मध्य प्रदेश: बेटियों की पूजा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश में बेटियों का सम्मान एवं पूजा अनोखी परंपरा है।
- लाड़ली लक्ष्मी योजना से लिंगानुपात में सुधार हुआ है।
- सरकार बेटियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
दमोह, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत में मध्य प्रदेश ऐसा अनोखा राज्य है, जहाँ बेटियों का जन्म से लेकर आजीवन सम्मान एवं पूजा की जाती है। दमोह के हटा जिले में आयोजित नारी सशक्तिकरण सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जहाँ बेटियों को जीवनभर पूजा जाता है, वह केवल और केवल अपना मध्य प्रदेश है। नारी हमेशा पूजनीय है। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर सम्मानित करते हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए अत्यंत समर्पित है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर एक मजबूत साथी बनकर उनके साथ खड़ी हैं।
उन्होंने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के चलते प्रदेश में लिंगानुपात में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। इसके साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक बदलाव आया है। लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि की नई लहर आ रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने एक क्लिक के माध्यम से दमोह जिले के लिए ४०५ करोड़ ५८ लाख रुपए से अधिक की लागत वाले १३ विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की बैठक में २७ हजार ५०० करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री यादव ने हाल में सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन का टीकाकरण शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने सभी माताओं और बहनों से अपील की कि अपनी १४ वर्ष से अधिक उम्र की बेटियों को यह टीका लगवाएं और अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें।
उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे हमारी बेटियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली हटा की ८ बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को भी लाभ वितरित किया।