बलूचिस्तान: केच जिले में पाकिस्तानी बलों पर तीन नागरिकों को जबरन लापता करने का आरोप, 16 वर्षीय छात्र भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान के केच जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर तीन नागरिकों को जबरन गायब करने का गंभीर आरोप लगाया गया है — जिनमें 16 वर्षीय एक छात्र भी शामिल है। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्टों के अनुसार ये घटनाएँ अलग-अलग समय पर घटित हुईं और अब तक तीनों का ठिकाना अज्ञात बना हुआ है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में गैर-न्यायिक हत्याओं और जबरन गुमशुदगी की घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ रही है।
अकरम का मामला: परिवार के चौथे युवक की गुमशुदगी
द बलूचिस्तान पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अकरम नाम के एक नागरिक को सोमवार को कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया कर्मियों द्वारा जबरन गायब कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, फ्रंटियर कोर (FC) के कर्मियों ने परिवार को अपने लापता रिश्तेदारों के राष्ट्रीय पहचान पत्र और स्थानीय निवास प्रमाण पत्र FC शिविर में जमा करने को कहा था। जब अकरम दो अन्य परिवार के सदस्यों के साथ दस्तावेज़ लेकर जा रहा था, तो एक कार में सवार अज्ञात लोगों ने उसे जबरन उठा लिया — शेष दोनों को जाने दिया गया। सूत्रों का आरोप है कि ये लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे। गौरतलब है कि अकरम हाल के दिनों में अपने परिवार का जबरन गायब होने वाला चौथा युवक बना है।
तुरबत में 16 वर्षीय छात्र को बंदूक की नोक पर उठाया
एक अलग मामले में, केच के तुरबत क्षेत्र में मुनीर अहमद नादिल के 16 वर्षीय पुत्र शमशेर अहमद को कथित तौर पर उसके घर में घुसकर बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि इसमें शामिल लोग राज्य-समर्थित 'डेथ स्क्वाड' से संबंधित थे। शमशेर का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
सोराग निवासी हनीफ की कथित हिरासत
इसी क्रम में, पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को केच के सोराग निवासी हनीफ को कथित तौर पर हिरासत में लेकर एक अज्ञात स्थान पर ले जाया। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार उसका ठिकाना अभी तक नहीं जाना जा सका है।
अदील बलूच की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप
इन गुमशुदगी की घटनाओं के साथ-साथ गुरुवार को मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा दो और बलूच नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या की गई। मानवाधिकार संस्था बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बताया कि अदील बलूच का शव 23 अक्टूबर को केच जिले के सेरनकिन क्षेत्र से बरामद किया गया — उसके जबरन गायब होने के मात्र तीन दिन बाद।
BVJ के अनुसार, अदील और तीन अन्य युवकों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और कथित राज्य-समर्थित मौत के दस्तों द्वारा कोहर बाज़ार में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया था। परिवारों का कहना है कि उन्हें अज्ञात स्थानों पर ले जाने के बाद उनके ठिकाने या सुरक्षा के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।
बलूचिस्तान में बढ़ती गुमशुदगी: व्यापक संदर्भ
ये ताज़ा घटनाएँ बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याओं के उस दीर्घकालिक पैटर्न का हिस्सा हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन वर्षों से दर्ज करते आए हैं। पाकिस्तान सरकार और सेना ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। आलोचकों का कहना है कि जवाबदेही के अभाव में यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान इन मामलों में कोई पारदर्शी जाँच का आदेश देता है या नहीं।