31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बलूचिस्तान: केच जिले में पाकिस्तानी बलों पर तीन नागरिकों को जबरन लापता करने का आरोप, 16 वर्षीय छात्र भी शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बलूचिस्तान: केच जिले में पाकिस्तानी बलों पर तीन नागरिकों को जबरन लापता करने का आरोप, 16 वर्षीय छात्र भी शामिल

सारांश

बलूचिस्तान के केच जिले से एक बार फिर जबरन गुमशुदगी की खबरें — इस बार तीन नागरिक, जिनमें एक 16 वर्षीय छात्र भी है। BVJ के अनुसार अदील बलूच का शव तीन दिन बाद मिला। ये घटनाएँ बलूचिस्तान में दशकों से चले आ रहे मानवाधिकार संकट की ताज़ा कड़ी हैं।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान के केच जिले में पाकिस्तानी बलों पर तीन नागरिकों को जबरन गायब करने का आरोप, जिनमें 16 वर्षीय शमशेर अहमद भी शामिल है।
अकरम को FC दस्तावेज़ जमा करते समय कथित खुफिया कर्मियों ने अगवा किया — वह अपने परिवार का चौथा जबरन लापता युवक है।
हनीफ को बुधवार को सोराग से कथित तौर पर हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) के अनुसार अदील बलूच का शव 23 अक्टूबर को जबरन गायब होने के तीन दिन बाद सेरनकिन से बरामद हुआ।
पाकिस्तान सरकार या सेना ने इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बलूचिस्तान के केच जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर तीन नागरिकों को जबरन गायब करने का गंभीर आरोप लगाया गया है — जिनमें 16 वर्षीय एक छात्र भी शामिल है। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्टों के अनुसार ये घटनाएँ अलग-अलग समय पर घटित हुईं और अब तक तीनों का ठिकाना अज्ञात बना हुआ है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में गैर-न्यायिक हत्याओं और जबरन गुमशुदगी की घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ रही है।

अकरम का मामला: परिवार के चौथे युवक की गुमशुदगी

द बलूचिस्तान पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अकरम नाम के एक नागरिक को सोमवार को कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया कर्मियों द्वारा जबरन गायब कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, फ्रंटियर कोर (FC) के कर्मियों ने परिवार को अपने लापता रिश्तेदारों के राष्ट्रीय पहचान पत्र और स्थानीय निवास प्रमाण पत्र FC शिविर में जमा करने को कहा था। जब अकरम दो अन्य परिवार के सदस्यों के साथ दस्तावेज़ लेकर जा रहा था, तो एक कार में सवार अज्ञात लोगों ने उसे जबरन उठा लिया — शेष दोनों को जाने दिया गया। सूत्रों का आरोप है कि ये लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे। गौरतलब है कि अकरम हाल के दिनों में अपने परिवार का जबरन गायब होने वाला चौथा युवक बना है।

तुरबत में 16 वर्षीय छात्र को बंदूक की नोक पर उठाया

एक अलग मामले में, केच के तुरबत क्षेत्र में मुनीर अहमद नादिल के 16 वर्षीय पुत्र शमशेर अहमद को कथित तौर पर उसके घर में घुसकर बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि इसमें शामिल लोग राज्य-समर्थित 'डेथ स्क्वाड' से संबंधित थे। शमशेर का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

सोराग निवासी हनीफ की कथित हिरासत

इसी क्रम में, पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को केच के सोराग निवासी हनीफ को कथित तौर पर हिरासत में लेकर एक अज्ञात स्थान पर ले जाया। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार उसका ठिकाना अभी तक नहीं जाना जा सका है।

अदील बलूच की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप

इन गुमशुदगी की घटनाओं के साथ-साथ गुरुवार को मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा दो और बलूच नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या की गई। मानवाधिकार संस्था बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बताया कि अदील बलूच का शव 23 अक्टूबर को केच जिले के सेरनकिन क्षेत्र से बरामद किया गया — उसके जबरन गायब होने के मात्र तीन दिन बाद।

BVJ के अनुसार, अदील और तीन अन्य युवकों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और कथित राज्य-समर्थित मौत के दस्तों द्वारा कोहर बाज़ार में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया था। परिवारों का कहना है कि उन्हें अज्ञात स्थानों पर ले जाने के बाद उनके ठिकाने या सुरक्षा के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।

बलूचिस्तान में बढ़ती गुमशुदगी: व्यापक संदर्भ

ये ताज़ा घटनाएँ बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याओं के उस दीर्घकालिक पैटर्न का हिस्सा हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन वर्षों से दर्ज करते आए हैं। पाकिस्तान सरकार और सेना ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। आलोचकों का कहना है कि जवाबदेही के अभाव में यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान इन मामलों में कोई पारदर्शी जाँच का आदेश देता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि दमन की परिधि और संकरी होती जा रही है। पाकिस्तान सरकार की ओर से लगातार चुप्पी यह संदेश देती है कि जवाबदेही का कोई तंत्र फ़िलहाल सक्रिय नहीं है। जब तक स्वतंत्र जाँच और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया नहीं होती, ये आँकड़े महज़ खबर बनकर रह जाएँगे — न्याय नहीं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की ताज़ा घटनाएँ क्या हैं?
केच जिले में पाकिस्तानी बलों पर तीन नागरिकों — अकरम, 16 वर्षीय शमशेर अहमद और हनीफ — को जबरन गायब करने का आरोप है। तीनों का ठिकाना अब तक अज्ञात है।
अकरम को कैसे अगवा किया गया?
रिपोर्टों के अनुसार अकरम FC शिविर में दस्तावेज़ जमा करने जा रहा था, तभी कथित खुफिया कर्मियों ने उसे कार में जबरन उठा लिया। वह अपने परिवार का जबरन लापता होने वाला चौथा युवक बताया जा रहा है।
अदील बलूच की मौत के बारे में क्या जानकारी है?
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) के अनुसार अदील बलूच को कोहर बाज़ार छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया था और 23 अक्टूबर को उसका शव सेरनकिन क्षेत्र से गुमशुदगी के तीन दिन बाद बरामद हुआ।
पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अब तक पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मानवाधिकार संगठन स्वतंत्र जाँच की माँग करते रहे हैं।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी का मुद्दा कितना पुराना है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ दशकों से दर्ज होती आई हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन और संयुक्त राष्ट्र समितियाँ इसे एक सुव्यवस्थित पैटर्न के रूप में चिह्नित करती हैं, जिसमें जवाबदेही का अभाव बड़ी चुनौती बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले