बलराम किसान भाइयों के आदर्श हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष मनाने की शुरुआत की है। खेती के साथ-साथ बागवानी और पशुपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।
उन्हेंने कहा कि हरदा के किसानों को अब केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन से लाभ कमाने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार किसानों को गेहूं का उचित दाम दिलाने के प्रति प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है, जिसमें 40 रुपए का बोनस शामिल है। जल्द ही हम किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नरवाई का उचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को नरवाई जलाने से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, क्योंकि इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होती है। प्राकृतिक खेती के उत्पादों को मंडी में बेचने के लिए विशेष प्रबंधन किया जा रहा है। लघु किसानों को उन्नत कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में किसान सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।