2 सितंबर 2026
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हलछठ और बलराम जयंती 2026: मोहन यादव, केशव मौर्य समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

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हलछठ और बलराम जयंती 2026: मोहन यादव, केशव मौर्य समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

सारांश

हलछठ और बलराम जयंती पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं। मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव का जिक्र किया, केशव मौर्य ने किसानों की कृतज्ञता का आह्वान किया — धार्मिक पर्व पर राजनीतिक संदेश स्पष्ट था।

मुख्य बातें

2 सितंबर 2026 को हलछठ और भगवान बलराम जयंती के अवसर पर कई वरिष्ठ नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव का उल्लेख करते हुए किसान सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पर्व को कृषि, श्रम और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी अन्नदाता किसानों की समृद्धि की कामना की।
हलषष्ठी भाद्रपद कृष्ण षष्ठी को मनाया जाता है; भगवान बलराम को 'हलधर' भी कहा जाता है।

भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलराम की जयंती और पावन हलछठ पर्व के अवसर पर 2 सितंबर 2026 को देशभर के कई वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों व मंत्रियों ने इस पर्व को कृषि, श्रम और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक बताते हुए किसानों के सम्मान में संदेश साझा किए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का संदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भगवान बलराम के आदर्शों और कृषक जीवन के प्रति उनकी परायणता से प्रेरित बलराम कृषि महोत्सव मध्य प्रदेश के अन्नदाता किसानों के सम्मान, सशक्तिकरण और समृद्धि का उत्सव है। परंपरागत कृषि ज्ञान और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से यह महोत्सव किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ते हुए समृद्ध और सशक्त कृषि व्यवस्था के निर्माण का संकल्प है।' यह महोत्सव राज्य में कृषि नवाचार और किसान कल्याण को एक साथ आगे बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का आह्वान

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'समस्त देश और प्रदेशवासियों को शक्ति व पराक्रम के प्रतीक, भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलराम की जयंती और पावन हलछठ पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। हलधर भगवान बलराम का जीवन शक्ति, श्रम, कृषि और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश देता है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यह पर्व नागरिकों को अन्नदाता किसानों के परिश्रम के प्रति कृतज्ञ रहने और प्रकृति संरक्षण का भाव जगाने की सीख देता है। मौर्य ने यह भी कामना की कि भगवान बलराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो तथा किसानों के खेत सदैव लहलहाते रहें।

बिहार के नेताओं की शुभकामनाएं

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, 'शौर्य, पराक्रम और शक्ति के प्रतीक भगवान बलराम के जन्मोत्सव हलषष्ठी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बलराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास हो।' वहीं, बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, 'अन्नदाता किसानों के आराध्यदेव और भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता हलधर भगवान बलराम की जयंती और पावन पर्व हलछठ की आप सभी को हार्दिक बधाई। भगवान बलराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारे अन्नदाता किसान सदैव समृद्ध और खुशहाल रहें।'

पर्व का महत्व

हलछठ पर्व — जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं — भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत और मध्य भारत में कृषि समुदायों के बीच अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुख के लिए व्रत रखती हैं। गौरतलब है कि भगवान बलराम को हल और मूसल धारण करने के कारण 'हलधर' भी कहा जाता है, जो कृषि संस्कृति से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकता बता रही हैं। मध्य प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव जैसी पहल इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। नेताओं के इन संदेशों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ कृषि नीति और किसान सशक्तिकरण का स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी निहित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ इस तरह के संदेश राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। सवाल यह है कि शुभकामनाओं से आगे बढ़कर किसानों की वास्तविक आय और कृषि संकट पर ठोस नीतिगत कदम कब उठाए जाएंगे।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हलछठ पर्व क्या है और यह कब मनाया जाता है?
हलछठ — जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं — भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान बलराम की जयंती के रूप में मनाया जाता है और उत्तर व मध्य भारत में कृषि समुदायों में विशेष महत्व रखता है।
भगवान बलराम को 'हलधर' क्यों कहा जाता है?
भगवान बलराम अपने प्रमुख आयुध हल और मूसल के कारण 'हलधर' कहलाते हैं। यह कृषि संस्कृति से उनके गहरे जुड़ाव का प्रतीक है, इसीलिए किसान उन्हें अपना आराध्यदेव मानते हैं।
मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के बारे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव परंपरागत कृषि ज्ञान और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ने का संकल्प है। उन्होंने इसे राज्य के अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण का उत्सव बताया।
इस पर्व पर किन-किन नेताओं ने शुभकामनाएं दीं?
हलछठ और बलराम जयंती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुभकामनाएं दीं।
हलछठ पर्व का किसानों से क्या संबंध है?
हलछठ पर्व कृषि और किसान जीवन से सीधे जुड़ा है क्योंकि भगवान बलराम को कृषि के देवता माना जाता है। यह पर्व अन्नदाता किसानों के परिश्रम के प्रति कृतज्ञता और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है।
राष्ट्र प्रेस
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